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नरवा योजना:दो साल में 62 नालों को सुधारा, पानी आया तो अब दो फसल ले रहे किसान, कोंडागांव में दो साल में 524.29 किमी नालों का काम हुआ

कोंडागांव8 दिन पहले
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नरवा योजना से लघु नालों को पुनर्जीवन मिला है। - Dainik Bhaskar
नरवा योजना से लघु नालों को पुनर्जीवन मिला है।

जिले में फ्लैगशिप योजना नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी के तहत जल संचय और जल स्रोतों के संरक्षण के तहत दो वर्षों में 62 नालों में कार्य किया गया है जिसकी लंबाई 524.29 किमी है। इसके साथ ही नरवा के उपचार के लिए 10 हजार 156 कार्य किए गए। जिनकी लागत 21.57 करोड़ रुपए है। नरवा कार्यों में अब तक 9 हजार 120 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। जिसमें 15.288 करोड़ रुपए खर्च हुआ है। जिनमें 205 गैबियन निर्माण, 1652 लुज बोल्डर चैक डैम, 179 डाइक, 1756 30-40 मॉडल, 26 चैक डैम, 4 स्टाॅप डैम, 6 अर्धन डैम के साथ-साथ डबरी तालाब, मेड़ बंधान, ब्रश हुड, गलीप्लग जैसे जल संरचनाओं का निर्माण किया गया है।

नालों में पानी रहने से सिंचाई में मिला फायदा: ड्रेनैज ट्रीटमेंट और कैचमेंट एरिया ट्रीटमेंट के बाद सितंबर तक बहने वाले नरवा अब फरवरी तक भरे रहते हैं। पानी मिलने से फसल पैदावार व वनोपज में बढ़ोतरी देखने को मिली है। जो किसान पहले एक फसली कृषि तक सीमित रहते थे वे अब दोगुने उत्साह से डबल फसल ले रहे हैं। अब तक जिले में नरवा योजना से 128 ग्राम पंचायत के किसान लाभान्वित हुए।

11 नालों को फिर कर लिया गया है पुनर्जीवित

सूत्रों के अनुसार नालों में जल संरचनाओं के निर्माण से जिले के कुल 11 नालों को पुनर्जीवित कर लिया गया है। साथ ही 18 नालों में बारहमासी पानी रहने लगा है। नाला के विकास से 1605.876 हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि भी हुई है।

इससे संबधित ग्राम में भूमिगत ग्राम में 9.64 इंच की औसतन वृद्धि दर्ज होने के साथ-साथ नाले की आस-पास की भूमि में 1.24 प्रतिशत मृदा में नमी के स्तर में बढ़ोतरी हुई है।

जल संरक्षण के लिए नरवा योजना होगी वरदान

जल संरक्षण को लेकर अभी निश्चित ही लंबा रास्ता तय करना है और इसमें नरवा योजना बेहद कारगर सिद्ध होगी। इससे इंकार नहीं किया जा सकता और नरवा के जरिए जल संरक्षण की शुरुआती सफल क्रियान्वयन ने जल, जंगल, जमीन को जीवनदान दिया है। कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा ने कहा कि सरकार की नरवा योजना का लाभ किसानों को भरपूर मिलने लगा है गांव-जंगलों में नालों का बंधान कर पानी को रोका जा रहा है। ​​​​​​​

किसान बोले- नाले में पानी आने से मिलेगी फायदा

किसान सुरेंद्र जयराम भूपेश अशोक आसमान सार्दुल ने कहा कि पहले ऐसे छोटे-छोटे डबरों व नालों में जो पानी आता था वो ऐसे ही बह जाता था। सरकार की नरवा योजना से ऐसे छोटे-छोटे नाले व डबरी को सरकार बांध रही है। अब इसका सबसे अधिक लाभ हमें गर्मी के समय मिलेगा।​​​​​​​

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