झंडे को लेकर हुए विवाद के चलते कवर्धा में कर्फ्यू:राजधानी से कवर्धा 120 किमी दूर, विवाद के बाद सरकार को पहुंचने में लगे 11 दिन

कवर्धा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
प्रेस वार्ता लेते गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर। - Dainik Bhaskar
प्रेस वार्ता लेते गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर।
  • भाईचारे का संदेश देने पहुंचे गृह मंत्री
  • गृह मंत्री ताम्रध्वज​​​​​​​ ने कहा: तुरंत कवर्धा आने पर आक्रामक स्थिति बन जाती

झंडे को लेकर हुए विवाद के चलते कवर्धा में धारा 144 (कर्फ्यू) लागू है। राजधानी रायपुर से विवाद से प्रभावित कवर्धा की दूरी महज 120 किमी है। फिर भी विवाद के बाद सरकार को यहां पहुंचने में 11 दिन का समय लग गया। घटना के 12वें दिन बाद छग के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू और कैबिनेट मंत्री व कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर शांति व भाईचारे का संदेश देने गुरुवार को कवर्धा पहुंचे।

सभी समाज प्रमुखों की बैठक लेने के बाद गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने प्रेसवार्ता ली। लेकिन मीडिया के सवालों से बचते नजर आए। रायपुर से कवर्धा की दूरी लखीमपुर खिरी से ज्यादा थी, जो सरकार को यहां पहुंचने में 11 दिन का समय लगा। इस सवाल पर गृह मंत्री श्री साहू ने पहले तो इधर-उधर की बातें की, फिर एक लाइन में जवाब देते हुए कहा कि घटना के बाद तुरंत कवर्धा आने पर आक्रामक स्थिति बन सकती थी। सवाल पूछने पर गृह मंत्री यह कहकर बचते रहे कि वे कवर्धा में शांति और खुशहाली बनी रही, यही चाहते हैं।

दीगर जिलों से आए असामाजिक तत्वों ने बिगाड़ी शांति
कैबिनेट मंत्री व कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर ने घटना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कवर्धा में आज का प्रवास शांति व्यवस्था को मजबूत करना है। मंत्री अकबर ने कहा कि झंडे को लेकर हुए विवाद पर विराम देने के लिए मैंने स्थानीय प्रशासन से कहकर वहां पुनः भगवा झंडा लगवा दिया था। पुलिस प्रशासन से थोड़ी बहुत गलती हुई है, जिसकी जांच होगी दोषियों पर कार्रवाई होगी। रायपुर, धमतरी, बेमेतरा, बिलासपुर और कोरबा से असामाजिक तत्वों को बुलाकर शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई है। ऐसे तत्वों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है।

सामाजिक सौहार्द्र बना रहे, यही हमारी प्राथमिकता: साहू
कवर्धा पहुंचे गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने कलेक्टोरेट में सभी समाज प्रमुखों की बैठक ली। बैठक में गृहमंत्री श्री साहू ने कहा कि प्रदेश के साथ कवर्धा में शांति और सामाजिक सौहार्द्र बनी रहे, यही हमारी प्राथमिकता में रही है। घटना के शुरू दिन से ही लगातार हम सब जिला प्रशासन से जानकारी लेते रहे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, जिले के प्रभारी मंत्री टीएस सिंहदेव और कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने वर्चुअल माध्यम से निरंतर जिले के संपर्क में रहे और कवर्धा में पुनः शांति व्यवस्था स्थापित हो, इसके लिए निरंतर प्रयास किए गए। जिला प्रशासन निरंतर समाज प्रमुखों के संपर्क में रहकर नियमित रूप से शांति कायम की दिशा में काम करते रहे। समाज प्रमुखों की सकारात्मक पहल से ही कवर्धा शहर में आज पुनः शांति स्थापित हो रही है। बैठक में पंडरिया विधायक ममता चंद्राकर, नपाध्यक्ष ऋषि कुमार शर्मा, कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा, जिपं सीईओ विजय दयाराम व समाज प्रमुख मौजूद रहे।

वे चार प्रमुख सवाल, जिस पर गृह मंत्री ने दिए जवाब

हिंसात्मक घटना में जितने आरोपी जेल भेज गए या जितने की पहचान हुई है, उनमें ज्यादातर बाहर के हैं?
- वीडियाे फुटेज से पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। रायपुर के माना, गुढ़ियारी, मुंगेली, बेमेतरा, कोरबा, बिलासपुर से आए लोग घटना में शामिल थे।

यानी आप मानते हैं कि पुलिस की इंटेलिजेंस फेलियर रही?
- यह जांच का विषय है। प्रशासन से चूक हुई है। इसकी जांच की जाएगी और जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी करेंगे।

एक युवक जिससे मारपीट हुई, वह थाने में शिकायत करता है। पुलिस उसी के खिलाफ 3 एफआईआर कर देती है, फिर उसे फरार बताते हैं, ऐसा कैसे?
- मैंने आपका सवाल नोट कर लिया है। पुलिस से इस संबंध में जानकारी ली जाएगी।

कवर्धा में हुई घटना को भाजपा भुनाने में लगी है। प्रदेश स्तर पर आंदोलन हो रहे हैं?
- छत्तीसगढ़ की सरकार अच्छा काम कर रही है। भाजपा के पास मुद्दा नहीं है, इसलिए घटना को उछाल रहे हैं।

खबरें और भी हैं...