कवर्धा पहुंचा था प्रतिनिधिमंडल:पीड़ितों से मिलने पहुंचे भाजपा विधायकों की यही मांग; घटना की हो न्यायिक जांच

कवर्धा20 दिन पहले
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कवर्धा के सर्किट हाउस के बाहर भाजपा नेताओं को जिले के हालात की जानकारी देते अधिकारी। - Dainik Bhaskar
कवर्धा के सर्किट हाउस के बाहर भाजपा नेताओं को जिले के हालात की जानकारी देते अधिकारी।
  • कर्फ्यू के बीच नेता प्रतिपक्ष की अगुवाई में कवर्धा पहुंचा था प्रतिनिधिमंडल

कर्फ्यू के बीच नेता प्रतिपक्ष व भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, भाजपा के महामंत्री नारायण चंदेल व डॉ. कृष्ण मूर्ति बांधी कवर्धा पहुंचे। वे यहां पीड़ित परिवार से मिलना चाहते थे। लेकिन जिला प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा का हवाला देते हुए इजाजत नहीं दी। इससे नाराज नेता प्रतिपक्ष समेत पूर्व मंत्री व दल के सदस्य सर्किट हाउस के गेट के सामने ही जमीन पर बैठ गए। वे यहीं सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे व पीड़ितों से मिलने देने की मांग करते रहे।

पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कवर्धा जल रहा है और प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल यूपी घूम रहे हैं। गृहमंत्री नदारद हैं जबकि स्थानीय विधायक व मंत्री अज्ञातवास में हैं। पता नहीं कि छत्तीसगढ़ में शासन है या नहीं। यह घटना अनायास नहीं हुईं। पिछले 2 साल से यहां के लोग प्रताड़ित हैं। भाजपा के विधायकों का दल दोपहर लगभग 3 बजे कवर्धा के सर्किट हाउस पहुंचा। यहां उन्होंने सांसद संतोष पांडेय, प्रदेश मंत्री विजय शर्मा, जिलाध्यक्ष भाजपा अनिल सिंह, पूर्व विधायक मोतीराम चंद्रवंशी, अशोक साहू से बैठक की और पूरे हालात की जानकारी ली। इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कलेक्टर व एसपी से भी घटना की जानकारी ली।

न्यायिक जांच होनी चाहिए : नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि कवर्धा के लोग धर्म को मानने वाले हैं। यहां कभी दंगा नहीं हो सकता। लेकिन सरकार, यहां के विधायक व शासन के अधिकारी एक वर्ग को संरक्षित करना व दूसरे को प्रताड़ित करना चाहता है। यह घटना उसी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस घटना की न्यायिक जांच होनी चाहिए। गिरफ्तार किए गए बेगुनाह लोगों की नि:शर्त रिहाई होनी चाहिए व जो तलवार व डंडा लहरा रहे थे उनकी गिरफ्तारी होनी चाहिए। हम पीड़ितों से बातचीत करने आए थे, लेकिन हमें ऐसा करने से रोक दिया गया। हम नहीं चाहते कि कोई अप्रिय घटना घटे, लेकिन यदि सरकार ही चाहे, तो हम क्या कर सकते हैं।

सुरक्षा कारणों से रोका
कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने कहा कि कवर्धा नगर में कानून व व्यवस्था की स्थिति बनी हुई है और प्रतिबंधात्मक आदेश लागू हैं। ऐसे में हम विधानसभा सदस्यों की सुरक्षा में कोई चूक नहीं चाहते थे। शहर में कोई अप्रिय स्थिति न बने, इसलिए हमने प्रभावित परिवार से मिलने की अनुमति नहीं दी है।

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