यात्री परेशान:झगड़े का असर; कवर्धा शहर के भीतर बसों को प्रवेश नहीं दिया, बायपास से ही वापसी

कवर्धा17 दिन पहले
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  • इंटर स्टेट चलने वाली सभी बसें हाईवे होते हुए गुजरीं, बस मालिकों को फिर से नुकसान

शहर में हुए झगड़े का असर सभी क्षेत्र में दिखाई दे रहा। स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। इसका असर यात्री बस परिवहन पर पड़ा है। मंगलवार तक जिले के सभी रूट में बसंे चली। मंगलवार को ही शहर के कई वार्डों में पथराव व तोड़फोड़ की घटना हुई। इसके बाद यात्री बस बंद हो गई। बुधवार को एक भी बसें नहीं चली। गुरुवार को कुछेक रूट पर बस चली, लेकिन इन्हें शहर के भीतर प्रवेश नहीं दिया गया। ऐसे में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

बस मालिक संघ के जिला अध्यक्ष करण बंजारे ने बताया कि बस नहीं चलने से यात्रियों के साथ-साथ मालिकों को नुकसान हो रहा है। शहर के भीतर बस नहीं आ रही है। इसके अलावा इंटर स्टेट चलने वाली सभी बस हाईवे से होकर सीधे निकल रही है। ऐसे में कम यात्री मिल रहे हैं। इस चक्कर में आर्थिक नुकसान हो रहा। बस की स्थिति कोरोनाकाल के बाद काफी हद तक सुधरी थी लेकिन कवर्धा में हुए फसाद का असर अब बस संचालन में दिखाई दे रहा है। बस मालिकों ने जिला प्रशासन से सभी रूट में सुरक्षा देकर बस संचालन कवर्धा बस स्टैंड से प्रारंभ कराने की मांग की है।

मिनीमाता चौक से शहर में पैदल आना पड़ा यात्रियों को
गुरुवार को बिलासपुर व रायपुर से कवर्धा रूट के कुछ बस चली है। लेकिन ये भी कवर्धा शहर के भीतर नहीं आई। बिलासपुर से कवर्धा आने वाली बस को मिनीमाता चौक से वापस कर दिया गया। इसी प्रकार रायपुर से कवर्धा आने वाली बस को बायपास से वापस किया गया। ऐसे यात्रियों को इन दोनों चौक से पैदल कवर्धा के भीतर आना पड़ा। इसके अलावा शहर के भीतर भी किसी भी अन्य व्यक्ति या वाहन चालकों को प्रवेश से पहले जांच की गई।

शहर चारों तरफ से लॉक, बस संचालन को लेकर संशय
इधर शहर के स्थिति को देखते हुए अभी भी बस संचालन को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। कवर्धा शहर को चारों तरफ से लॉक कर दिया गया है। मोटरसाइकिल से लेकर छोटे-छोटे वाहनों को जांच के बाद ही शहर में एन्ट्री दी जा रही है। शहर के सभी चौक में करीब 50-50 की संख्या में जवान तैनात किए गए है। इसके अलावा दूसरे जिले से भी बल बुलाया गया है। शहर के विश्राम गृह समेत अन्य भवनों में इन जवानों को ठहराया गया है।

कोरोनाकाल में जिले के भीतर सिटी बस दो साल से बंद
जिले में कोरोनाकाल से पहले 10 सिटी बस पिपरिया, पोंड़ी, बोड़ला, सहसपुर लोहारा जैसे रूट में चला करती थी। लेकिन दो साल से यह बंद है। हाल ही में पोंड़ी व पिपरिया रूट में बस को शुरू किया गया, लेकिन दंगा के कारण अब ये भी बंद हो गई है। सिटी बस का संचालन करने वाले करण बंजारे ने बताया कि नवरात्र शुरू हो गई है। ऐसे ग्रामीण क्षेत्र के लोग देवी मंदिरों का दर्शन के लिए कवर्धा आते थे। लेकिन सिटी बस बंद होने से परेशानी होगी।

शहर के भीतर अब ऑटो व ई-रिक्शा भी नहीं चल रहे
शहर के भीतर करीब 200 से अधिक ऑटो व ई-रिक्शा चलते हैं लेकिन फसाद के कारण ये भी बंद है। इस कारण जिला अस्पताल समेंत अन्य निजी अस्पताल व सरकारी कार्यालय में काम कराने के लिए लोगों को आने-जाने के लिए परेशानी हो रहीं है। जिला अस्पताल में ही प्रतिदिन 50 से अधिक मरीज आते हैं। लोेगों को पैदल ही आना जाना करना पड़ रहा है। पैदल व मोटरसाइकिल से आने-जाने के कारण पुलिस भी ऐसे लोगों से पूछताछ करती है।

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