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भादो कर रहा भरपाई:24 घंटे में 122 मिमी बारिश, नदी-नाले उफने, कई सड़कें बंद, कसेकेरा नाला पार कर रहे थे ग्रामीण, आ गया भालू

महासमुंद8 दिन पहले
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नाला पार करते ही आया भालू तो भागे ग्रामीण। - Dainik Bhaskar
नाला पार करते ही आया भालू तो भागे ग्रामीण।
  • पुल पर पानी होने के कारण गांजर-मुनगासेर, कोमाखान-कुलिया और नर्रा के रास्ते ओडिशा मार्ग हुआ बंद
  • नदी और जलाशयों में बढ़ी आवक, बारिश से धान की फसल को फायदा

महासमुंद जिले में पिछले 24 घंटे में 122 मिमी औसत बारिश हुई। सर्वाधिक बारिश बसना ब्लॉक में हुई है। यहां 189 मिमी वर्षा पिछले 24 घंटे में हुई है। सोमवार से लगातार हो रही बारिश का असर मंगलवार की सुबह देखने को मिला। बारिश के कारण जिले के कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं। इसके चलते बागबाहरा और बसना क्षेत्र के नदी-नालों का पानी पुल-पुलिया से ऊपर बहने लगा और बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई। इसके चलते बागबाहरा क्षेत्र में आवागमन थोड़ा प्रभावित रहा।

इधर, मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। यानी जिले में आगामी दो दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है। बारिश का असर सबसे अधिक बागबाहरा ब्लॉक में देखने को मिला। ग्राम छुहिया मार्ग स्थित मचका नाले में पानी पुल के ऊपर से बहने के कारण आवागमन अवरूद्ध रहा।

वहीं इसके चलते मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मरीज को कुर्सी में बिठाकर ग्रामीणों ने नाला पार कराया और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागबाहरा अस्पताल ले गए। कसेकेरा नाला के ऊपर भी पानी बह रहा था। बागबाहरा ब्लॉक के ही गांजर-मुनगासेर मार्ग पर स्थित पुल के ऊपर पानी का तेज बहाव था और आवाजाही बंद रही। कोमाखान कुलिया मार्ग, नर्रा के रास्ते ओडि़शा मार्ग पर स्थित जोंक नदी पर स्थित पुल पानी में डूब गया। यह मार्ग अवरूद्ध रहा।

24 घंटे में हुई बारिश ने धान को दिया नया जीवन

कृषि विभाग के उप संचालक एसआर डोंगरे ने बताया कि 24 घंटे से हो रही बारिश किसानों के लिए फायदेमंद है। खेत लबालब हो गए हैं। नदी-नालों में भी पानी की आवक अच्छी है। असर जलाशयों में भी नजर आएगा। जिस क्षेत्र में कम बारिश हुई थी, वहां धान की फसल को नया जीवन मिला है। हालांकि अच्छी बारिश में देरी से धान के उत्पादन में 15-20 प्रतिशत की कमी आएगी। जिले में अब तक 819 मिमी हुई बारिश, औसत से अभी भी 225 मिमी कम है।

ग्रामीणों ने भागकर बचाई जान, वन विभाग ने आसपास जारी किया अलर्ट

इधर, कसेकेरा नाला पार कर रहे ग्रामीणों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पुल के उस पार अचानक भालू आ धमका। भालू को देखते हुए पुल पार कर रहे ग्रामीण अचानक भागकर वापस आए और अपनी जान बचाई। हालांकि नाले में पानी के कारण भालू जंगल की ओर भाग गया। वन विभाग ने आसपास के क्षेत्र में अलर्ट कर दिया है।

जानिए, इस सिस्टम के कारण हुई तेज बारिश

मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि एक गहरा अवदाब उत्तर छत्तीसगढ़ और उससे लगे हुए उत्तरी अंदरूनी ओडिशा और छत्तीसगढ़ में कई सिस्टम बने हैं, कुछ पश्चिम बंगाल से आ रहे हैं। इसके कारण ही इतनी बारिश हुई।

मरीज को कुर्सी पर बिठा नाला पार कराना पड़ा

छुहिया व फिरगी के रास्ते में मचका नाला पुल के ऊपर से करीब 4 से 5 फीट पानी बह रहा है। गांव के ही एक व्यक्ति की तबीयत अचानक खराब हो गई। नाला पुल पर 5 फीट पानी होने के कारण बाद परिजन ने ग्रामीणों की मदद से मरीज को कुर्सी पर बिठाकर जान खतरे में डाल नाला पार कराया और अस्पताल पहुंचे। ग्रामीण जीवन ने बताया कि मचका नाला में हर साल बाढ़ की स्थिति निर्मित होती है।

जानिए, पिछले 24 घंटे में कहां कितनी बारिश हुई

ब्लॉक बारिश 1 जून से 14 सितंबर

महासमुंद - 112 - 903.2 सरायपाली - 110 - 821.2 बसना - 189 - 971 पिथौरा - 62.5 - 524.1 बागबाहरा - 141.2 - 875.6 औसत - 122.9 - 819​​​​​​

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