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तीसरी लहर की तैयारी:जिला अस्पताल में 30 बिस्तर का पीडियाट्रिक वार्ड जल्द ही

महासमुंद13 दिन पहले
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जिला अस्पताल के इसी हॉल में बनेगा पीडियाट्रिक वार्ड। - Dainik Bhaskar
जिला अस्पताल के इसी हॉल में बनेगा पीडियाट्रिक वार्ड।
  • आने वाले समय में बच्चों को कोरोना से ज्यादा खतरा होने की आशंका के बीच स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किए बंदोबस्त

जिले में कोरोना के 30354 केसेस मिल चुके हैं और इसकी वजह से 343 लोगों की मौतें भी हुई हैं। इन आंकड़ों में सर्वाधिक संख्या कोरोना के दूसरे लहर में ही मिले हैं। ऐसे में कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों पर ज्यादा प्रभाव पड़ने की संभावना के साथ जिला स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके तहत जिला अस्पताल परिसर में कोरोना की तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए 30 बिस्तरों का पीडियाट्रिक वॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इसकी तैयारियां भी शुरू हो गई हैं, जो जल्द ही तैयार हो जाएगी।

दूसरे लहर के लिए ही किया जाता रहा है
बता दें कि जिला अस्पताल परिसर के ऑपरेशन थिएटर के ठीक ऊपर इस वार्ड के लिए तैयारी मई महीने की शुरुआत में ही कर दी गई थी। इसे कोरोना के दूसरे वेव के लिए ही बनाया जा रहा था, क्योंकि अप्रैल महीने व मई के पहले पखवाड़े तक रोजाना बड़ी संख्या में कोरोना के मरीज मिल रहे थे। इन मरीजों के लिए ऑक्सीजन व्यवस्था के साथ वार्ड तैयार कर इलाज के लिए समर्पित करने का प्लान था।

हो रही है पोताई
इस वार्ड को शुरू करने के लिए यहां विभिन्न मरम्मत कार्य करवाए गए हैं। इसमें बिजली व्यवस्था, पानी व अन्य चिकित्सकीय जरूरतों के हिसाब से यहां कार्य हुए हैं और आगामी दिनों में भी होगा। अभी यहां दीवारों में पेंटिंग का कार्य चल रहा है। यह वार्ड जून के दूसरे पखवाड़े तक तैयार हो जाने की संभावना है।

तीसरे लहर की तैयारी
सीएमएचओ डॉ. एनके मंडपे ने बताया कि इस वार्ड को कोरोना के दूसरे लहर के लिए ही बनाया जा रहा था। वर्तमान में संक्रमण रेट में कमी आई है, जिसके कारण अभी मरीज कम संख्या में मिल रहे हैं। आगामी कोरोना के तीसरे लहर में बच्चों के ज्यादा प्रभावित होने की संभावना है। इसलिए इस वार्ड को अब बच्चों के लिए तैयार किया जा रहा है।

मई के दूसरे पखवाड़े में संक्रमण कम हुआ तो तीसरे लहर की तैयारी
गौरतलब है कि मई के दूसरे पखवाड़े में कोरोना संक्रमण की रफ्तार में कमी आई, जो महीने के अंत तक 100 के आंकड़ों तक ही सिमट गई। इसके चलते जिले भर के अस्पतालों की बड़ी संख्या में बिस्तरें खाली हो गई हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए इस वार्ड को बच्चों के लिए तैयार करने का निर्णय लिया, जो आगामी दिनों में उन्हें कोरोना से बचाने में काफी मददगार होगा।

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