शिक्षा का हाल:पहली की किताब नहीं पढ़ सकी 7वीं की बच्ची; डीईओ ने ली क्लास, अंत्येष्टि नहीं लिख सके हिंदी में एमए पास गुरुजी

कवर्धा3 महीने पहले
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  • शिक्षकों को फटकारा: छात्रा को कविता व पहाड़ा भी नहीं आता

छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के चलते करीब डेढ़ साल स्कूल बंद रहे। बच्चों का साल बर्बाद न हो, इसके लिए मोहल्ला क्लास लगाई गई। बिना परीक्षा लिए बच्चों को पास भी कर दिया गया। इसके नतीजे दिखाई देने लगे हैं। सहसपुर लोहारा ब्लॉक के प्राथमिक व हाईस्कूल रक्से में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के निरीक्षण में बच्चों के साथ-साथ पढ़ाने वाले मास्टर जी भी फेल हो गए हैं।

हिंदी में एमए पास गुरुजी को ‘अंत्येष्टि’ लिखना नहीं आया। वहीं, चौथी और 7वीं क्लास में पढ़ने वाले बच्चे पहली कक्षा की किताब नहीं पढ़ सके। इसे लेकर डीईओ ने शिक्षकाें को खूब फटकार लगाई। शिक्षक से कहा कि आपने अक्षर ज्ञान नहीं होने पर ऐसे बच्चों को अलग से क्यों नहीं पढ़ाया। डीईओ राकेश पांडेय लोहारा ब्लॉक के ग्राम रक्शे स्थित प्राथमिक स्कूल पहुंच गए। कुछ दूरी पर ही मोहल्ला क्लास चल रही थी। डीईओ वहां पहुंचे, तो गुरुजी बातें करने में व्यस्त थे।

पढ़ाई के टाइम पर बच्चे खेल रहे थे। अफसरों को देखते ही हिंदी की किताब निकालने को कहा गया। डीईओ ने सातवीं के एक बच्चे को खड़ा किया। उसे चौथी क्लास की हिंदी की किताब दी, लेकिन पढ़ नहीं सका। चौथी क्लास की बच्ची, पहली कक्षा की किताब नहीं पढ़ सकी। यह देख अफसर की हवाइयां उड़ गईं।

डीईओ को एक अन्य बच्ची ने सुनाई कविता
इसके बाद डीईओ ने एक बच्ची को खड़ा कर 5 का पहाड़ा सुनाने को कहा। उसने कहा नहीं आता। फिर कहा अब 2 का पहाड़ा सुनाओ, लेकिन बच्ची वह भी नहीं सुना पाई। डीईओ ने एक अन्य बच्ची से कविता सुनी, तो उसकी प्रशंसा की। इसके बाद डीईओ मास्टर जी की ओर मुखातिब हुए, पता चला कि उनकी क्वालिफिकेशन एमए हिंदी है। इस पर कॉपी-पेन देकर उनसे अंत्येष्टि शब्द लिखने को कहा, लेकिन मास्टर जी नहीं लिख सके। इस पर डीईओ ने उनकी क्लास ली।

एक शिक्षक पेड लीव पर, दूसरा नदारद मिले
स्कूल के निरीक्षण के दौरान पता चला कि कई शिक्षक क्लास में पहुंचे ही नहीं थे। पूछा तो पता चला कि एक टीचर पेड लीव पर हैं, लेकिन अनुमति ही नहीं ली है। वहीं दूसरे टीचर दुर्ग से आते हैं, तो पहुंचे ही नहीं हैं। एक टीचर बिना बताए ही गायब थे। दो की तबीयत खराब थी, लेकिन एप्लीकेशन ही नहीं थी। इसके बाद डीईओ ने शिक्षकों का एक- एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। फिलहाल पूरे मामले का वीडियो अब वायरल है।

प्रभारी प्राचार्य, शिक्षक की वेतनवृद्धि रोकी
डीईओ पाण्डेय ने हाईस्कूल रक्से के प्रभारी प्राचार्य कांशीराम धुर्वे व प्राथमिक स्कूल के शिक्षक रेखलाल साहू का 1-1 वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दिया है। हाईस्कूल रक्से के सहायक ग्रेड- 2 संतोष शर्मा को दो माह से पत्रक प्रस्तुत न करने और प्रधानपाठक नेमदास झारिया को शिक्षकों से डेली डायरी न बनवाने और अध्यापन व्यवस्था में लापरवाही के चलते चेतावनी नोटिस जारी किया है। भविष्य में दोबारा ऐसी गलती न करने चेतावनी दी है।

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