कोराेना की तीसरी लहर का खतरा बढ़ा:ट्रैवल हिस्ट्री से खुलासा, घूमने और इलाज कराने गए 4 को कोरोना इनमें 3 लोग वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके

कवर्धा2 महीने पहले
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कोविड हॉस्पिटल में संक्रमण से निपटने की तैयारी। - Dainik Bhaskar
कोविड हॉस्पिटल में संक्रमण से निपटने की तैयारी।

कबीरधाम जिले में कोरोना की तीसरी लहर का खतरा अब बढ़ता जा रहा है। क्योंकि यहां आए दिन दीगर राज्यों व जिलों से लोग आ रहे हैं। सामूहिक आयोजन हो रहे हैं। लोगों की भीड़ जुट रही है। उस भीड़ को कंट्रोल करने के लिए बाहर से पुलिसकर्मी भी बुलाए जा रहे हैं।

कोरोना की दूसरी लहर का पीक गुजरने के बाद मध्यप्रदेश व दीगर राज्यों से आने वालों की बॉर्डर पर चेकिंग बंद हो गई है, जो जिले को हाई रिस्क की ओर धकेल रहा है। जिले में अभी काेरोना के 4 एक्टिव मरीज हैं। इन चारों की ट्रैवल हिस्ट्री है। इनमें से दो नंदनवन घूमने गए थे। एक पुलिसकर्मी है, जो बालोद से लौटा है। वहीं चौथा इलाज कराने के लिए रायपुर के निजी अस्पताल गया था, जहां उनकी जांच हुई है। चारों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर जिला स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई। मरीजों का कांटेक्ट ट्रेसिंग कर संपर्क में आने वालों की जांच की गई है। खास बात यह है कि 4 में से 3 मरीजों को कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है। वहीं एक को पहली डोज ही लगी है, इसके बावजूद ये सभी संक्रमित हुए। इसे देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है।

दावा: सरकारी अस्पतालों में 529 बेड रिजर्व हैं इनमें 447 ऑक्सीजन युक्त, इधर प्लांट भी तैयार
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि तीसरी लहर के लिए सभी अस्पतालों में जरूरी तैयारी कर ली गई है। सरकारी अस्पतालों में 529 बेड रिजर्व रखे गए हैं। इनमें से 447 बेड ऑक्सीजन युक्त हैं। बड़ों के लिए 10 और बच्चों के लिए 35 आईसीयू बिस्तर है। कोविड हॉस्पिटल और जिला अस्पताल के अलावा सभी 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 115 ऑक्सीजन युक्त बेड तैयार कर लिए गए हैं। बताया है कि बड़ों के लिए 11 व बच्चों के लिए 1 वेंटिलेटर है। इसके अलावा 491 जंबो व 282 छोटा ऑक्सीजन सिलेंडर है। जिला अस्पताल में दो ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट भी है।

खतरा बढ़ा रहे सामूहिक आयोजन

सीएमचओ डॉ. शैलेन्द्र कुमार मंडल का कहना है कि सामूहिक आयोजनों से कोविड का खतरा फिर बढ़ गया है। वैक्सीनेशन बढ़ाने के लिए गांव- घरों में लगातार टीम पहुंच रही है। दीगर राज्यों व जिलों से आए लोगों की जांच के लिए योजना बनाई जा रही है। ऐसे लोगाें की पहचान व जांच हमारी पहली प्राथमिकता है।

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