• Hindi News
  • Local
  • Chhattisgarh
  • Raipur
  • Kawardha
  • Revenue Officers Suppressed The Report After Demarcation, Planning For The Construction Of Guru Nallah From Thakur Dev Chowk To Raipur Road Instead Of G Shyam Nagar

सिस्टम फेल:राजस्व अफसरों ने सीमांकन के बाद दबा दी रिपोर्ट, जी-श्याम नगर की जगह ठाकुर देव चौक से रायपुर रोड तक ही गुरु नाले के निर्माण की प्लानिंग

कवर्धा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
श्याम नगर में गुरु नाला की जमीन पर अवैध प्लाटिंग, बसी कॉलोनी। मकानों को तोड़ने के बजाय दूसरी जगह नाला बनाने की प्लानिंग। - Dainik Bhaskar
श्याम नगर में गुरु नाला की जमीन पर अवैध प्लाटिंग, बसी कॉलोनी। मकानों को तोड़ने के बजाय दूसरी जगह नाला बनाने की प्लानिंग।

भू-माफियाओं की मनमानी और प्रशासनिक उदासीनता के चलते कवर्धा शहर के गुरु नाले पर अतिक्रमण हो चुका है। सरकारी नाले की जमीन पर अवैध प्लाटिंग कर भू- माफियाओं ने बेच दिया है। बिक चुकी इन जमीनों पर सैकड़ों पक्के मकान खड़े हो गए हैं। अब अफसर सोच रहे हैं कि कॉलोनी को कैसे तोड़ें।

अवैध कब्जे के चलते नाला निर्माण का काम निरस्त करना पड़ गया। राजस्व अभिलेखों (रिकॉर्ड) में यह नाला 120 फीट चौड़ा है, लेकिन वर्तमान में मौके पर इसकी चौड़ाई 20 फीट से भी कम है। क्योंकि भू- माफियाओं ने नाले की जमीन को मुरुम से पाटकर इस पर अवैध प्लाटिंग कर दिया है। जहां पर नाला होना था, वहां कई पक्के मकान दिखाई पड़ रहे हैं।

जहां पर नाला होना था, वहां कई पक्के मकान दिखाई पड़ रहे हैं। जी-श्याम नगर के पीछे वार्ड- 8 स्थित गुरु नाले का निर्माण कराने 8 महीने पहले 1.22 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली थी। टेंडर जारी होने के बाद निर्माण के लिए ठेकेदार को भूमि उपलब्ध कराने नगर पालिका ने सीमांकन कराया। राजस्व अधिकारियों ने सीमांकन किया था, लेकिन आज तक नगर पालिका को रिपोर्ट नहीं दी गई है।

नाले पर कब्जे के लिए राजस्व विभाग जिम्मेदार

नाले की जमीन चोरी होने के लिए राजस्व विभाग जिम्मेदार है, क्योंकि यह राजस्व भूमि है। नाले की जमीन सीमांकन के लिए राजस्व अमले ने चूने की लकीर खींची है। इस लकीर को देखकर अंदाजा लगा सकते हैं कि भू-माफियाओं ने 80 से 100 फीट चौड़े और करीब 1 किलोमीटर दूरी तक गुरु नाले को मुरुम से पाटकर समतल कर दिया है।

लगभग पांच किमी लंबा है नाला, अवैध कब्जों के कारण यह सिमट गया है, बरसात में होती है दिक्कत

शहर के वार्ड नंबर-8 में जेवड़न खार के डबरी से गुरु नाला शुरु होता है। वहां से वार्ड- 3 में गंगानगर तालाब से निकलकर बिजली ऑफिस के पीछे से लोहारा नाका रोड को क्रॉस करते हुए, शांतिदीप कॉलोनी से नवीन बाजार, घोठिया रोड होते हुए रायपुर रोड किनारे शहर से बाहर निकलती है।

इसकी लंबाई लगभग 5 किलोमीटर है। गुरु नाला में शहर की छोटी व मीडियम नालियों का गंदा पानी आकर मिलता है। यही नहीं, जेवड़न खार में खेतों का ओवरफ्लो पानी भी इसी नाले के जरिए नदी में पहुंचता है। अवैध कब्जे के कारण यह नाला सिमट गया है। बरसात में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। पानी भरने की वजह से लोगों को आने-जाने में बेहद परेशानी होती है।

1.22 करोड़ रुपए से होना है गुरु नाले का निर्माण

जी-श्याम नगर में 1.22 करोड़ रुपए की लागत से गुरु नाला का निर्माण होना था। सर्वे से सामने आया कि नाले की जमीन पर कई पक्के मकान बन चुके हैं। नाला निर्माण के लिए ऐसे 40 से अधिक पक्के मकानों का 75 प्रतिशत हिस्सा तोड़ना पड़ता। कहीं- कहीं पूरा मकान ढहाना पड़ता। इस कारण नाला निर्माण का आइडिया ड्रॉप करना पड़ा।

मकान बने होने की वजह से टेंडर ही निरस्त कर दिए

गुरु नाला का निर्माण कराने 8 माह पहले टेंडर हो चुका था। नाला बनाने जमीन की जरूरत थी। जहां नाले पर पक्के मकान बन चुके हैं, उसे जरूरत के मुताबिक तोड़ने की बात की थी। टेंडर निरस्त कर दिए।

अब दूसरी जगह पर नाला निर्माण कराएंगे: सीएमओ

नगर पालिका के सीएमओ नरेश कुमार वर्मा का कहना है कि जी-श्याम नगर में अतिक्रमण के चलते नाला निर्माण कराना संभव नहीं हो पा रहा। राजस्व विभाग ने सीमांकन रिपोर्ट भी नहीं दी है। इसलिए जी-श्याम नगर की जगह अब ठाकुर देव चौक से रायपुर रोड तक ही गुरु नाले का निर्माण किया जाएगा। टेंडर लग गया है।

गूगल मैपिंग के जरिए सीमांकन करेंगे: मनीष

कवर्धा तहसीलदार मनीष कुमार वर्मा का कहना है कि निर्माण को लेकर गुरु नाला का भौतिक सीमांकन किए थे। अब गूगल मैपिंग के जरिए नाले की जमीन का सीमांकन करेंगे। इससे पता चलेगा कि नाले की जमीन कहां तक है।