नवरात्र का समापन:नवरात्रभर सेवा व भक्ति के बाद जसगीत गाते हुए भक्तों ने दी माता दुर्गा को विदाई

महासमुंद2 महीने पहले
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विसर्जन के लिए मां दुर्गा की प्रतिमा को ले जाते हुए। - Dainik Bhaskar
विसर्जन के लिए मां दुर्गा की प्रतिमा को ले जाते हुए।
  • गाइडलाइन के साथ कई प्रतिमाओं का आज भी किया जाएगा विसर्जन

दुर्गाष्टमी हवन पूजन के बाद गुरुवार को पंडालों में विराजित मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन का भक्तों ने नम आंखों से विदाई दी। माता के जसगीत के साथ प्रतिमा पंडाल से निकलकर महामाया तालाब पहुंची, जहां भक्तों ने प्रतिमा का विसर्जन किया। सुबह से शाम तक प्रतिमाओं का विसर्जन चलता रहा। गुरुवार होने के कारण शहर में विभिन्न जगह विराजित प्रतिमाओं का पूरी तरह से विजर्सन नहीं हुआ है।

आज सुबह से ही प्रतिमाओं के विसर्जन की जाएगी। गुरुवार को एक्का-दुक्का प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। माता भगवती की प्रतिमा के विसर्जन का दौर शहर के विभन्न पंडालों से शुरू हुआ जो, मेन रोड होते हुए अहिंसा द्वार, गांधी चौक होते हुए महामाया तालाब तक माता की विसर्जन यात्रा निकली। विसर्जन यात्रा में माता के जसगीत के साथ भक्त बाना व सांग लेकर अगुवाई करते नजर आए। किसी भक्त ने गाल में तो किसी ने जीभ में सांग लिया था। इधर, माता के विसर्जन यात्रों को देखने शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर भक्ताें की भीड़ उमड़ी रही। भक्तों ने गमगीन होकर मां की प्रतिमा का विसर्जन किया।

आज सभी प्रतिमाओं का किया जाएगा विसर्जन
गुरुवार होने के कारण शहर के एक्का-दुक्का प्रतिमाओं का विसर्जन गुरुवार को किया गया। आज शहर के विभिन्न जगहों में विराजित पूरी प्रतिमाओं का विसर्जन होगा। रात में विजयादशमी पर्व के बाद बस स्टैंड स्थित लाल महल में विराजित मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन होगा। बता दें कि इस बार कोविड संक्रमण की गाइडलाइन के नियमों का पालन करते हुए प्रशासन ने प्रतिमाएं विराजित करने की छूट दी थी, इसके चलते शहर के 20 से 25 जगहों पर मां की प्रतिमा विराजित हुई है। आठ दिनों तक भक्तों ने मां की सेवा करने के बाद नवमीं व दशमीं में नम आंखों से मां को बिदा किया।

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