4 माह बाद खुला राज:पहले सामान्य मौत मान परिजनों ने किया दाह-संस्कार, शंका होने पर की FIR, पुलिस बोली- झाड़-फूंक कर पैसा ऐंठने के लिए हुई थी हत्या

कवर्धा9 महीने पहले
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कवर्धा पुलिस ने मध्यप्रदेश के बालाघाट के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया हैे। झाड़-फूंक कर पैसा व हत्या के आरोपी हैं। - Dainik Bhaskar
कवर्धा पुलिस ने मध्यप्रदेश के बालाघाट के 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया हैे। झाड़-फूंक कर पैसा व हत्या के आरोपी हैं।
  • चार आरोपी गिरफ्तार; सभी मध्य प्रदेश के हैं रहने वाले

छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में झाड़-फूंक का झांसा देकर पैसा ऐंठकर हत्या करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया हैं। सभी आरोपी मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। मृतक सुरेश कौशिक ने परिवार के साथ गांव वालों से आपसी संबंध को ठीक करने के लिए झाड़-फूंक का सहारा लिया था। दरअसल यह पूरा मामला 1 जनवरी 2021 का हैं।

सिद्धबैगा बन की हत्या व लूट

पुलिस के अनुसार, एक जनवरी 2021 को ग्राम बुधवारा निवासी सुरेश कौशिक की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सहसपुर लोहारा में इलाज के लिए लाते समय मृत्यु हो जाने से मृतक के परिवारजनों ने गांव में जाकर अंतिम संस्कार कर दिया था। मृतक के शव को दफनाने के पांच दिन बाद छह जनवरी को परिजनों ने मृत्यु के संबंध में शंका होने व जांच के लिए आवेदन पुलिस चौकी बाजार चारभाठा को दिया था। इसके बाद सुरेश कौशिक के शव को खोदकर कर पोस्टर्माटम किया गया। साथ ही थाना प्रभारी सहसपुर लोहारा के नेतृत्व में टीम तैयार कर प्रकरण के हर पहलू की बारिकी से जांच की गई। इस दौरान पुलिस टीम को इस तथ्य की जानकारी हुई कि सुरेश कौशिक अपने मित्र रामफल कौशिक व उसके पिता हरिशंकर कौशिक के साथ ग्राम जगला जंगल में किसी बैगा से मिलने व झाड़-फूंक कराने गए थे। उसी दौरान रामफल व सुरेश की तबियत खराब हो गई। जहां से इलाज के लिए सहसपुर लोहारा लाते समय सुरेश की मृत्यु हो गई व रामफल को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसे बचा लिया गया था।

सिद्धबैगा और झाड़-फूंक की कहानी

पुलिस ने जांच में सभी कडियों को आपस में मिलाया तो प्रकरण में चौंकाने वाले तथ्य सामने आये। रामफल व सुरेश व उसके परिवार के साथ गांव वालों का आपसी व्यवहार ठीक नहीं होने से झाड़-फूंक के माध्यम से गांव वालों से व्यवहार ठीक करने का आश्वासन स्वयं को सिद्धबैगा बताने वाले आरोपी भजन दास ने दिया। इसके बाद सुरेश व रामफल 30 दिसंबर 2020 को सुंदर के घर में झांड-फूंक करने मिले। जहां आटा को इनके सामने हाथ की सफाई से लाल रंग में बदल कर भजन दास ने अपने को सिद्घ बैगा बताकर प्रभाव व झांसे में ले लिया। गांव में दोनों परिवार का सामंजस्य पुनः स्थापित करने का झांसा देकर दो लाख रुपये की मांग रखी गई। पुलिस ने बताया कि सुंदर लाल यादव, जगला, भजन दास, बालाघाट, प्रमोद पसिने, बालाघाट और विनोद कुमार, बालाघाट को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इसके बाद आरोपियों ने पैसा को हड़पने की नियत से मिठाई में जहर मिलाकर प्रसाद के रूप में खाना देकर दोनों के बेहोश होने पर पैसा लेकर भाग जाने की योजना बनाई थी।

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