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मौसम अपडेट:18 दिनों में वार्षिक औसत की सिर्फ 9 फीसदी बारिश, इससे जिले में खेती-किसानी पिछड़ने की आशंका से सहमे किसान

कवर्धाएक महीने पहले
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  • लोहारा तहसील में जहां बारिश कम होती थी वहां अब तक सबसे ज्यादा 15.87% बारिश हो चुकी, बोनी का लक्ष्य पिछड़ा

कबीरधाम जिले में जून माह के 18 दिन में 73.3 मिमी औसत बारिश हुई है, जो कि कुल वार्षिक औसत का 9 प्रतिशत है। सहसपुर लोहारा तहसील क्षेत्र में जहां पानी कम होता था, वहां अब तक सबसे ज्यादा 15.87 प्रतिशत बारिश हो चुकी है। वहीं रेंगाखार कला तहसील में 11.24 प्रतिशत बारिश रिकॉर्ड की गई है। शेष 3 तहसीलों कवर्धा, पंडरिया और बाेड़ला में 4 से 8 फीसदी बारिश हुई है।

ओवरऑल औसत से कम बारिश होने के कारण किसानों को खेती-किसानी पिछड़ने की चिंता होने लगी है। बारिश कम होने के कारण खरीफ सीजन 2021 में धान बोवनी का लक्ष्य पिछड़ गया है। जिले में इस साल 76 हजार हेक्टेयर रकबे में धान बोआई का लक्ष्य है। विपरीत इसके अभी तक 15 फीसदी भी बोवनी नहीं हो पाई है। उल्लेखनीय है कि जिले में लगभग यही हाल सोयाबीन, अरहर, कोदो- कुटकी व अन्य फसलों की भी है। हालांकि, आषाढ़ में बोवनी जोर पकड़ने की बात कही जा रही है। अभी तक लक्ष्य का 20 फीसदी बोआई नहीं हो पाई है।

76 हजार हेक्टेयर में इस बार धान बोवनी का लक्ष्य
खरीफ सीजन 2021 में जिले में 76 हजार हेक्टेयर रकबे में धान बोवनी का लक्ष्य है। इसी तरह अरहर 24 हजार हेक्टेयर, सोयाबीन 32 हजार हेक्टेयर और कोदो- कुटकी 11 हजार हेक्टेयर में लगाने का लक्ष्य है।

कबीरधाम के लिए यह खतरे की घंटी, रेन शैडो की वजह से कम हो रही बारिश
दो साल पहले इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने वृष्टि छाया जिलों में बारिश का अध्ययन किया। मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष जीके दास समेत अन्य वैज्ञानिकों के निर्देश पर कवर्धा के रेन शैडो प्रभावित इलाकों में 15 से 50 साल तक बारिश का अध्ययन किया। बस्तर व अन्य पहाड़ी क्षेत्र में मानसून के मौसम में बारिश 1300 से 1500 मिलीमीटर होती है। वृष्टि छाया क्षेत्र में यह 950 से 1100 मिलीमीटर होती है। खतरे की घंटी यह है कि रेन शैडो (वृष्टि छाया क्षेत्र) में पिछले सालों में घटते बारिश के कारण अब बारिश का औसत 887.3 मिलीमीटर तक आ पहुंचा है। मैकल पर्वत श्रृंखला से लगा हुआ कबीरधाम जिला भी रेन शैडो क्षेत्र में आता है। यहां घटते बारिश के कारण अब बारिश का वार्षिक औसत 814.3 मिलीमीटर पर आ गया है।

पहाड़ी क्षेत्र में हुई अच्छी बारिश, मैदानी क्षेत्र में शून्य
मानसूनी सिस्टम के चलते शुक्रवार को कबीरधाम जिले में अच्छी बारिश की उम्मीद की जा रही थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पहाड़ी क्षेत्र में बादलों ने जमकर बरसात कराई, जबकि मैदानी क्षेत्र में यह शून्य रहा। सहसपुर लोहारा तहसील क्षेत्र में सबसे ज्यादा 15 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। पंडरिया व बोड़ला में 3-3 मिमी और कवर्धा और रेंगाखार कला तहसील क्षेत्र में बारिश नहीं हुई। वैसे भी 10 जून की रात मानसून आने के बाद किसान अच्छी बारिश के लिए तरस रहे हैं।

मानसूनी सिस्टम के चलते आज बारिश के आसार
मानसूनी सिस्टम के चलते शनिवार को बारिश के आसार हैं। रायपुर के मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा बताते हैं कि चक्रीय चक्रवाती घेरा गंगेटिक पश्चिम बंगाल और उसके आसपास में बना हुआ है। इसके प्रभाव से एक निम्न दाब का क्षेत्र दक्षिण पश्चिम बिहार और उससे लगे दक्षिण पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर बना है। इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा स्थित है। 19 जून को प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।

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