किसानों से की अपील:दान में मिले पैरे से गौठानों में होगी चारे की व्यवस्था

कवर्धाएक महीने पहले
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  • धान कटाई के बाद पैरा के लिए सभी गौठान समितियों को दिए निर्देश, बीते साल भी किए थे दान

जिले में धान की कटाई शुरू हो गई है। इस साल भी इसी पैरा को शासन ने किसानों से दान करने अपील की है। गांवों में पशुधन के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सुराजी गांव योजना के तहत गौठान बनाए गए है। जहां गौधन के चारे एवं पानी का निःशुल्क इंतजाम गौठान समितियों ने किया है।

पशुधन के लिए गौठानों में सूखे चारे का पर्याप्त इंतजाम हो सके इसके लिए किसानों से आग्रह है कि धान की कटाई के बाद खेतों में पैरा को जलाने की बजाय अपने गांव की गौठान समिति को बीते वर्ष तरह इस साल भी पैरा दान करें। इससे गोधन के लिए चारे का इंतजाम करने में समितियों को आसानी होगी। मुख्यमंत्री ने गोधन के चारे के लिए सर्वाधिक पैरा दान करने वाले किसान व सर्वाधिक पैरा एकत्र करने वाली गौठान प्रबंध समिति को ब्लाॅक स्तर पर पुरस्कृत व सम्मानित किए जाने के निर्देश भी दिए हैं।

पैरा दान के लिए कलेक्टर को दिए हैं निर्देश: कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने गौठानों में पैरा दान से चारे की व्यवस्था के लिए कलेक्टर को भेजे अपने पत्र में कहा है कि राज्य में धान फसल की कटाई बहुतायत रूप से कंबाइन हार्वेस्टर से की जाती है। इससे पैरा खेतों में फैल जाता है। इस पैरा को आमतौर पर किसान एकत्र करने के बजाय जला देते है। इससे पर्यावरण प्रदूषित होता है और पशुओं के लिए चारा भी उपलब्ध नहीं हो पाता है।

उन्होंने कलेक्टर को धान फसल की कटाई के बाद खेतों में फैले हुए पैरे को सुविधानुसार एकत्र कराए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। इसके लिए कल्टीवेटर के पीछे तार जाली लगाकर या देशी यंत्र कोपर से खेतों में फैले हुए पैरा को एकत्र कराने तथा बंडल बनवाकर गौठानों में सुरक्षित रूप से रखवाए जाने को कहा है। उन्होंने गौठान प्रबंधन समिति को गौठानों में आने वाले पशुओं की संख्या के हिसाब से पैरा की व्यवस्था करने कहा है।

समितियों के लिए 40-40 हजार रुपए मंजूर
गौठानों में पशुधन के चारे की व्यवस्था के लिए गौठान समितियों को 40-40 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की है। राज्य के 6200 गौठानों के लिए कृषि मंत्रालय ने 40 हजार रुपए के मान से कुल 24 करोड़ 80 लाख रुपए की राशि जारी कर दी गई है। इसमें जिले के भी गौठान शामिल हैं। इस राशि से गौठान समिति किसानों द्वारा दान किए गए पैरा के संग्रहण, मजदूरी एवं परिवहन पर व्यय कर सकेगी, ताकि पशुधन के लिए साल भर के लिए सूखे चारे की व्यवस्था गौठानों में हो सके।

स. लोहारा व पंडरिया ब्लॉक सबसे आगे
पैरा दान की शुरुआत बीते वर्ष से की गई है। ऐसे में बीते वर्ष पंडरिया व सहसपुर लोहारा ब्लॉक के किसानों ने पैरा दान करने सबसे आगे रहे हैं। राज्य सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट नरवा, घुरवा और बाड़ी योजना को जिला पंचायत से ऑपरेट किया जा रहा है। बीते वर्ष पैदा दान की शुरुआत सहसपुर लोहारा ब्लॉक के कई गांव से हुई थी। इस वर्ष धान का रकबा कम हुआ है। ऐसे में पैरा कम आने की संभावना है। जिन गांव के गौठान में ज्यादा धान की फसल ली गई है,वहां से दूसरे गांव में पैरा भेजेंगे।

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