अव्यवस्था:2.34 लाख क्विंटल धान का नहीं हुआ उठाव, इधर नई खरीदी के बाद परिवहन के लिए कर रहे टेंडर की तैयारी

महासमुंद20 दिन पहले
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महासमुंद। उपार्जन केंद्रों में इस तरह पड़े हैं धान जो अब सड़ भी चुके हैं। - Dainik Bhaskar
महासमुंद। उपार्जन केंद्रों में इस तरह पड़े हैं धान जो अब सड़ भी चुके हैं।
  • जिले की करीब 8 समितियों में पड़ा है धान, बारिश में सड़ भी चुका, मिलर्स कर रहे उठाने से इंकार

खरीफ सीजन 2021-22 के नए धान के उठाव के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार प्रदेश स्तर पर नए सीजन में धान उठाव के लिए टेंडर की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही जल्द ही हर अलग-अलग जिले में धान परिवहन के लिए टेंडर निकाला जाएगा। इधर, विपणन विभाग ने आगामी सीजन 2021-22 के लिए धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन पिछले साल का करीब 2.34 लाख क्विंटल धान का उठाव समितियों से अब तक नहीं हुआ है।

बारिश की वजह से समितियाें में पड़े-पड़े धान खराब हाे गया है। यही कारण है कि मिलर्स भी इस धान का उठाव करने से मना कर रहे हैं और हड़ताल पर बैठे हैं। जिला विपणन अधिकारी सीआर जोशी का कहना है कि नए धान का उठाव के लिए टेंडर जल्द ही जारी होगा। नए धान की खरीदी के लिए तैयारियां शुरू हो गई है। पुराने धान के संबंध में उन्होंने कहा कि मिलर्स को उठाने के लिए डीओ जारी कर दिया गया है, लेकिन मिलर्स धान का उठाव नहीं कर रहे हैं।

एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन शुरू : खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का की खरीदी करने, खेती करने वाले किसानों को समर्थन मूल्य पर धान एवं मक्का विक्रय करने के लिए ‘‘एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन कराना आवश्यक होगा। इसमें किसानों के धारित भूमि एवं बोएं गए फसलों के रकबा सत्यापन के लिए भुईया पोर्टल से लिंक किया गया है।
एकीकृत किसान पोर्टल में राजीव गांधी किसान न्याय योजना, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, धान एवं मक्का का समर्थन मूल्य पर उपार्जन, कोदो, कुटकी एवं सभी उपार्जन योजना को सम्मिलित है। इस पोर्टल में फसल के निर्धारण हेतु भुईंया पोर्टल में संधारित भूमि एवं गिरदावरी के आंकड़ो का उपयोग किया जाएगा। सभी फसलों की जानकारी किसानवार रहेगी। इससे मदद मिलेगी।

उठाव के लिए ये हैं शर्ते
प्रतिवर्ष धान खरीदी के बाद उसे उठाव के लिए परिवहनकर्ता को टीओ (परिवहन आदेश) मिलने के बाद 72 घंटे के अंदर परिवहन करना अनिवार्य होता है, अन्यथा मार्कफेड को ये अधिकार रहता है कि किसी अन्य परिवहनकर्ता से परिवहन कराकर अंतर की राश परिवहनकर्ता से वसूल कर सकेगा और संबंधित ट्रंासपोर्टर को अगामी वर्षों के लिए काली सूची में दर्ज किया जाएगा।

हर जिले के लिए निकलेगा अलग ऑनलाइन टेंडर
विपणन विभाग के अधिकारियों की मानें तो राजधानी में परिवहन के लिए ऑनलाइन टेंडर जारी हो गया है। अब जल्द ही अलग-अलग जिलों के लिए टेंडर ऑनलाइन निकाली जाएगी। दो साल का परिवहन का अनुभव रखने वाले ट्रंासपोर्टरों को प्राथमिकता दी जाती है। इसके लिए कार्यानुभवन रािश 50 लाख रुपए होती है।

जानिए, इतना धान समितियों में बाकी
पिछले साल जिले में धान बेचने केलिए 141584 किसानों ने अपना पंजीयन कराया था। इसमेंसे 1,36391 किसानों ने धान बेचा। इन किसानों से 137 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से 75 लाख क्विंटल धान खरीदा गया। उपार्जन केंद्रों से मिलरों को 44 लाख 55 हजार का उठाव हुआ। इसके अलावा संग्रहण केंद्रों में 21 लाख 29 हजार क्विंटल धान भेजा गया। नीलामी में 6 लाख 89 हजार 70 क्विंटल धान बेचा गया। इसके बाद भी सात से आठ उपार्जन केद्रों में 2 लाख 34 हजार 459 क्विंटल धान शेष बचा हुआ है।

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