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खत्म हुई संवेदनाएं:भोपाल से शव लेकर आ रहे थे परिजन, बॉर्डर पर 8 घंटे रोका, मृतक की बेटी मिली पॉजिटिव

कवर्धाएक दिन पहले
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  • कोरोना का ऐसा डर कि कफन-दफन के लिए अपनी मिट्टी तक नसीब नहीं हुई
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भोपाल (मध्यप्रदेश) से एक बुजुर्ग का शव लेकर छग आ रहे परिजन को शनिवार सुबह लगभग 10 बजे चिल्फी बॉर्डर पर रोक दिया गया। रोकने के बाद प्रशासनिक टीम उन्हें सामुदायिक अस्पताल बोड़ला ले आई। यहां शव लेकर आए 11 लोगों की कोविड जांच हुई। मृतक की बेटी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जांजगीर प्रशासन को जब रिपोर्ट का पता चला, तो उन्होंने परिजन को जांजगीर आने की अनुमति नहीं दी। ऐसे में कबीरधाम जिला प्रशासन को मजबूरन परिजन को बुजुर्ग के शव को वापस ले जाने कहा गया। लेकिन परिजन जांजगीर में ही शव का कफन-दफन करने की जिद पर अड़े थे। बुजुर्ग का शव गाड़ी में ही रखा था। प्रशासनिक अधिकारियों और मृतक के परिजन के वाद-विवाद के चलते करीब 8 घंटे तक शव को सामुदायिक अस्पताल बोड़ला में रोककर रखना पड़ा। आखिरकार फास्टरपुर (मुंगेली) में शव के अंतिम संस्कार कराने पर सहमति बनी। मुंगेली कलेक्टर से चर्चा कर शव को दफनाने के लिए फास्टरपुर भेजा गया। वहीं कोरोना पॉजिटिव मिली मृतक की बेटी को कोविड केयर सेंटर कबीरधाम में शिफ्ट कराया गया है ।

भोपाल में रहते हैं बेटी-दामाद, वहीं शादी समारोह में शामिल होने गया था मृतक, तबीयत बिगड़ी
मृतक के परिजन प्रशांत कौशिक ने बताया कि मृतक के बेटी-दामाद भोपाल (मप्र) में रहते हैं। भोपाल में शादी समारोह था, जहां शामिल होने के लिए मृतक व परिवार के अन्य सदस्य गए हुए थे। 30 जुलाई की रात को अचानक तबीयत बिगड़ने पर बुजुर्ग की मौत हो गई । भोपाल प्रशासन से ई-पास जारी होने पर शव को लेकर जांजगीर आ रहे थे, लेकिन चिल्फी बॉर्डर पर रोक दिया। अधिकारी कह रहे हैं कि जांजगीर कलेक्टर का आदेश है कि इन्हें आगे आने न दिया जाए। सुबह 10 बजे से यहां रुके हुए हैं। मौत को लगभग 48 घंटे हो चुके हैं। बुजुर्ग के शव को कफन-दफन के लिए घर नहीं ले जाने दिया जा रहा है । यह शासन का कैसा नियम है, जो यहां बैठाकर रख दिया गया है ।

बेटी बोली- पापा ने कहा था मुझे घर ले जाना...
बुजुर्ग पिता का शव गाड़ी में रखा था। इधर मृतक की बेटी बिलखते हुए बोड़ला एसडीएम विनय सोनी से गुहार लगा रही थी। बिलखते हुए वह कह रही थी कि पापा ने मरते-मरते कहा था कि मुझे घर ले जाना । 50 घंटे हो गए उनकी मौत को, लाश सड़ जाएगी साहब..।

डेथ सर्टिफिकेट के बिना ला रहे थे बॉडी
जांजगीर चांपा कलेक्टर यशवंत कुमार का कहना है कि जो आ रहे हैं, उन्होंने हमसे परमिशन नहीं ली है। उनके पास कोरबा जिले का ही पास है। उन्होंने लिखित में दिया है कि उनके साथ कोविड पॉजिटिव उनकी बेटी भी आ रही है। हमने उन्हें मना किया है। इसके बाद भी वे आ रहे हैं। उनके पास मृतक का डेथ सर्टिफिकेट भी नहीं है। यदि उनकी डेथ कोविड से हुई होगी, तो हमारे जिले के लिए समस्या बढ़ जाएगी। इसलिए उन्हें जिले में आने की अनुमति नहीं दी गई है।
कोविड-19 से जुड़ा मामला इसलिए बरत रहे एहतियात
कबीरधाम कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने बताया कि मुझे मिली जानकारी के मुताबिक जांजगीर जिला प्रशासन ने परिजन को जांजगीर आने की अनुमति नहीं दी है। कोविड- 19 से जुड़ा हुआ मामला है, इसलिए हम एहतियात बरत रहे हैं। शव का कफन-दफन मुंगेली जिले के फास्टरपुर में करने को लेकर सहमति बनी है। इस संबंध में मुंगेली कलेक्टर से मेरी बात भी हो चुकी है। शव के साथ आए एक परिजन कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। उसे हमने महराजपुर कोविड केयर में शिफ्ट किया है।

रिकवरी रेट 13.59% गिरा, 69.11% पर पहुंचा
कबीरधाम जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना मरीजों के कारण रिकवरी रेट (कुल पाए गए मरीजों और डिस्चार्ज हुए मरीजों की संख्या में अंतर) में गिरावट आई है। एक दिन पहले जिले में 16 कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिससे रिकवरी रेट 13.59% गिरकर 69.11% पहुंच गया है। जबकि इससे पहले 82.70% था। जिले में अभी कोरोना के कुल 204 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 141 मरीज डिस्चार्ज हो गए हैं। अब भी 63 एक्टिव केस हैं। इधर एहतियात बरता जा रहा है।

चिल्फी बॉर्डर पर 24 घंटे पुलिस की तैनाती
कोरोना के चलते मध्यप्रदेश-छग बॉर्डर पर धवईपानी (चिल्फी) में पुलिस जवान 24 घंटे तैनात है। बॉर्डर पर आने- जाने वाली गाड़ियों की जांच की जा रही है। चेकिंग के दौरान ही भोपाल (मप्र) से शव लेकर आ रहे परिजन को रोका गया और प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी सूचना दी। गनीमत रही कि पुलिसकर्मियों ने गाड़ी को छुआ नहीं। अन्यथा उन्हें भी कोविड जांच कराना पड़ जाता। इधर जिले में कोरोना पॉजिटिव के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं इसे लेकर एहतियात बरत रहे हैं।

सहमति बनी फिर देर शाम 7.30 बजे जाने दिया
फास्टरपुर (मुंगेली) में बुजुर्ग के शव का कफन-दफन कराने पर सहमति बनी। मुंगेली कलेक्टर से अनुमति के बाद देर शाम साढ़े 7 बजे परिजन को शव लेकर रवाना किया गया। उनके साथ पुलिस व प्रशासन की टीम भी फास्टरपुर गई। जहां कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए शव का कफन-दफन किया गया। नियमों के फेर में परिजन परेशान हुए।

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