बीमा की मांग / शिक्षकों का 50 लाख रुपए बीमा कराने की मांग

Demand for insurance of teachers for 50 lakh rupees
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Demand for insurance of teachers for 50 lakh rupees

  • कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सुरक्षा संबंधित सामग्री व किट की मांग, टीचर्स एसोसिएशन साैंपा ज्ञापन

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

कवर्धा. छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन के नाम ज्ञापन सौंपकर कोरोना संबंधी विभिन्न कार्य में ड्यूटी कर रहे शिक्षकों का 50 लाख रुपए बीमा करने की मांग किया है। कलेक्टर की ओर से एडिशनल कलेक्टर जेके ध्रुव ने ज्ञापन स्वीकार किया। रमेश चन्द्रवंशी ने बताया कि देश के अन्य राज्यों से प्रदेश के कामगार व मजदूर को जिले के विभिन्न गांव, ग्राम पंचायत, ब्लाॅक मुख्यालय व नगर के क्वारेंटाइन सेंटर में रखा जा रहा हैं। इन सेंटरों में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। विभिन्न प्रदेशों से जिले में आने वाले प्रवासी श्रमिकों को रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, राजनांदगांव आदि स्थानों से जिले में लाने नोडल अधिकारी व वाहन प्रभारी सहित कोरोना संबंधी अन्य कार्य में भी ड्यूटी भी कराया जा रहा। इन कार्यों से शिक्षकों को कोरोना संक्रमण का खतरा है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य कर्मियों की तरह प्रभावित होने वाले शिक्षकों का भी ~50 लाख के बीमा प्रावधान किया जाना आवश्यक है। ज्ञापन सौंपने के दौरान कवर्धा एसडीएम विपुल गुप्ता तथा एसोसिएशन के पदाधिकारी केशलाल साहू, वकील बेग मिर्जा, गोकुल जायसवाल एवं राजकिरण चन्द्रवंशी उपस्थित रहे।
नोडल व वाहन प्रभारी के लिए अलग से वाहन की मांग
बाहर से आने वाले श्रमिकों व अन्य व्यक्तियों को लाने के लिए शिक्षकों की ड्यूटी नोडल अधिकारी व वाहन प्रभारी के रूप में लगाया जा रहा है, जिन्हें प्रवासी श्रमिकों के साथ रायपुर, राजनांदगांव, बिलासपुर, भाठापारा आदि स्थान से एक ही वाहन में कवर्धा तक आना पड़ रहा है। इससे कोरोना संक्रमण का खतरा है। कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षा के लिए नोडल अधिकारी व वाहन प्रभारी के रूप में ड्यूटी कर रहे शिक्षकों के आने-जाने के लिए अलग से वाहन व्यवस्था की मांग की गई है। साथ ही सुरक्षित तरीके से भोजन की व्यवस्था की मांग किया। 
अलग-अलग प्रकार के आदेश/निर्देश से परेशानी 
क्वारेंटाइन सेंटर में ड्यूटी कर रहे शिक्षकों के लिए अधिकारियों व संस्था प्रमुख प्राचार्य, प्रधानपाठक, पंचायत सचिव द्वारा अलग-अलग प्रकार के आदेश, निर्देश प्रसारित करते हुए सेंटरों में विभिन्न पालियों में 6 से 8 घंटे तक उपस्थित रहने का निर्देश दिया जा रहा है। शिक्षकों को सुरक्षा की दृष्टि से सेंटर स्कूल या अन्य भवन के परिसर के बाहर पेड़ आदि के छांव में रहकर ही ड्यूटी करना पड़ रहा। शिक्षकों को सौंपे गए कार्य को 6 से 8 घंटा रुके बगैर कम समय में ही किया जा सकता है। एसोसिएशन ने मांग किया कि जिले भर में एकरूपता निर्देश जारी किया जाए।  

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