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परेशानी:नांदघाट में तहसील का कामकाज शुरू नहीं

नांदघाट8 महीने पहले
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  • अब भी 40 किमी दूर नवागढ़ जाना पड़ रहा, पिछले साल 19 नवंबर को मुख्यमंत्री ने की थी घोषणा

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 19 नवंबर 2019 को जिले में अपने आगमन के दौरान उपतहसील नांदघाट को पूर्ण तहसील बनाने की घोषणा की थी। कार्यक्रम में सीएम ने जल्द नवीन तहसील को शुरू कराने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन घोषणा को 11 माह के बाद भी यहां कामकाज शुरू नहीं हो सका है। इस दिशा में कोई सकारात्मक पहल नजर नहीं होने से क्षेत्रवासियों की समस्या जस की तस है। वर्तमान में उपतहसील नांदघाट में लोगों के नायब तहसीलदार स्तर के कार्य ही हो पा रहे हैं, जबकि तहसील स्तर के काम के लिए मजबूरी में ग्रामीणों को 40 किलोमीटर दूर नवागढ़ जाना पड़ रहा है। यहां आने-जाने में पूरा समय निकल जाता है। कभी-कभी जिम्मेदार अधिकारी मुख्यालय में नहीं मिलते हैं, तो लोगों को बैरंग घर लौटना पड़ता है। किसान, व्यापारी, महिलाएं, विद्यार्थी सहित सभी वर्ग के लोगों को दिक्क़त हो रही है। तहसील बनाओ संघर्ष समिति ने किया था कड़ा संघर्ष: नांदघाट तहसील बनाओ संघर्ष समिति के लोगों ने नांदघाट उपतहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने को लेकर कड़ा संघर्ष किया। इस समिति में सभी राजनीतिक दलों के लोग शामिल थे। आसपास के 50 गांवों के सरपंचों व ग्रामीणों ने भी हस्ताक्षर करके नांदघाट को पूर्ण तहसील का दर्जा देने की मांग की थी। समिति के सदस्य विजय शंकर ठाकुर, नेतराम वर्मा ने शीघ्र ही तहसील गठन की मांग की है। कांग्रेस नेता विजय यादव ने कहा कि सीएम और नवागढ़ विधायक से मिलकर तहसील बनाने की प्रक्रिया जल्द पूरी करवाई जाएगी। जिपं सदस्य व भाजपा नेता अंजू बघेल ने कहा कि सीएम की घोषणा पर अभी तक अमल न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। नवागढ़ एसडीएम जगन्नाथ वर्मा ने बताया कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है। जल्द ही जानकारी ली जाएगी।

उधार के भवन में चल रहा उपतहसील, सुविधा नहीं
क्षेत्र के लगभग 50 से ज्यादा गांवों के लोग तहसील गठन को लेकर आस लगाए हुए हैं। वहीं नांदघाट में उपतहसील कार्यालय का संचालन 19 वर्षों से हो रहा है। लेकिन उपतहसील पिछले 19 वर्ष से ग्राम पंचायत के उधार के भवन में चल रहा था। पिछले वर्ष से राजीव गांधी भवन में चल रहा है। यहां उपतहसील में आने वाले फरियादियों के लिए शेड और शौचालय की व्यवस्था नहीं है।

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