हे मां! हमें क्षमा कर दो...:मूर्तिकारों के डेरे में 25 से ज्यादा प्रतिमाएं रह गईं अधूरी, ऑर्डर कैंसिल किया

कवर्धा19 दिन पहले
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कवर्धा में कर्फ्यू के चलते नहीं पहुंचे समितियों के सदस्य, इसलिए मूर्तियां अधूरी रह गईं। - Dainik Bhaskar
कवर्धा में कर्फ्यू के चलते नहीं पहुंचे समितियों के सदस्य, इसलिए मूर्तियां अधूरी रह गईं।

ये तस्वीर शहर के सरदार पटेल मैदान में मूर्तिकारों के डेरे की है, जहां मां दुर्गा की 25 से अधिक प्रतिमाएं अधूरी रह गईं। क्योंकि कवर्धा में कर्फ्यू के कारण समितियां इन प्रतिमाओं को लेने के लिए नहीं पहुंची। ऑर्डर देने के बाद समितियों ने मूर्तिकारों के पास कॉल कर ऑर्डर कैंसिल करा दिया। समितियों के न पहुंचने से मूर्तिकारों ने मां दुर्गा के विभिन्न रूपों वाली इन प्रतिमाओं का रंग-रोगन भी नहीं किया। मृर्तिकार शिव कुंभकार बताते हैं कि कवर्धा से लगे आसपास गांव के अलावा जिले के बॉर्डर से लगे मध्यप्रदेश के गांवों से मूर्तियों का ऑर्डर मिला था। कवर्धा में दंगे और फिर कर्फ्यू के बाद ऑर्डर कैंसिल हो गए। कुछेक गांव की समितियां ऐसी भी हैं, जो विवाद के डर नहीं आए। हालांकि, प्रशासन ने अनुमति के लिए काउंटर खोला था।

कैबिनेट मंत्री अकबर ने कहा- माता रानी का त्योहार सौहार्द्र पूर्ण मनाएं
कैबिनेट मंत्री व कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर ने कहा है कि माता रानी का त्यौहार सौहार्द्र व धार्मिक वातावरण में मनाएं। मां दुर्गा प्रतिमा व ज्योति कलश स्थापना सुचारू रूप से कराने प्रशासन को निर्देश दिए हैं। कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने कहा है कि दुर्गा समितियों व मंदिर समितियों को पूजन सामग्री की होम डिलीवरी कराई जाएगी।

शहर में 14 स्थानों पर पंडालाें में मां दुर्गा स्थापित, पहले 30 जगह विराजती थीं
फसाद के चलते नवरात्रि पर शहर में कम स्थानाें पर ही मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है। दुर्गा स्थापना के लिए कलेक्टोरेट में 14 समितियों ने अनुमति ली है। वहीं शहर के जिन स्थानों पर 5 अक्टूबर को दंगे हुए, वहां प्रतिमा स्थापना नहीं की गई है। जबकि आमतौर पर लगभग 30 जगहों पर प्रतिमा स्थापना होती है।

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