उपभोक्ता अधिकार दिवस:अधिकारों के प्रति उपभोक्ताओं में बढ़ी जागरूकता

कवर्धा9 महीने पहले
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  • अब तक 620 प्रकरण दर्ज हुए, केवल 31 मामले पेंडिंग, 90 से भी कम दिन में आ रहा फैसला

सोमवार को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस है। इसका का उद्देश्य उपभोक्ताओं को अपने अधिकार के संबंध में जागरूक करना है। जिले में उपभोक्ता के अधिकारों का संरक्षण करने वर्ष 2000 से उपभोक्ता फोरम शुरू किया गया है। इन 20 वर्ष में इस फोरम में करीब 620 प्रकरण सामने आए हैं। वर्तमान में केवल 31 मामले पेंडिंग है, जिनकी सुनवाई जारी है।

इन 20 वर्ष के प्रतिमाह के आंकड़ाें को देखें तो इस वर्ष मात्र दो माह के भीतर 20 मामले सामने आए हैं। उपभोक्ता फोरम में पीड़ितों को मार्गदर्शन देने के कारण जिले के लोगों में अपने अधिकार के प्रति जागरूकता बढ़ी है। फोरम में उपभोक्ताओं के लिए हेल्प डेस्क शुरू किया गया, जहां पीड़ित की समस्या सूनी जाती है। इसके बाद फोरम में आवेदन करने पूरी जानकारी दी जाती है।

कोई भी व्यक्ति सामने आता है तो वह सीधे अपनी समस्या को बिना अधिवक्ता के ही पैरवी कर रहा है। यहां सुनवाई भी कम समय में पूरा कर ली जाती है। ज्यादातर मामले की सुनवाई 90 दिन के भीतर पूरी की जा रही है। इससे पीड़ित को जल्द न्याय भी मिल रहा है।

उपभोक्ता फोरम काे मिला आयोग का दर्जा

उपभोक्ताओं के लिए सबसे अच्छी बात है कि कवर्धा के फोरम को अब आयोग का दर्जा मिल गया है। इस कारण यहां उपभोक्ता के अधिकारों में वृद्धि हुई है। अब यहां क्षेत्राधिकार खत्म हो गया है। कोई भी व्यक्ति किसी भी क्षेत्र का हो वह अपनी समस्या यहां दर्ज कर सकता है। 2019 से पहले इस फोरम में केवल 20 लाख रुपए तक के प्रकरण की सुनवाई होती थी।

जिसे अब बढ़ाकर एक करोड़ रुपए कर दिया गया है। इसके अधिक की राशि के लिए राज्य आयोग में प्रकरण दर्ज कराना होगा। ई-कॉमर्स एवं अनुचित व्यापार अभ्यासों पर नियम, भ्रामक विज्ञापनों के लिए जुर्माना, उत्पाद की जिम्मेदारी समेत अन्य नए नियम भी शामिल है।

बिल भी नहीं, फिर भी प्रकरण की हुई सुनवाई

उपभोक्ताओं में सबसे बड़ी समस्या होती है बिल नहीं होने का लेकिन इस आयोग में कई ऐसे भी मामले सामने आए हैं, जिसमें बिना बिल के आधार पर भी उपभोक्ता के पक्ष में फैसला आया है। एक ऐसे ही मामले में पीड़िता के पास बिल नहीं था, तब अायोग में शपथ पत्र लिया गया।

वहीं संबंधित दुकानदान ने भी शपथ पत्र को सहीं ठहराया, इसके बाद मामले की सुनवाई चली। एक अन्य मामले में ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी को भी जुर्माना लगाया है। खास बात यह है कि इन दोनों मामले में पैरवी खुद पीड़ितों ने की थी और फैसला भी उन्हीं के पक्ष में आया था। दोनों मामले बीते वर्ष के हैं।

बीते 7 वर्ष के आंकड़े वर्ष प्रकरण

  • 2015 38
  • 2016 39
  • 2017 31
  • 2018 41
  • 2019 32
  • 2020 21
  • 2021(6 मार्च तक) 20
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