हाथी का आतंक:अचानक सामने आया हाथी, बाइक सवार को सूंड से पकड़ा और पटककर मार डाला, दूसरे ने भागकर बचाई जान

महासमुंद5 महीने पहले
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शाम को बंदोरा में दंतैल के हमले से एक की मौत। - Dainik Bhaskar
शाम को बंदोरा में दंतैल के हमले से एक की मौत।
  • सिरपुर क्षेत्र में पहुंचा रोहांसी दल का एक हाथी, बंदोरा के पास फिर ली जान

जिले के सिरपुर क्षेत्र में दंतैल के हमले से फिर एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना मंगलवार देर शाम की बताई गई है। मृतक ग्राम अचानकपुर का निवासी है। वह पटेवा से बाइक से अपने गांव जा रहा था। ग्राम बंदोरा के पास उसका दंतैल से सामना हो गया। वह हड़बड़ा गया। इसी दौरान दंतैल से उसे सूंढ़ से पकड़कर पटक दिया। अचानकपुर निवासी नारायण साहू रायमुड़ा के रास्ते वापस गांव जा रहा था।

ग्रामीणों ने बताया कि एक अन्य बाइक पर दूसरा व्यक्ति भी था। दोनों जैसे ही बंदोरा के पास पहुंचे थे कि उनका सामना दंतैल से हो गया। नारायण ने गाड़ी मोड़ने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दंतैल ने उसे पकड़कर पटक दिया।

दूसरा बाइक सवार वहां से भाग निकला। फिलहाल उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। सूचना पाकर वन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। डीएफओ पंकज राजपूत ने बताया कि दंतैल क्षेत्र में अकेले विचरण कर रहा है। जनहानि हुई है और टीम को रवाना किया है।

आसपास हाथियों की मौजूदगी, इसके बावजूद गश्ती दल कम किए गए
हाथी भगाओ फसल बचाओ समिति के राधेलाल सिन्हा ने बताया कि आसपास हाथियों की मौजूदगी के बावजूद गश्ती दल के सदस्यों को काम से हटा दिया गया है। दल में पहले स्थानीय युवाओं को रखा गया था, जिनके परिजनों की मौत हाथियों के कारण हुई थी, लेकिन हाल ही में ऐसे युवाओं को काम से निकाल दिया गया है। गश्त कम हुई है।

भास्कर तत्काल : 2018 के बाद सर्वाधिक मौतें, दंतैल को ट्रैक करना मुश्किल
महासमुंद जिले में साल 2015 में पहली बार हाथियों का दल पहुंचा। इस दल को बार दल का नाम दिया गया। इसके बाद से हाथियों का दल साल 2020 तक क्षेत्र में मौजूद रहा। मार्च 2020 में बार दल के हाथी महासमुंद से निकलकर गरियाबंद होते हुए धमतरी चले गए। पिछले 7 साल में हाथियों के हमले से कुल 26 मौतें क्षेत्र में हुई है। सर्वाधिक जनहानि 7, साल 2018 में हुई थी।
वहीं इस साल 9 महीने में ही 5 लोगों की मौत हाथियों के हमले से हो चुकी है। विभाग के एक्सपर्ट और हाथियों पर अध्ययन करने वालों की मानें तो साल 2021 में जितनी भी मौत हुई वो दंतैल के हमले से हुई है। जानकारों की मानें तो दंतैल को ट्रैक कर पाना काफी मुश्किल होता है।
मंगलवार को बंदोरा में हाथी के हमले से हुई मौत में भी यही एक कारण निकलकर सामने आया। क्योंकि उक्त दंतैल सुबह रवाना क्षेत्र के मुरुमडीह के आसपास था, लेकिन शाम को वह बंदोरा पहुंच गया। डीएफओ पंकज राजपूत का भी कहना है कि एकल हाथी एकाएक तेजी से निकल जाते हैं। ऐसे में उनको ट्रैक करना काफी मुश्किल होता है।

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