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नाराज परिजन घर ले गए:सांस की तकलीफ से डेढ़ घंटे तड़पता रहा मरीज

कवर्धा8 महीने पहले
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  • जिला अस्पताल के स्टोर रूम में था ऑक्सीजन सिलेंडर, फिर भी बुजुर्ग को नहीं लगाया

जिला अस्पताल में सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम अब तक शुरू नहीं हो पाया है। इसके चलते पिछले दिनों को एक बुजुर्ग मरीज को दिक्कत का सामना करना पड़ा। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे मरीज को लेकर परिजन अस्पताल पहुंचे थे। उन्हें ऑक्सीजन की जरूरत थी। अस्पताल के स्टोर में ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध था, इसके बाद भी डेढ़ घंटे तक मरीज काे परेशान होना पड़ा।
आखिरकार व्यवस्था से नाराज परिजन अपने मरीज को ले गए और होम आइसोलेट किया। मरीज के लिए सिख समाज की मदद से ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की। गंभीर बात तो यह है कि अस्पताल में अब तक सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम शुरु नहीं हो पाया है। मामले में सिविल सर्जन डॉ. एसके तिवारी का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त ऑक्सीजन सिलेंडर है। वर्तमान में रोज औसतन 12 से 15 ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत हो रही है। जैसे ही सिलेंडर खाली होते हैं, उसे रिफिलिंग के लिए भेजते हैं।
सेंट्रल ऑक्सीजन को शुरू करने लगवा रहे बिजली कनेक्शन: अस्पताल में 28 लाख रुपए की लागत से सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम लगाया गया है। बिजली कनेक्शन न होने से सिस्टम इंस्टॉल नहीं हुआ है, जिससे सांस लेने में तकलीफ पर मरीजों को सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। संकट काल में भी परेशानी हो रही है। अब जाकर ऑक्सीजन सिस्टम को शुरू करने के लिए बिजली कनेक्शन लगाने का काम किया जा रहा है। इस मामले में सीएस डॉ. तिवारी का दावा है कि जल्द ही सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम शुरू हो जाएगा।

कलेक्टर ने दिए मामले की जांच कराने के संकेत
जिला अस्पताल में बिना टेंडर के भंडार एवं क्रय नियमों की अनदेखी करते हुए सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम का काम कराया गया है। भास्कर में मुद्दा उठने के बाद कलेक्टर ने मामले में जांच के संकेत दिए हैं। कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा का कहना है कि अस्पताल में सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम का काम कैसे और किन परिस्थितियों में कराया गयाा, इसकी जांच होगी। आगे क्या करना है, इस संबंध में शासन से गाइडलाइन लिया जाएगा। ऑक्सीजन सिस्टम का काम हुआ है।

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