पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

लोक अदालत:समझाइश से फिर जुड़े पति-पत्नी के रिश्ते, न्यायालय आने में असमर्थ पक्षकारों के लिए मोबाइल वेन की सुविधा रखी गई थी

महामसुंद11 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

न्यायालय में बिना पेश हुए उनके मामलों का निराकरण किया गया है। नेशनल लोक अदालत में दो ऐसे मामले का सुलह हुई। इससे पक्षकारों को राहत मिली है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मोहम्मद जहांगीर तिगाला ने बताया कि ऐसे पक्षकार जो किन्ही कारणों से न्यायालय आने में असमर्थ थे, उनके लिए मोबाइल वेन की सुविधा रखी गई थी।

महासमुंद जिले के अंतर्गत आरक्षी केंद्र बागबाहरा के प्रकरण में प्रार्थी के साथ हाल ही में दुर्घटना घटित होने के कारण वह चलने फिरने में असमर्थ था और न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने में सक्षम नहीं था। ऐसे मेें मोबाइल वेन के माध्यम से उसके पास जाकर राजीनामा भरवाया गया और प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इसके बाद दोनों पक्षों की सहमति के उपरांत वीडियो काॅफ्रेसिंग के माध्यम से प्रकरण का निराकरण किया गया। इसी प्रकार दो दम्पतियों के मध्य राजीनामा होने से दोनों साथ रहने को तैयार हुए। कुटुम्ब न्यायालय में लंबित दो प्रकरण जिनमें पति-पत्नी के मध्य विवाद होने के कारण मामला न्यायालय में चल रहा था और दोनों जोड़े तलाक लेना चाहते थे। उक्त प्रकरण लोक अदालत में रखा गया। जहां प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय रामजीवन देवांगन एवं सुलहकर्ता सदस्य ओम शुक्ला द्वारा समझाइश दिए जाने पर दोनों दम्पती विवाद समाप्त कर विवाह के पुर्नस्थापन के लिए तैयार हुए।

खबरें और भी हैं...