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रफ्तार ने ली जान:बाइक पर सवार थे चार लोग, मोड़ पर टक्कर मार रेलिंग से भिड़ा ट्रक, पिता-पुत्र की मौत

कवर्धा16 दिन पहले
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ट्रक के नीचे पड़ा पिता-पुत्र का शव, मासूम को गोद में लिए पति व बेटे के शव को देखती बेबस महिला। - Dainik Bhaskar
ट्रक के नीचे पड़ा पिता-पुत्र का शव, मासूम को गोद में लिए पति व बेटे के शव को देखती बेबस महिला।
  • कुकदूर थाना क्षेत्र में पोलमी बैरियर से 7 किमी दूर हुई घटना, ससुराल से पत्नी व दो बच्चों को लेकर गांव लौट रहा था मृतक

कुकदूर थाना क्षेत्र में पोलमी बैरियर से करीब 7 किलोमीटर दूर मोड़ पर तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से बाइक सवार पिता- पुत्र की मौत हो गई। हादसे में मृतक की पत्नी व उसकी 1 साल की मासूम बच्ची जख्मी हैं। टक्कर के बाद बेकाबू ट्रक रेलिंग से जा भिड़ा। हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर व कंडक्टर फरार हो गए हैं। घटना सुबह करीब 7 बजे की है।

मृतक संजय यादव (28) ग्राम जलदा, डिण्डौरी (मप्र) का रहने वाला था। कुकदूर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत दमगढ़ के आश्रित गांव ताईतिरनी में उसका ससुराल है। यहां वह पत्नी छोटी यादव (25), बेटा कपिल (4) और बेटी निलेश्वरी (1) को लेने आया था। बुधवार सुबह करीब 6 बजे चारों बाइक पर बैठकर अपने गांव जलदा लौट रहे थे।

तभी पोलमी से करीब 7 किमी दूर कुकदूर- बजाग (मप्र) अंतरराज्यीय सड़क के पहले मोड़ पर दुर्घटना का शिकार हो गए। सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को टक्कर मारते हुए रोड किनारे रेलिंग से जा टकराया। हादसे में संजय व उसके बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसकी पत्नी व एक साल की मासूम बच्ची छिटककर दूर जा गिरे, जिससे दोनाें को चोंटें आई है।

मासूम बेटी को गोद में लिए पति व बेटे के शव को बेसुध देखती रही महिला

संजय का शव ट्रक के पिछले चक्के के नीचे पड़ा था। दुर्घटनाग्रस्त बाइक के पास मासूम कपिल का शव पड़ा था। मृतक की पत्नी छोटी यादव के सिर पर चोंट लगने से खून बह रहा था। किसी तरह खुद को संभाला और बेटी को गोद में लिए सड़क किनारे बैठकर अपने पति व बच्चे की लाश देखती रही। मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस से घायल छोटी व उसकी बच्ची को कुकदूर अस्पताल भेजा गया।

हादसे के बाद आरोपी ट्रक ड्राइवर व कंडक्टर फरार, जांच में जुटी पुलिस

हादसे के बाद आरोपी ट्रक ड्राइवर और कंडक्टर फरार हो गए हैं। कुकदूर थाने के टीआई लवकुमार कंवर ने बताया कि ट्रक उत्तरप्रदेश के जौनपुर पासिंग की है। ट्रक को कब्जे में ले लिया गया है। ट्रक के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर इसके ड्राइवर का पता लगाने कोशिश की जा रही है। रजिस्ट्रेशन नंबर आरटीओ को भेज दिया है।

ट्रैफिक नियमों की अनदेखी से हादसा, ये है 3 बड़ी वजह

1. ट्रक की रफ्तार: ट्रैफिक नियमों की अनदेखी के कारण ये हादसा हुआ। हादसे की पहली बड़ी वजह ट्रक की रफ्तार है। कुकदूर- बजाग (मप्र) अंतरराज्यीय मार्ग पर मोड़ आने के बाद भी चालक ने ट्रक की रफ्तार कम नहीं की। तेज गति से ट्रक को मोड़ते हुए बाइक सवारों को अपनी चपेट में ले लिया।

2. बाइक पर चार सवारी : हादसे की दूसरी बड़ी वजह बाइक पर 4 लोगों का सवार होना है। मृतक संजय अपनी पत्नी व दो बच्चो के साथ बाइक पर थे। हेलमेट भी नहीं पहना था। चार सवारी होने के कारण मोड़ पर अचानक ट्रक को सामने से आता देख वह मोटर साइकिल कंट्रोल नहीं कर पाया।

3. सड़क पर इंजीनियरिंग में खामी : कुकदूर- बजाग (मप्र) अंतरराज्यीय सड़क पर इंजीनियरिंग में खामी भी बड़ी वजह है। जहां पर हादसा हुआ, वहां यू- आकार का मोड़ व ढलान दोनों है। रोड किनारे पहाड़ के कारण दूसरी ओर से आने वाली गाड़ियां दिखाई नहीं देती। वहीं रेलिंग भी एक ही ओर बनी है, दूसरी ओर सीधे खाई है।

एक साल में 285 सड़क हादसों में 96 लोगों की मौत ब्लैक स्पॉट चिह्नांकित पर अब तक कोई सुधार नहीं

कबीरधाम जिले में वर्ष 2020 में 285 सड़क हादसे हुए हैं। इनमें 96 लोगों की मौत हुई है। वहीं वर्ष 2019 में कुल 314 सड़क हादसे हुए हैं। इनमें 119 लोगों की मौत हुई है, वहीं 367 लोग घायल हुए हैं। लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे को लेकर ब्लैक स्पॉट पर काम शुरू किया गया। राज्य सड़क सुरक्षा समिति ने वर्ष 2017 से 2019 के बीच हुए हादसों के आधार पर नेशनल हाइवे- 30 पर 5 ब्लैक स्पॉट तय किए हैं।

इन स्पॉट पर 3 साल में 39 रोड एक्सीडेंट हुए और इनमें 26 लोगों की जान गई। हाइवे पर चिह्नांकित ब्लैक स्पॉट वाली जगह पर पर्याप्त संकेतक व साइन बोर्ड लगाए जाने थे। वहीं जिगजैग ब्रेकर भी बनाने की योजना थी। लेकिन दो साल बाद भी इस पर काम शुरू नहीं हो पाया है।

एआईजी संजय शर्मा के नेतृत्व में राज्य सड़क सुरक्षा समिति की टीम ने इन ब्लैक स्पॉट का निरीक्षण किया था। रायपुर से आए नेशनल हाइवे और पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) के इंजीनियर ने सड़कों की तकनीकी खामियां नोट की थी।

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