राहत मिली:अब तक जिले के 4244 नए किसानों का किया गया पंजीयन

महासमुंदएक महीने पहले
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महासमुंद. पंजीयन कराने के लिए पहुंच रहे किसान। - Dainik Bhaskar
महासमुंद. पंजीयन कराने के लिए पहुंच रहे किसान।
  • सरकार ने बढ़ाई तिथि, अब 10 नवंबर तक किसान करा सकेंगे पंजीयन, रेग व डुबान क्षेत्र के किसानों को मिलेगा फायदा

राजीव गांधी न्याय योजना के तहत समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए जिन किसानों ने अपना पंजीयन नहीं कराया था, उनके लिए राहतभरी खबर है। सरकार ने पंजीयन में हो रही समस्या को देखते हुए किसान एकीकृत पोर्टल को 10 नवंबर तक खोल दिया है। ऐसे में पंजीयन के लिए परेशान हो रहे किसान अब आसानी से अपना पंजीयन करा सकेंगे। तिथि बढ़ने से सबसे ज्यादा राहत डूबान व रेग लेकर किसानी करने वाले किसानों को मिली है। बता दें कि एक दिसंबर से धान खरीदी होनी है, जिसके लिए अभी से तैयारियां शुरू हाे चुकी हैं।

कृषि विभाग के अधिकारियों की मानें तो जिले में नए और पुराने किसानाें काे मिलाकर अभी तक 1 लाख 41 हजार किसानों का पंजीयन हो चुका है। इस साल अब तक 4244 नए किसानों का पंजीयन हुआ है। वहीं 12 हजार किसानों ने संशाेधन के लिए आवेदन दिया है। इनमें से सभी किसानों का पंजीयन पूर्व में निर्धारित तिथि तक हो गया था, लेकिन डूबान व रेग वाले किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

दरअसल, इस वर्ष एकीकृत किसान पोर्टल लागू होने के कारण विसंगतियां भी खूब आ रही हैं। रेग में दिए किसानों की जानकारी मांगने पर ग्राम का नाम ही नहीं दिख रहा है। डूबान क्षेत्र एवं ट्रस्टों की जमीन में किसान कोड की आवश्यकता होती है। हर वर्ष नए रेगदार होने के कारण, किसान कोड के अभाव में पंजीयन नहीं हो रहा था। इसी परेशानी को देखते हुए एक और मौका दिया गया है।

पंजीयन के लिए मिल चुके 12068 आवेदन
जिले के 12068 किसानाें ने पंजीयन के लिए ऑनलाइन आवेदन किए थे। प्राप्त आवेदनों का आरईओ (ग्राम सेवक) द्वारा सत्यापित किया गया।। इसके बाद सोसायटी के द्वारा प्राप्त आवेदनों का पंजीयन किया गया। 12 हजार किसान का पंजीयन कर लिया गया है। रेग व डूबान क्षेत्र में खेती करने वाले किसान पंजीयन कराने के लिए पहुंच रहे हैं। इस साल 4 हजार 244 किसान ने नया पंजीयन कराया है।

इस साल रकबा 4 हेक्टेयर कम, पंजीयन तिथि बढ़ने से किसान ज्यादा होंगे
इस साल 2 लाख 41 हजार हेक्टेयर में धान की फसल किसानों ने ली है। पिछले साल एक लाख 14 हजार किसान थे, लेकिन रकबा 2 लाख 45 हजार था। इस साल 4 हेक्टेयर कम है। इसके बावजूद एक लाख 45 हजार किसानों का पंजीयन अभी तक हो गया है। पंजीयन की तिथि बढ़ने से किसानों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी। किसानों की संख्या बढ़ गई है, लेकिन रकबा कम हो गया है।

धान खरीदी का लक्ष्य बढ़ने की उम्मीद
राज्य में इस साल 2021-22 में 105 लाख मिट्रिक टन धान की खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में धान का लक्ष्य बढ़ने से कयास लगाया जा रहा है कि इस बार महासमुंद जिले का लक्ष्य 80 लाख क्विंटल धान की खरीदी होगी। इस बार भी जिले में बंपर धान की आवक होने की संभावना है। जानकारों की मानें तो प्रदेश में सरकार धान खरीदी नीति व प्रोत्साहन राशि दिए जाने के बाद धान उत्पादक किसानों की संख्या और धान उत्पादन दोनों बढ़ा है।

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