मौसम:दिसंबर में पड़ेगी कड़ाके की ठंड, शीतलहर चलने के संकेत

कवर्धाएक वर्ष पहले
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  • उत्तर की सूखी हवा का असर बढ़ने लगा, विभाग के मुताबिक आने वाले तीन महीने में पिछले साल के मुकाबले ज्यादा पड़ेगी ठंड

आज से दिसंबर के महीने के साथ हिन्दी महीने अघन यानी मार्गशीर्ष की भी शुरुआत हो रही है। यही वो महीना है, जब कड़ाके की ठंड पड़ती है। दिसंबर के पहली ही तारीख को दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस तक आने के संकेत दिए गए हैं। इस बार मौसम विशेषज्ञों ने भी साफ कर दिया है कि बीते साल के मुकाबले इस बार अच्छी-खासी ठंड पड़ने वाली है। शहर में दीपावली के साथ ठंड बढ़ने की शुरुआत हो चुकी है। साथ ही निवार तूफान के असर के कारण न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस तक उतर आया था। ग्रामीण इलाकों के साथ जिले के चिल्फी घाटी में न्यूनतम तापमान शहर से 2 डिग्री तक नीचे तक पहुंच चुका है। चिल्फी घाटी में घना कोहरा छाने लगा है। यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचने लगे हैं। बीते साल दिसंबर में बनी थी शीतलहर की स्थिति: दिसंबर के महीने में साल 2019 में अधिकतम 28 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकार्ड किया गया था। जबकि पूरे महीने में 28, 29 व 30 दिसंबर को शीतलहर की स्थिति बन गई थी।

नवंबर में ज्यादा ठंड, पिछले साल से 2 डिग्री नीचे आया पारा
बीते महीने नवंबर में 19 नवंबर को अधिकतम तापमान 34 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 25 नवंबर को महज 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वैसे नवंबर में 22 तारीख के बाद न्यूनतम तापमान 14 से 18 के बीच है। जबकि अधिकतम तापमान 29 से 30 डिग्री के बीच बना रहा। बीच में निवार के कारण अधिकतम तापमान 24 डिग्री तक उतरा, फिर 30 पर पहुंच चुका है। विशेषज्ञों की मानें, तो अधिकतम तापमान के नीचे उतरने पर ही शीतलहर की संभावना अधिक होती है।

मौसम विभाग : सामान्य से भी नीचे पहुंचेगा पारा
मौसम विशेषज्ञ एचपी चंद्रा के मुताबिक मौसम भवन नई दिल्ली ने इस बार छत्तीसगढ़ में दिसंबर, जनवरी व फरवरी महीने में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना जताई है। इसी तरह प्रदेश में अधिकतम तापमान भी इन 3 महीनों में सामान्य से कम रहने की संभावना है। प्रदेश में उत्तर की सूखी ठंडी हवा आने के कारण मौसम के शुष्क रहने की संभावना है।

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