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नियम तार तार:कोराना का डर छोड़ धान बेचने के लिए टोकन लेने टूट पड़े किसान

महासमुंद4 महीने पहले
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  • जल्द धान बेचना चाहते हैं किसान क्योंकि धान खरीदी में हो रही देरी

समर्थन मूल्य में धान बेचने के लिए टोकन का वितरण शुरू होते ही किसान बिना मास्क लगाए समिति में टोकन लेने के लिए टूट पड़े। उन्होंने कोविड-19 के गाइडलाइन की धज्जिया उड़ा दी है। उन्हें संक्रमण का जरा भी भय नहीं है। इधर, समिति के कर्मचारी व सदस्य किसानों की भीड़ को देखकर चौंक गए है। समिति में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के खुलेआम किसान धज्जियां उड़ रही हैं। इसका एक बड़ा कारण खरीदी देर से प्रारंभ होना है। क्योंकि किसानों का धान नवंबर महीने में ही कटकर तैयार हो गया था। वे फसल खराब न हो जाए, इसलिए तत्काल बेचने के इंतजार में हैं। जैसे ही टोकन का वितरण शुरू हुआ किसान समिति में पहुंच गए। इस संबंध में जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव का कहना है कि सभी समितियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने का निर्देश दिया गया है, लेकिन किसान मान नहीं रहे हैं। एक साथ समिति में प्रवेश कर रहे हैं। जिसके कारण अव्यवस्था हो रही है। जिले में इस बार 6 नए केंद्र बनाए गए है्ं । जिसके बाद से अब 133 उपार्जन केंद्र हो गए है। पूर्व में 127 केंद्रों में धान की खरीदी होती थी ।

पहले दिन कटे 422 टोकन सर्वर में आई समस्या
इधर, टोकन वितरण को लेकर पहले दिन ही प्रशासन के व्यवस्था की पोल खुल गई। सर्वर डाउन होने के कारण पहले दिन जिलेभर में केवल 422 टोकन ही काट पाए। इधर, टोकन नहीं कटने के कारण किसानों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। इधर, किसानों को खरीदी देरी से प्रारंभ होने पर पहले ही परेशानी है। एक दिसबंर से धान खरीदी शुरू होगी । तीन दिन ही शेष रह गया है। जिला नोडल अधिकारी डीएल नायक ने बताया कि सर्वर में प्रॉब्लम आने के कारण टोकन काटने में परेशानी हुई।

तहसीलदार की टिप्पणी से भड़क उठे किसान
पिथौरा तहसील के सरकड़ा समिति के ग्राम पटपरपाली, अम्लीडीह व भिथीडीह के किसान अपनी मांग को लेकर एसडीएम कायार्लय पहुंच थे। वहां किसान धरने पर बैठ गए। किसानों का कहा कि ग्राम पटरपरपाली में आठ एकड़ सरकारी जमीन है। लेकिन अफसर यहां खोलने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। तहसीलदार किसानों के पास पहुंचे और किसानों कौआ कहकर चुप कराने की कोशिश की। तहसीलदार के बात सुन भड़क गए किसान। समझाइश पर माने।

पटेवा सोसायटी में अब तक नहीं पहुंचे बारदाने
पटेवा सोसायटी के प्रभारी कुलेश्वर सिन्हा ने बताया कि अभी तक बारदाना की खेप पहुंची नहीं है। खरीदी की शुरुआत 22 हजार बारदाने से होगी । क्याेंकि समिति को केवल 20 हजार नया बारदाना ही मिला है। वहीं 2 हजार पुराना बारदाना है। मिलर्स से बारदाना अभी तक अप्राप्त है। इस समिति में करीब एक लाख 80 हजार बारदाना की आवश्यकता है। बता दें कि बारदाने की समस्या लगभग सभी समितियों में बरकरार है। आने वाले दिनों में समितियों को परेशानी उठानी पड़ सकती है ।

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