पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

200 से अधिक लोगों को नोटिस:नजूल भूमि में कब्जा करने वाले व पट्टाधारी को जमा करनी होगी राशि, नहीं तो होगी बेदखली

कवर्धाएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • तहसील कार्यालय में पेशी के लिए तीन-तीन घंटे इंतजार करना पड़ा

राज्य सरकार ने हाल में ही कवर्धा नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत नजूल व सरकारी राजस्व भूमि को बेचे जाने विज्ञापन जारी किया था। शहर के करीब 12 सरकारी प्लॉट बेचे जाएंगे। वहीं दूसरी ओर पहले से ही नजूल भूमि में अतिक्रमण किए लोग या पट्टाधारी को भी शासन से निर्धारित राशि जमा करनी हाेगी। राशि जमा करने के बाद 30 वर्ष के लिए भूमि स्वामी घोषित किया जाएगा।  इसे देखते हुए शहर के करीब 200 लोगों को तहसील कार्यालय ने नोटिस जारी किया था। नोटिस जारी करने के बाद ये लोग सोमवार को कार्यालय पहुंचे। लेकिन पहली पेशी में राशि जमा नहीं कर सके। तहसील कार्यालय पहुंचे नरेन्द्र कुमार ने बताया कि पेशी के लिए एक साथ ज्यादा लोगों को बुलाया गया था।  इस कारण करीब तीन-तीन घंटे लाइन में लगना पड़ा। इसके बाद भी राशि जमा न कर केवल पट्टा, आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेज की फोटोकॉपी ली गई। तहसील कार्यालय द्वारा जारी नोटिस को भी जमा करा लिया। ज्यादा लोगों को एक साथ बुलाने के कारण दिक्कत हुई है।

दुविधा- नगर पालिका में भी जमा कर रहे राशि
नजूल भूमि की राशि जमा नहीं किए तो राजस्व विभाग द्वारा बेदखल करने की कार्रवाई की जा सकती है। तहसील कार्यालय पहुंचे विमल दास ने बताया कि हर साल नगर पालिका में भी मकान का टैक्स जमा करते हैं। नपा की मौके पर आकर राशि लेती है। कई बार दफ्तर में भी टैक्स जमा करते हैं लेकिन पहली बार नजूल शाखा द्वारा नोटिस जारी कर राशि जमा करने कहा जा रहा। ऐसे में दुविधा की स्थिति है कि नगर पालिका में जमा की गई राशि कौन सी थी? अब नए नोटिस के बाद फिर से राशि जमा करना पड़ेगा।

75 वर्गफीट जमीन के लिए कलेक्टर को अधिकार
भूमि व्यवस्थापन, आबंटन की प्रक्रिया को शासन ने संशोधन किया है। 7500 वर्गफीट तक की शासकीय भूमि के तीस वर्षीय पट्टे पर आवंटन व अतिक्रमित शासकीय भूमि के व्यवस्थापन का अधिकार कलेक्टर को होगा। इससे अधिक तीस वर्षीय पट्टे पर आवंटन व अतिक्रमित शासकीय भूमि के व्यवस्थापन का अधिकार राज्य शासन को होगा। शासकीय भूमि का आवंटन व अतिक्रमित शासकीय भूमि के व्यवस्थापन के समय प्रब्याजी एवं वार्षिक भू-भाटक का निर्धारण इस तरह किया गया है।

नियम अलग-अलग, लोकेशन के हिसाब से देनी होगी राशि

राशि जमा किए जाने के संबंध में कोई भी जानकारी नहीं दी गई है। कलेक्टोरेट के नजूल शाखा से प्राप्त जानकारी अनुसार नजूल की राशि जमा करने अगल-अगल नियम बनाए गए हैं। इसके लिए पंजीयन विभाग द्वारा जारी गाइड लाइन शामिल है। यह राशि लोकेशन आधार पर दिया जाएगा। यानी जो भूमि सड़क किनारे, मार्केट के आसपास होगा, उसका राशि ज्यादा है। शहर के आउटर या भीतर में होगा, उसका कम है। गैर रियायती दर पर शासकीय पट्टे पर आवंटित भूमि को यदि पट्टेदार द्वारा भूमिस्वामी हक में परिवर्तित कराना चाहे तो उनसे 2% अतिरिक्त राशि लेकर भूमिस्वामी अधिकार में परिवर्तित करने का अधिकार कलेक्टर को होगा। रियायती दर पर आवंटित भूमि को भूमिस्वामी हक में तभी परिवर्तित किया जाएगा, जब पट्टेदार जारी गाइड लाइन दर से पूर्ण प्रब्याजी का भुगतान कर दें।
वार्षिक भू-भाटक का निर्धारण 

  • अतिक्रमित शासकीय भूमि के व्यवस्थापन के समय निर्धारण गाइड लाइन की 150 प्रतिशत के बराबर किया जाएगा।
  • इसके साथ ही भूमिस्वामी, पट्टेदार द्वारा निर्धारित वार्षिक भू-भाटक की राशि को यदि 15 वर्ष का एकमुश्त भुगतान करने पर उसे अगले 15 वर्ष यानी 30 वर्ष के लिए वार्षिक भू-भाटक से भूगतान से छूट दी जाएगी।
  • निकाय को व्यवसायिक प्रयोजन के लिए भू-खण्ड के आवंटन निर्धारण प्रचलित गाइड लाइन की 25 प्रतिशत के बराबर होगा।

भीड़ ज्यादा होने के कारण केवल दस्तावेज जमा किए
कवर्धा नायब तहसीलदार हेमंत पैकरा ने बताया कि नजूल भूमि में अतिक्रमण व पट्टाधारी व्यक्ति को भूमि स्वामी हक प्रदान करने नोटिस जारी किया गया था। पहले दिन ज्यादा भीड़ थी। ऐसे में केवल दस्तावेज जमा किए हैं। उन्हें फोन कर सभी जानकारी दी जाएगी।

0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव- आर्थिक दृष्टि से आज का दिन आपके लिए उपलब्धियां ला रहा है। उन्हें सफल बनाने के लिए आपको दृढ़ निश्चयी होकर काम करना है। आज कुछ समय स्वयं के लिए भी व्यतीत करें। आत्म अवलोकन करने से आपको बहुत अधिक...

और पढ़ें