ग्रामीणों ने वैक्सीन लगवाने से मना किया:जवान व तेलंगाना से लौटे ग्रामीण निकल रहे पॉजिटिव

कोंटा6 महीने पहले
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दूसरे राज्यों से आ रहे लोगों का कोंटा सीमा में किया जा रहा कोरोना टेस्ट। - Dainik Bhaskar
दूसरे राज्यों से आ रहे लोगों का कोंटा सीमा में किया जा रहा कोरोना टेस्ट।
  • अंदरूनी गांवों के लोग कोरोना का टीका लगाने से कर रहे मना, कोंटा ब्लॉक में 91 एक्टिव केस

सुकमा जिले में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मरीजों की संख्या चौकाने वाली है। जिले के तीनों विकास खंडों में प्रशासन मुस्तैद है।सीमाओं पर बिना जांच के जिले वासियों को अंदर प्रवेश मुश्किल कर दिया गया है।कोन्टा जो कि छत्तीसगढ़ का अंतिम छोर पर बसा हुआ है।

फिलहाल बॉर्डर पर हर दिन 50 से 80 की संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इनमें ज्यादातर मिर्ची तोड़ने आंध्र व तेलंगाना गए हुए सुकमा व दंतेवाड़ा जिले के आदिवासी ग्रामीणों की वापसी व कोन्टा एवं फन्दीगुड़ा व इंजरम सहित दोरनापाल एरिया में तैनात सीआरपीएफ बटालियन के जवानों की वापसी भी इसी रास्ते से हो रही है।

कारोना के नोडल अधिकारी श्रीनिवास टोटा ने जानकारी देते हुए कहा कि अभी तक की स्थित में कोन्टा जोन के अंतर्गत टोटल 50 एक्टिव केस हैं। जिनमें 33 होम आइसोलेटेड है तो वहीं 17 को जिला कोविड हॉस्पिटल भेज दिया गया है। इन 50 केसों में 11 सीआरपीएफ के जवान तो बाकी सिविलियन हैं। इसी तरह दोरनापाल जोन में नोडल अधिकारी दुष्यंत कौशिक ने जानकारी दी कि यहां पर अब तक एक्टिव केस 41 हैं। जिसमें 14 सिविलियन होम आइसोलेशन में हैं। इसके अलावा दोरनापाल एरिया में तैनात 27 सीआरपीएफ के जवान पॉजिटिव पाए गए है।

बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच जिला प्रशासन लगातार वैक्सीनेशन पर जोर देकर हर व्यक्ति को टीका लगाने का प्रयास कर रही है।इसी कड़ी में कोन्टा ब्लॉक में सभी अंदरूनी व पहुंच विहीन ग्रामों में भी स्वास्थ्य अमला द्वारा वैक्सीन लगाने की मुहिम छेड़े हुए है।विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अंदरूनी क्षेत्रों के ग्रामीणों तक वैक्सीन पहुंचे इसलिए हर सम्भव प्रयास कर रहे हैं। कुछ ग्रामों के ग्रामीण पानी फेर रहे है। बीएमओ कपिल कश्यप द्वारा दी गयी जानकारी अनुसार पेंटापाड,साकलेर,कोलाई गुड़ा, पुअर्ती, टेकलगुड़ा ,सिलगेर के ग्रामीणों ने वैक्सीन लगवाने से मना कर दिया है।

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