सुप्रीम कोर्ट ने आईपीएस के खिलाफ स्टे हटाया:नारायणपुर एसपी उदय किरण समेत तीन पुलिसकर्मियों पर दर्ज होगी एफआईआर

महासमुंद3 महीने पहले
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साल 2018 में कोतवाली थाना परिसर में महिला खिलाड़ी के साथ दुर्व्यवहार, छेड़छाड़ सहित पूर्व विधायक और उनके समर्थकों पर हुए लाठीचार्ज मामले में आईपीएस उदय किरण समेत तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर स्टे हटा दिया है और आईपीएस उदय किरण, एसआई समीर डुंगडुंग और कांस्टेबल छत्रपाल सिन्हा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

साथ ही मामले में स्थानीय पुलिस के शामिल होने के कारण जांच थाना के बजाय सीआईडी से कराने के निर्देश दिए हैं। जांच का सुपरविजन एसपी स्तर के अधिकारी या सीआईडी के सर्वोच्च अधिकारी द्वारा करने का आदेश भी सुप्रीम कोर्ट ने दिया है। सुनवाई 27 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एमआर शाह और एएस बोपन्ना की बेंच में हुई। बेंच ने बिलासपुर हाईकोर्ट के फैसले को सही बताया। जानकारी के अनुसार यह पहला मामला होगा, जिसमें कोर्ट के आदेश पर किसी आईपीएस अफसर सहित पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज होगी। ज्ञात हो कि आईपीएस उदयकिरण वर्तमान में नारायणपुर के एसपी हैं। घटना दिनांक को वे महासमुंद में बतौर सीएसपी पदस्थ थे।

ये है पूरा मामला....जानिए, उस दिन क्या हुआ था..
दरअसल, 19 जून 2018 को शहर के मिनी स्टेडियम में बॉल बैडमिंटन की अंतरराष्ट्रीय और गोल्ड मेडलिस्ट खिलाड़ियों के साथ अन्य खिलाड़ी अपने कोच अंकित लूनिया के साथ प्रैक्टिस कर रहे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने खिलाड़ियों के साथ छेड़खानी की। कोच अंकित लूनिया ने इसकी शिकायत पुलिस से की। मौके पर पहुंची पुलिस ने उल्टे अंकित लूनिया को पीट दिया। इसके बाद कोच और सभी खिलाड़ी शिकायत लेकर थाने पहुंचे, लेकिन थाना परिसर से उन्हें भगा दिया गया।

मामले की जानकारी मिलने के बाद तात्कालीन विधायक डॉ विमल चोपड़ा खिलाड़ियों, कोच और अपने समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंचे और मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की, लेकिन यहां मामला बिगड़ गया। तत्कालीन सीएसपी और आईपीएस के निर्देश पर पुलिस ने विधायक, खिलाड़ियों के साथ उनके समर्थकों पर लाठीचार्ज कर दिया। साथ ही महिला खिलाड़ियों से दुर्व्यवहार करते हुए छेड़छाड़ का भी आरोप लगा। इस दौरान पूर्व विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया गया था। आईपीएस और पुलिस कर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो महिला खिलाड़ियों ने दिसंबर 2018 में हाईकोर्ट में याचिका लगाई। हाईकोर्ट ने आईपीएस उदय किरण व सब इंस्पेक्टर समीर डुंगडुंग और आरक्षक छत्रपाल सिन्हा पर एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया तो आईपीएस उदय किरण सुप्रीम कोर्ट चल गए। सुप्रीम कोर्ट ने स्टे लगा दिया था।

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