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गोधन न्याय योजना:गोबर का रेट तय करना है तो फैक्स करें, ई-मेल पर भी मांग रहे सलाह

कवर्धाएक महीने पहले
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  • हरेली के दिन से शुरू होगी योजना, 0771-4094472 नंबर जारी
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छत्तीसगढ़ सरकार ने हरेली से शुरू हाने वाली ‘गोधन न्याय योजना’ को प्रभावी ढंग से लागू करने के संबंध में शासन ने लोगों से सुझाव मंगाए हैं।। कोई भी व्यक्ति या संगठन जो भी सुझाव देना चाहते हैं, वे इस संबंध में छत्तीसगढ़ कृषि विपणन मंडी बोर्ड, मुख्यालय या फैक्स नम्बर 0771-4094472 या ई-मेल mdcgmandiboard@gmail.com पर भेज सकते हैं। 
जिले के पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉ.एनपी मिश्रा ने बताया कि आमतौर पर शासन जब कोई बड़ी योजना शुरू करती है तो लोगों से सलाह लेती है। ऐसे में लोग फैक्स व ई-मेल के माध्यम से सलाह दे सकते हैं। सलाह में गोबर का रेट, पशुओं व गौठान की देखरेख समेत अन्य सलाह दे सकते हैं। वर्तमान समय में कबीरधाम जिले में कुल 74 गौठान है। जिसमें करीब 40 हजार से अधिक मवेशी पहुंच रहे हैं। यहां करीब 27 हजार क्विंटल से ज्यादा का गोबर प्राप्त किया जा चुका है। 
आर्थिक स्थिति मजबूत करना है मुख्य उद्देश्य
गोधन न्याय योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने, गौपालन को बढ़ावा देने और उनकी सुरक्षा और पशुपालकों को आर्थिक रूप से लाभ पहुंचाना है। गोधन न्याय योजना के माध्यम से गौठान को रोजगार उन्मुख बनाने के लिए गोबर का क्रय कर वर्मी कम्पोस्ट तैयार की जाएगी। योजना से ग्रामीण स्तर पर रोजगार के अवसरों में बढ़ोत्तरी के साथ-साथ किसान, भूमिहीन मजदूर एवं समस्त पशुपालकों की आमदनी में निरंतर बढ़ोत्तरी होगी। योजना अंतर्गत जिले में स्थापित 74 गौठानों को प्रथम चरण में शामिल किया जाएगा और गौठानों की स्थापना के साथ-साथ इस योजना का विस्तार किया जाएगा। बताया गया कि गोधन न्याय योजना के माध्यम से उत्पादित वर्मी कम्पोस्ट से जैविक खेती के विस्तार में सहायता प्राप्त होगी और रसायन मुक्त खाद्य उत्पादों से सुपोषण स्तर में भी सुधार होगा। 

दूसरे चरण में बनाए जाएंगे 152 गौठान 
जिले में पहले चरण अंतर्गत 74 गौठान का निर्माण कार्य पूरा किए जाने का दावा किया जा रहा। लेकिन विभागीय आंकड़ो में देखे तो करीब 7 गौठान में अभी भी निर्माणकार्य जारी है। वहीं दूसरे चरण अंतर्गत 152 गौठान निर्माण स्वीकृत हुए है, जो विभिन्न ग्राम पंचायत में बनाए जा रहे है। हाल में ही जहां गौठान निर्माण पूरा किया जा चुका है, वहां बनाए गये उत्पादनों का प्रदर्शन एवं उसका विक्रय किया गया।

जिले में 19 गौठान ऐसे जहां चरवाहा ही नहीं
गौठान की देखरेख किए जाने ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी होती है। गौठान समिति का भी गठन किया है। इस समिति को शासन की आेर से बजट भी दिया जाता है। लेकिन कई ऐसे भी गौठान है,जहां चरवाहे ही नहीं है। ऐसे में पशुपालकों को परेशानी हो रही है। जिले के 74 गौठान में से 19 गौठान में चरवाहे की व्यवस्था नहीं है। वहीं निर्माण कार्य प्रगति में होने के कारण पशु नहीं आ रहे। इन गौठानों की सख्या करीब सात के आसपास है।

तहसील क्षेत्र में गौठान संबंधित जानकारी
कवर्धा तहसील 

  • कुल गौठान - 17
  • पशु संख्या - 12787
  • गोबर की मात्रा - 7018 क्विंटल

पंडरिया तहसील 

  • कुल गौठान - 19
  • पशु संख्या - 10969
  • गोबर की मात्रा - 7427 क्विंटल

सहसपुर लोहारा तहसील 

  • कुल गौठान - 15
  • पशु संख्या - 6748
  • गोबर की मात्रा - 3484 क्विंटल

बोड़ला तहसील 

  • कुल गौठान - 23
  • पशु संख्या - 12672
  • गोबर की मात्रा - 9110 क्विंटल
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