64 लाख के एल्युमिनियम भरे ट्रक की चोरी:बेंगलुरु पहुंचाना था माल, लेकिन बसना से ट्रक लेकर महाराष्ट्र भागा ड्राइवर, नांदेड़ से हुआ गिरफ्तार

महासमुंद/रायपुर6 महीने पहले
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शुक्रवार को पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया है। - Dainik Bhaskar
शुक्रवार को पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा किया है।

छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से गायब हुए एल्युमिनियम लोडेड ट्रक को बरामद कर लिया है। इसे किसी और ने नहीं बल्कि उस ट्रक को चलाने वाले ड्राइवर ने ही गायब किया था। ट्रक को वह अपने साथ महाराष्ट्र ले गया था। वहीं उसने ट्रक को छिपाकर रखा था। आरोपी माल को बेच पाता कि उससे पहले पुलिस पहुंच गई। इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामला बसना थाना क्षेत्र का है। तीनों आरोपियों से ट्रक, एल्युमिनियम सिल्ली समेत 84 लाख रुपए का माल जब्त किया गया है। ट्रक ओडिशा से माल लोड करने के बाद बसना इलाके से ही गायब हुया था।

10 दिसंबर को रायपुर के कारोबारी सुरेंद्र अग्रवाल ने बसना थाना में शिकायत की कि उसका ट्रक बसना इलाके से गायब हुया है। सुरेंद्र ने बताया कि वह ओडिशा और बंगाल ट्रांसपोर्ट कंपनी का संचालक है। 20 नवंबर को ट्रक ओडिशा के झरसुगुड़ा से 30 टन एल्युमिनियम सिल्ली लोड कर बेंगलुरु के लिए निकला था। लेकिन ट्रक में लगे जीपीएस ट्रैकिंग में उसका आखिरी लोकेशन बसना बता रहा है। इसके बाद से उसका कुछ पता नहीं चल रहा है। अग्रवाल ने बताया कि ट्रक जब अगले दिन बेंगलुरु नहीं पहुंचा तब उसे भरोसा हो गया था कि ट्रक को किसी ने गायब कर दिया है।

महाराष्ट्र की ओर जाने का पता चला

अग्रवाल की शिकायत के बाद बसना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया था और मामले की जांच में जुटी थी। पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की तो ट्रक ड्राइवर का ड्राइविंग लाइसेंस ही फर्जी मिला। वहीं पुलिस ने जब साइबर पुलिस की मदद ली तो पता चला कि ट्रक महराष्ट्र के पुणे की ओर गया है। इसके बाद पुलिस ने जांच और तेज की तो पता चला की ट्रक ड्राइवर जैसा दिखने वाला शख्स महाराष्ट्र के नांदेड जिला के मुखेर गांव में परमेश्वर कांबले (24) की तरह ही दिखता है। पुलिस को यह भी पता चला कि परमेश्वर पहले से ही ड्राइवरी का काम करता है। यह सब पता चलने के बाद पुलिस ने उसे तुरंत जाकर पकड़ लिया।

पहले विश्वास जीता, फिर चुराया

परमेश्वर ने पुलिस को बताया कि उसने ट्रक चोरी की प्लानिंग पहले से ही कर ली थी। इसलिए ही वह सुरेंद्र अग्रवाल की कंपनी में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस के सहारे घुसा था। जब उसे काम करते 6 महीने बीत गए तब उसने पूरी घटना को अंजाम दिया था। उसने बताया कि इस मामले में उसका दो और साथियों ने भी साथ दिया था।

गाड़ी का नंबर बदल दिया

परमेश्वर ने बताया कि उसने महाराष्ट्र ले जाते समय ट्रक में लगे जीपीएस को निकाल दिया था। ट्रक के नंबर को बदलकर केरला की जगह महाराष्ट्र का कर दिया था। जिसके बाद ही वह महाराष्ट्र में घुस पाया था। उसकी प्लानिंग मामला शांत होने पर पूरे माल को बेचने की थी। इसके पहले ही पुलिस मौके पर पहुंच गई।

परमेश्वर की निशानदेही पर पुलिस ने एक नाबालिग आरोपी और अमोल गेडरे (24) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों से 64 लाख 28 हजार रुपए का 1320 नग, 30 टन एल्युमिनियम की सिल्ली और 20 लाख रुपए का ट्रक जब्त किया है। पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा शुक्रवार को किया है। आरोपियों को अब रिमांड पर भेजा गया है।

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