ट्रैक ओके, इलेक्ट्रिक सप्लाई ओके:120 किमी प्रति घंटे की औसत रफ्तार से बेलसोंडा से आरंग तक इलेक्ट्रिक इंजन से दौड़ी ट्रेन, आज से यात्री ट्रेन भी शुरू

महासमुंद6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
गुरुवार को महानदी पर बने नए रेलवे पुल से गुजरती सीआरएस ट्रेन। - Dainik Bhaskar
गुरुवार को महानदी पर बने नए रेलवे पुल से गुजरती सीआरएस ट्रेन।
  • बेलसोंडा से आरंग रेलवे स्टेशन तक स्पीड ट्रायल के साथ दोहरीकरण व इलेक्ट्रिफिकेशन की जांच हुई
  • रेलवे संरक्षा आयोग की टीम पहुंची महासमुंद
  • ओके रिपोर्ट जारी होते ही परिचालन शुरू, रात 8 बजे गुजरी मालगाड़ी

महानदी पर बने नए पुल (डाउन लाइन) पर ट्रेनों का परिचालन शुरू कर लिया गया है। शाम 4 बजे रेलवे संरक्षा आयोग (सीआरएस) की स्पेशल ट्रेन से इस ट्रैक पर ट्रायल लिया गया। बेलसोंडा से आरंग रेलवे स्टेशन तक किए गए इस ट्रायल में ट्रेन की औसत स्पीड 120 किमी की रही।

ट्रैक और इलेक्ट्रिफिकेशन दोनों में सब कुछ सही होने पर सीआरएस की टीम ने डाउन लाइन पर ट्रेनों के परिचालन के लिए अपना क्लीयरेंस दे दिया है। इसके बाद रात 8 बजे पहली मालगाड़ी इस ट्रैक से गुजरी। शुक्रवार से विशाखापट्नम की ओर से आने वाली यात्री गाड़ियों का परिचालन भी डाउन लाइन पर शुरू कर लिया जाएगा।

इसके पहले सीआरएस की टीम ने बेलसोंडा से आरंग स्टेशन के बीच करीब 12 घंटे का समय बिताया।गुरुवार सुबह 6 बजे स्पेशल सेलून से दक्षिण-पूर्व वृत कोलकाता से रेल सुरक्षा आयुक्त एस मित्रा, संबलपुर रेल प्रबंधक प्रदीप कुमार और उनकी पूरी टीम बेलसोंडा स्टेशन पहुंची। सबसे पहले यहां स्टेशन पर बने ई रेलवे कक्ष की जांच की गई। इसके बाद टीम सड़क मार्ग से ग्राम घोड़ारी चौक पहुंची।

अब आरंग से रायपुर तक काम पूरा कराना चुनौती

वाल्टेयर रूट पर रायपुर से टिटलागढ़ तक 203 किमी में दोहरीकरण और इलेक्ट्रिफिकेशन का काम साल 2012 में शुरू हुआ था। वर्तमान में टिटलागढ़ से आरंग तक काम पूरा होने के साथ ही ट्रेनों के परिचालन के लिए क्लीयरेंस मिल चुका है। लेकिन रेलवे के सामने बड़ी चुनौती आरंग से रायपुर का काम पूरा करना है।

वर्तमान में आरंग से मंदिर हसौद तक काम जारी है, लेकिन रायपुर में अतिक्रमण के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। जानकारी के अनुसार मंदिर हसौद तक काम पूरा होने के बाद ही रायपुर की ओर हुए अतिक्रमण को हटाया जाएगा। संभवतः इस साल रायपुर तक दोहरीकरण व इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा कर लिया जाएगा।

और एक नजर दोहरीकरण और इलेक्ट्रिफिकेशन के काम पर भी

  • 203 किलोमीटर टिटिलागढ़ से रायपुर।
  • 2012 सितंबर से काम की शुरुआत।
  • 758.09 करोड़ की लागत से दोहरीकरण।
  • 258 करोड़ की लागत से विद्युतीकरण।
  • आरंग से टिटलागढ़ तक काम पूरा, ट्रेनों के परिचालन का क्लीयरेंस भी मिला।
  • आरंग से मंदिरहसौद तक काम जारी।

6 घंटे डटी रही टीम

रेलवे सुरक्षा की टीम बेलसोंडा से महानदी पर बने नए ब्रिज और फिर आरंग तक दोहरीकरण और इलेक्ट्रिफिकेशन कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया। ब्रिज के ऊपरी हिस्से पर सुरक्षा मानकों का अवलोन किया गया। साथ ही ओवरहेड उपकरण, पुल, मानवयुक्त समपार, सिग्नल और दूरसंचार उपकरण, रेलवे ट्रैक आदि का निरीक्षण किया। इसके बाद टीम ने अपने विशेष सेलून से खंड के दोहरीकरण और विद्युतीकरण के बाद गति का परीक्षण भी किया।

अधिक फेरे लग सकेंगे

डाउन लाइन के नए ब्रिज पर ट्रेनों का परिचालन होना बड़ी सफलता है। ट्रेनों की टाइमिंग में काफी सुधार आएगा। अब तक महानदी पर सिंगल पुल पर ट्रेनों का परिचालन हो रहा था। इसके चलते दूसरी गाड़ी को पास करने के लिए काफी इंतजार करना पड़ता था।

इस दौरान ट्रेनों को स्टेशनों में रोकनी पड़ती थी और मालगाड़ी व सवारी गाड़ी के परिचालन में लेट लतीफी होती थी। अब दोनों ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन होगा, ऐसे में टाइमिंग सुधरेगी और फेरे भी अधिक बढ़ाए जाएंगे।

डाउन लाइन में परिचालन

शुक्रवार सुबह से महानदी में बने नए रेलवे ट्रैक (डाउन लाइन) में यात्री ट्रेनों का परिचालन शुरू कर लिया जाएगा। सुबह 5 बजे कोरबा-पुरी एक्सप्रेस को डाउन लाइन से महासमुंद से रायपुर के लिए रवाना किया जाएगा। इसके बाद 7.30 बजे अहमदाबाद-पुरी भी इसी लाइन से रवाना होगी।

गुरुवार को इंस्पेक्शन के कारण रेलवे ने 7 घंटे का ब्लॉक दिया था, जिसके चलते कई मालगाड़ियों को अलग-अलग स्थानों पर रोककर रखा गया था।

खबरें और भी हैं...