चौथी बार बाल संप्रेक्षण गृह हुआ ब्रेक:एक साथ 9 अपचारी बालक खिड़की की ग्रिल काटकर भागे, होमगार्ड निलंबित

महासमुंदएक महीने पहले
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संप्रेक्षण गृह के पीछे की दीवार, जहां से फांदकर भागे बच्चे। - Dainik Bhaskar
संप्रेक्षण गृह के पीछे की दीवार, जहां से फांदकर भागे बच्चे।
  • कर्मचारी तैनात हैं, सीसीटीवी कैमरे भी हैं फिर भी अपचारियों के भागने का पता सुबह रूटीन जांच में चला

जिला मुख्यालय बरोंडा बाजार स्थित बाल संप्रेक्षण गृह चौथी दफा अपचारी बालकों ने ब्रेक किया है। इस बार एक साथ भागने वाले बालकों की संख्या 9 है। इसमें 4 बलौदाबाजार व 5 महासमुंद जिले के निवासी हैं, जाे चाेरी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीए व आबकारी के मामले में संप्रेक्षण गृह में थे। बार-बार अपचारी बालक के भागने के पीछे विभाग की लापरवाही सामने आ रही है। इस घटना का पता सुबह रूटीन जांच के दौरान चला जब बालक बिस्तर पर नहीं थे। बाल संप्रेक्षण गृह में पदस्थ अधिकारी व कर्मचारी की लचर सुरक्षा व्यवस्था के कारण अपचारी बालक पिछले तीन साल में चार बार फरार हाे चुके हैं। भागे बालकाें में चार वहीं पुराने हैं, जाे पहले भी संप्रेक्षण गृह ब्रेक कर चुके हैं। इस बार की घटना में पांच नए बालक शामिल हो गए हैं। पिछली बार भी इन बालकों को भागने के बाद उनके घरों से पकड़ा गया था। इसलिए पुलिस इस बार भी कयास लगा रही है कि बालक भागने के बाद घर जरूर जाएंगे। बालकों के घरों के आसपास के थानों को सूचना दे दी गई है। बालकों के परिजन के साथ ही रिश्तेदारों को भी सूचना दे दी गई है।

महिला बाल एवं विकास विभाग के जिला परियोजना अधिकारी समीर पांडेय ने बताया कि 9 अपचारी बालक सुबह खिड़की की ग्रिल तोड़कर पीछे की दीवार फांदकर फरार हुए हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मेघा टेंभुरकर का कहना है कि अपचारी बालकों के भागने की सूचना महिला बाल विकास विभाग से मिली है। अपकड़ने के लिए टीम गठित कर ली गई है। समाचार लिखे जाने तक सभी अपचारी बालक पुलिस के गिरफ्तर से बाहर थे। इधर एसपी ने लापरवाही के लिए होमगार्ड को निलंबित कर दिया है। जांच के बाद दूसरे कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

सुरक्षा पर सवाल, हर बार एक ही पैटर्न
इस बार भी संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। क्योंकि संप्रेक्षण गृह में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। साथ ही सुरक्षा के लिए कर्मचारी भी यहां तैनात किए गए हैं। फिर अपचारी भाग रहे हैं। बालकों ने खिड़की के ग्रिल को काटा है, ऐसे में बालकों के पास हथियार कहां से आए, ग्रिल काटने के दौरान आवाज आई या नहीं? ये सभी सवाल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किए जा रहे हैं। अब तक भागने की सभी चार घटनाओं में भागने का पैटर्न एक सा है। ये बालक जितनी बार भी यहां से भागे हैं, हर बार खिड़की का ग्रिल तोड़कर पीछे पेड़ के सहारे भागे हुए हैं।

दो अपचारी ऐसे जो चौथी बार भागे
चोरी के मामले में बंद सिमगा के रहने वाले दो अपचारी बालकों ने सबसे पहले संप्रेक्षण गृह को 2019 में ब्रेक किया। घटना के दूसरे दिन दोनों बालक सिमगा से पकड़े गए। इन्हें फिर से संप्रेक्षण गृह में बंद कर दिया गया। इसके बाद ये दोनों बलौदाबाजार के एक अपचारी बालक को लेकर दूसरी दफा भागे। तीसरी बार दोनों अपचारी बालक, एक बलौदाबाजार का बालक, यूपी के एक बालक को लेकर भागे थे। इस बार इन चारों ने 5 अन्य अपचारी बालकों को लेकर फरार हो गए।

कलेक्टर और एसपी ने किया संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण
कलेक्टर डोमन सिंह और पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल सुबह बाल संप्रेक्षण गृह पहुंचे। यहां अधिकारियों से मामले की जानकारी ली गई। साथ ही कलेक्टर ने लापरवाही बरतने पर कर्मचारियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और मामले की पूरी जांच के लिए एसडीएम महासमुंद को निर्देशित किया गया है।

जानिए, इसके पहले कब-कब भागे अपचारी बालक

  • 18 सितंबर 2019 – 2 अपचारी बालक हुए थे फरार
  • 15 अगस्त 2020 – पूर्व में भागे दो बालक के साथ एक अन्य फरार
  • 11 मई 2021 – 4 अपचारी बालक हुए फरार
  • 14 अक्टूबर – 2021 – 9 अपचारी बालक हो गए फरार
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