शौर्य जागरण:देशभर से साधु-संत पहुंचे हजारों की भीड़ जुटी, मास्क-डिस्टेंसिंग भूले

कवर्धा2 महीने पहले
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विश्व हिंदू परिषद के आह्वान पर शहर के स्वामी करपात्री हाईस्कूल मैदान (स्टेडियम) में सोमवार को शौर्य जागरण संकल्प महासभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभर से साधु- संत पहुंचे थे। नए वैरिएंट के खतरे के बीच जब जिले में कोरोना के मरीज भी मिल रहे हैं तब बिना मास्क के हजारों की भीड़ जुटाई गई। कार्यक्रम स्थल पर सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन नहीं किया गया। 24 शर्तों के आधार पर यहां कार्यक्रम कराने की अनुमति दी गई थी लेकिन प्रशासन ने भी ध्यान नहीं दिया।

तय कार्यक्रम अनुसार सोमवार की सुबह शहर के सभी 27 वार्डों में 31 फीट का ध्वज साधु- संतों की उपस्थिति में फहराया गया। ध्वजारोहण के बाद शहर के सभी मार्गों से साधु-संतों के नेतृत्व में कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में अमरकंटक से पधारे महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद महराज, चित्रकूट से आए राजीव लोचन महराज, परमानंद महराज, बालकदास महराज, बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक सोहन सोलंकी, विहिप के प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष चंद्रशेखर वर्मा, सर्व समाज प्रमुख और रामनामी संप्रदाय के संत मंच पर आसीन हुए।

उन्होंने ध्वज मामले की सीबीआई जांच कराने मांग की। कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा के प्रथम पंक्ति के सारे नेताओं ने शिरकत की। इनमें भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व सीएम डाॅ. रमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, विधायक बृजमोहन अग्रवाल, अमर अग्रवाल, आरएसएस के प्रांत कार्यवाहक चंद्रशेखर देवांगन, प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, विजय बघेल, सांसद संतोष पाण्डेय सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

उंगली का गलत प्रयोग हमारी दुर्दशा का कारण: आयोजन स्थल पर जागरण मंच से राजीव लोचन महराज ने कहा कि हम संविधान के आधार पर काम करते हैं। हमें मुट्ठी और थप्पड़ उठाना नहीं, जागना है। हमें उंगली उठाकर जागना है। संविधान ने हमें ऊंगली के जरिए मतदान की सबसे बड़ी ताकत दी है। ऊंगली का गलत प्रयोग ही हमारी दुर्दशा का कारण है। इसलिए छग को और छग के लोगों को धर्म को धारण करने वाला बनना होगा। उस दौरान महासभा को परमानंद महराज, साेहन सोलंकी और चंद्रशेखर वर्मा ने भी संबाेधित किया।

सनातनी शराब व मांसाहार छोड़ें, गाय का दूध पीकर मजबूत बनें- संत बालकदास
संकल्प महासभा में महामंडलेश्वर स्वामी हरिहरानंद महराज ने ध्वज का अपमान नहीं सहने की बात कही। उन्होंने कहा कि युवाओं को जागना होगा। शराब के सेवन से बचना होगा। धर्म की रक्षा के लिए तैयार रहना होगा। संत बालकदास महराज ने कहा कि संतों पर, गोमाता पर और भगवा ध्वज पर हमला, यह सीधे सनातन पर हमला है। भगवान को हम ध्वज नहीं, गुरु मानते हैं और ध्वज का अपना हम सहन नहीं करेंगे। सभा करने भर से भारत अखंड नहीं बनेगा। इसके लिए कार्य करना होगा। सनातनी शराब व मांसाहार छोड़ें और गाय का दूध पीकर मजबूत बनें और अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाएं।

शहर में 12 जगहों पर नो-एंट्री, ट्रकों के पहिए थमे
शौर्य जागरण महासभा में 12 हजार से अधिक लोगों की भीड़ जुटी थी। रायपुर, बिलासपुर, धमतरी, मुंगेली, बेमेतरा समेत दीगर जिलों से यहां लोग आए थे। भीड़ को देखते हुए कार्यक्रम में शामिल होने वालों के लिए शहर में 12 जगहों पर नो- एंट्री लगाई गई थी। भीड़ के कारण जगह- जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई।
यही नहीं, ऐहतियात के तौर पर शहर के चिह्नांकित इलाकों को बैरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया गया था। इससे आम लोगाें को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए सड़कों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किए गए थे। इस दौरान किसी तरह का कोई विवाद सामने नहीं आया है। कार्यक्रम में शामिल होने बाहर से आए लोगों के लिए अलग से पार्किंग व्यवस्था थी। इसके बावजूद अधिकांश सड़कों पर गाड़ियां खड़ी दिखी। बोड़ला में हाईवे पर ट्रकों के पहिए थम गए थे।\

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