परेशानी:कोडार में 17% पानी, 38 जलाशयों के गेट बंद होने से होगी समस्या

महासमुंद2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
महासमुंद। इस बार कोडार जलाशय में सिर्फ 17 प्रतिशत ही पानी भर पाया है। - Dainik Bhaskar
महासमुंद। इस बार कोडार जलाशय में सिर्फ 17 प्रतिशत ही पानी भर पाया है।
  • सितंबर महीने में अच्छी बारिश हुई और कोडार का जलस्तर बढ़ा तो ही आगे मिलेगा पानी नहीं तो सूखे जैसी हो जाएगी स्थिति

कोडार जलाशय सहित जिले के अन्य लघु जलाशयों के गेट अब सिंचाई के लिए बंद कर दिए गए हैं। अब इन जलाशयों से दोबारा खेतों की सिंचाई नहीं होगी, क्योंकि इन जलाशयों में अब केवल 17 प्रतिशत पानी ही शेष बचा है। इन्हें गर्मी के दिनों में निस्तारी के लिए बचाकर रखा गया है।

सितंबर में यदि अच्छी बारिश से जलाशयों में पानी का भराव होगा तो ही किसानों को सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा। जिले के कोडार जलाशय में 10 फीट यानी 17 प्रतिशत पानी है। पानी छोड़ने के पूर्व यहां 20 फीट यानी 31 प्रतिशत पानी था। जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता जेके चंद्राकर ने बताया कि इस बार पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण जलाशय नहीं भर पाए हैं।

जलाशय में पानी नहीं होने के कारण किसानों को सिंचाई के लिए भी पानी पर्याप्त नहीं दे पा रहे हैं। जल उपभोक्ता समिति की बैठक में हुए निर्णय के आधार पर वृहद व लघु जलाशयों में 17 प्रतिशत पानी का भराव रखना है।

इसके बाद जलाशयों में जो पानी है, उसे सिंचाई के लिए किसानों को दिया जाना है। निर्णय के अनुसार जलाशयों से पानी दे दिया गया है। अब 38 जलाशयों का गेट बंद कर दिया गया है। बता दें कि पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण किसानों को बांधों से पानी नहीं मिल पा रहा है।

38 जलाशयों से पानी देना बंद, अभी 15 से मिल रहा
जिले के कोडार जलाशय के अलावा 38 जलाशय में पानी देना बंद कर दिया है। इन जलाशय में पानी 17 प्रतिशत ही भरा है। जल संसाधन विभाग से मिली रिपोर्ट की मानें तो 13 अगस्त से 4 सितंबर तक 52 जलाशय से पानी किसानों को दिया जा रहा था। नियम के तहत जिन बांधों में 17 प्रतिशत तक पानी है, उन बांधों से पानी देना बंद हो गया है। 15 जलाशयों से सिंचाई के लिए पानी किसानों को अभी भी दिया जा रहा है।

52 बांधों से 20 हजार हेक्टेयर से अधिक की हुई सिंचाई
बारिश नहीं होने से खेतों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाया है। किसानों ने फसलों की स्थिति देखकर बांधों से सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की मांग की थी। इसके बाद भी जब विभाग ने पानी नहीं छोड़ा तो किसानों ने दबाव बनाया, फिर जल उपभोक्ता समिति की बैठक होने के बाद 52 बांधों से 4 सितंबर तक सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया। इन बांधों ने करीब 20953 हेक्टेयर की सिंचाई हुई है।

23 दिन सिंचाई के लिए दिया पानी
जल उपभोक्ता समिति की बैठक के बाद से 13 अगस्त से कोडार सहित 52 अन्य लघु जलाशयों से किसानों की मांग अनुसार सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया। इस दौरान बारिश नहीं होने से सिंचाई से फसलों को राहत मिली। जानकारी के अनुसार 13 अगस्त से 4 सितंबर तक जलाशयों से पानी छोड़ा गया। यानी 23 दिनों तक पानी किसानों को दिया गया।

खबरें और भी हैं...