आरटीई:प्रक्रिया पूरी नहीं, पालक परेशान, 1900 से अधिक छात्रों ने भरा है फाॅर्म लेकिन नहीं निकली है लॉटरी

महासमुंद3 महीने पहले
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शिक्षा का अधिकार आरटीई के तहत प्रवेश की प्रक्रिया अभी तक जिले में शुरू नहीं हुई है। इससे आवेदन किए छात्र-छात्राएं परेशान हैं। पिछले दो महीने से आवेदन की प्रक्रिया पूरा कर चुके हैं, लेकिन अभी तक लॉटरी नहीं निकली है।

इन विद्यार्थियों व उनके पालक की चिंता जायज है क्योंकि स्कूलों में पढ़ाई ऑनलाइन के माध्यम से शुरू हो गई है, यदि इन बच्चों का प्रवेश अगस्त के अंतिम महीने में होता है तो वे ढ़ाई महीने पीछे चले गए हैं यानी निजी स्कूलों में पढ़ाई 15 जून से शुरू हो गई है। तिमाही का पूरा कोर्स कम्प्लीट हो गया है। अगस्त के अंत में असाइनमेंट जमा करना है।

ऐसे में इन बच्चों की पढ़ाई पिछड़ गई है। प्रशासन की लापरवाही के चलते बच्चों का प्रवेश अभी तक नहीं हो पाया है। लॉटरी पद्यति से स्कूलों का आवंटन प्रदेश स्तर से शुरू हो गया है। महासमुंद जिले में आए बच्चों का फार्म निर्धारित समय तक नोडल अधिकारियों द्वारा जांच नहीं की गई है, इसके कारण जिले की लॉटरी नहीं निकल पा रही है।

अभी भी जांच के लिए 15 प्रतिशत कार्य शेष है। अधिकारियों का कहना है कि आवेदनों की जांच पूरी होने के बाद भी लॉटरी निकाली जाएगी। 4-5 दिन में जांच का कार्य पूरा हो जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इस साल सीटों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। जिले में पहले 2049 सीट थी। इस साल शिक्षा विभाग के द्वारा 90 सीट बढ़ाई गई है।

लॉटरी निकालने में इसलिए हो रही देरी
शिक्षा विभाग के सूत्रों की यदि मानें तो प्राप्त आवेदनों की जांच नोडल अधिकारी द्वारा पूरी नहीं की गई है। इसके कारण लॉटरी निकलने में लेट-लतीफी हो रही है। अन्य जिलों की लॉटरी निकलनी शुरू हो गई है। हमारे जिले में जांच के लिए 15 प्रतिशत काम शेष है। जैसे ही काम पूरा होगा लॉटरी निकाली जाएगी।

अब तक आए 1992 आवेदन
निजी स्कूलों में आरटीई के तहत आवेदन लेने की प्रक्रिया 22 मार्च से शुरू की गई थी। इस दौरान 1992 छात्रों का आवेदन पोर्टल के माध्यम से जिले के निजी स्कूलों के लिए प्राप्त हुआ है। प्राप्त आवेदनों की छटनी का काम अभी तक पूरा नहीं हो पाया है, इसलिए बच्चों को स्कूल का आवंटन अभी तक नहीं हो पाया है। जिले के 226 स्कूलों के लिए बच्चों ने पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया है। बता दें कि 1 मार्च से प्रक्रिया शुरू होने वाली थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण प्रक्रिया में लेट-लतीफी हो गई।

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