महामारी में डॉक्टर का महापाप:रेमडेसिविर की कालाबाजारी कर रहा मेडिकल अफसर, पुलिस ने किया गिरफ्तार

महासमुंद7 महीने पहले
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डॉ. डीएन पटेल - Dainik Bhaskar
डॉ. डीएन पटेल

जिला अस्पताल में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर को पुलिस ने 6 नग रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि डॉक्टर निजी अस्पताल के जरूरतमंद मरीज के परिजनों को इंजेक्शन बेचने की फिराक में था। इसी दौरान पुलिस ने डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने बताया कि पिछले दिनों सूचना मिली थी कि जिले में रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी हो रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना और साइबर सेल की एक टीम तैयार कर मामले की जांच के निर्देश दिए गए थे। जांच के दौरान कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम को मुखबीर से सूचना मिली की राजिम मोड़ पर उक्त व्यक्ति खड़ा है, जिसके पास इंजेक्शन है।

सूचना पर पहुंची टीम ने मौके से एक व्यक्ति को पकड़ा। पूछताछ में उसने अपना नाम डॉ. डीएन पटेल (दैत्यनाशन) पिता ऋषि कुमार पटेल, उम्र 30 वर्ष बताया। साथ ही उसने बताया कि वह जिला अस्पताल में डॉक्टर है। टीम ने जब उसकी तलाशी ली तो उसके पास से माइलेन कंपनी का रेमडेसिविर इंजेक्शन 100 एमजी कुल 6 नग बरामद हुआ। इस इंजेक्शन की कीमत 3400 रुपए है। एसपी ने बताया कि धारा 102 के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई के लिए ड्रग विभाग को सौंप दिया गया है। साथ ही मामले की सूचना कलेक्टर डोमन सिंह को भी दे दी गई है।

20 हजार रु. प्रति इंजेक्शन बेच रहा था आरोपी डॉक्टर

डॉक्टर डीएन पटेल मेडिकल ऑफिसर है और उसकी ड्यूटी डेडिकेटेड कोविड अस्पताल में था। कुछ दिन पहले ही उसकी ड्यूटी समाप्त हुई थी। बुधवार को वह ड्यूटी पर नहीं था। जानकारी मिली है कि डॉक्टर ने इसी दौरान कोविड अस्पताल से इंजेक्शन की हेराफेरी की होगी। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि इंजेक्शन 20 हजार रुपए प्रति नग के हिसाब से बेचने की तैयारी थी। एक मरीज के परिजन से इस संबंध में सौदा भी हुआ था। इसी के बाद इंजेक्शन की कालाबाजारी का खुलासा हुआ और इसकी सूचना पुलिस तक पहुंची।

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