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मौसम मेहरबान:पहले आया मानसून, सिस्टम का मिला साथ, 8 साल में 1 से 18 जून तक जिले में पहली बार 164 मिमी बारिश

महासमुंदएक महीने पहले
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शुक्रवार की सुबह से लेकर शाम तक धूप-छांव का चलता रहा खेल, शाम को आसमान में घने बादल छाए, लेकिन बसरे नहीं। - Dainik Bhaskar
शुक्रवार की सुबह से लेकर शाम तक धूप-छांव का चलता रहा खेल, शाम को आसमान में घने बादल छाए, लेकिन बसरे नहीं।
  • सर्वाधिक 230 मिमी बारिश महासमुंद ब्लॉक में हुई, सबसे कम 85.6 मिमी सरायपाली में

समय से पहले अाए मानसून और लगातार सिस्टम बनने के कारण इस साल जिले में औसत से अधिक बारिश हुई है। ऐसा पिछले 8 साल में पहली बार हुआ है। 18 जून तक की स्थिति में महासमुंद जिले में 164.9 मिमी औसत बारिश हो चुकी है, जबकि इस स्थिति में जिले की औसतन बारिश 68.3 मिमी होती है।

गुरुवार की रात भी महासमुंद जिले में के सभी ब्लॉक में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई। महासमुंद ब्लॉक में 36, सरायपाली में 15.2, पिथौरा में 4.5, बागबाहरा में 11 और बसना में 21 मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग की मानें तो आगामी दिनों में भी अच्छी बारिश की संभावना है। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि चक्रीय चक्रवाती घेरा गंगेटिक पश्चिम बंगाल और उसके आसपास में बना हुआ है।

इसके प्रभाव से एक निम्न दाब का क्षेत्र दक्षिण पश्चिम बिहार और उससे लगे दक्षिण पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर बना है। साथ ही ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती घेरा मध्य ट्रोपोस्फेरिक लेवल तक स्थित है। एक द्रोणिका पश्चिम राजस्थान से उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तक दक्षिण हरियाणा, निम्न दाब का केंद्र, झारखंड और गंगेटिक पश्चिम बंगाल होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। इन मौसमी प्रभाव के कारण शनिवार को अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। साथ ही भारी वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः बिलासपुर संभाग और सरगुजा संभाग रहने की संभावना है।

महासमुंद में सर्वाधिक 230 मिमी हो चुकी है बारिश
जिले में पांचाें विकासखंड में हुई बारिश की बात करें तो अब तक सर्वाधिक बारिश महामसुंद ब्लॉक में दर्ज की गई है। यहां अब तक 230.6 मिमी बारिश हो चुकी है। इसी तरह बागबाहरा में 177.8, बसना में 167, पिथौरा में 164.3 मिमी बारिश हुई है। सबसे कम बारिश सरायपाली ब्लॉक में 85.6 मिमी दर्ज की गई है।

खेती-किसानी कार्य में आई तेजी
इस साल अच्छी बारिश के कारण ही खेती किसानी कार्य में 15 दिन पहले ही तेजी आ चुकी है। खेतों में जुताई कार्य जारी है। किसानी कार्य में आई तेजी का परिणाम ये रहेगा कि इस साल फसल जल्दी पकेगी। कृषि विभाग के उप संचालक एसआर डाेंगरे ने बताया कि इस साल बारिश की शुरुआत अच्छी है। कहीं-कहीं तो एक्सेस बारिश हो चुकी है, जिसके कारण भी परेशानी हो रही है। अच्छी बारिश के कारण किसानों ने फसल की तैयारी शुरू कर दी है।

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