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मौसम का हाल:द्रोणिका और चक्रवाती घेरे के असर से बदला मौसम, घंटेभर हुई तेज बारिश

महासमुंदएक महीने पहले
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महासमुंद शहर में शाम 5 बजे के बाद घंटेभर हुई तेज बारिश। - Dainik Bhaskar
महासमुंद शहर में शाम 5 बजे के बाद घंटेभर हुई तेज बारिश।
  • 20 अप्रैल से लगातार पश्चिमी विक्षोभ के असर और बंगाल से आ रही नमीयुक्त हवा के कारण बारिश के लिए बन रहा है सिस्टम

चक्रीय चक्रवाती घेरा और द्रोणिका के असर के कारण शुक्रवार को महासमुंद शहर में एक घंटे तक तेज बारिश हुई। दोपहर 3 बजे के बाद मौसम में अचानक बदलाव हुआ। तेज धूप के बाद आसमान बादलों से घिर गए और शाम 5 बजे से करीब घंटेभर तेज बारिश हुई। महासमुंद शहर के साथ ही आसपास के इलाकाें इसका असर देखने को मिला। मौसम विभाग की मानें तो अगले कुछ दिन मौसम इसी तरह रहने की संभावना है। बारिश के कारण शुक्रवार को जिले में अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री दर्ज किया गया।

जानिए, जिले में इन सिस्टम के कारण हुई बारिश
मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि एक चक्रीय चक्रवाती घेरा उत्तर अंदरूनी कर्नाटक के ऊपर 0.9 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है। एक द्रोणिका उत्तर अंदरूनी कर्नाटक से दक्षिण केरल तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। साथ ही एक चक्रवाती घेरा उत्तर मध्य मध्यप्रदेश के ऊपर 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। एक पूर्व-पश्चिम द्रोणिका उत्तर मध्य मध्यप्रदेश से पश्चिम बंगाल तक झारखंड होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। एक द्रोणिका(हवा की अनियमित गति) उत्तर मध्य मध्यप्रदेश से मराठवाड़ा तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक स्थित है। इसी के असर के कारण जिले में तेज बारिश हुई।

प्रदेश में 15 दिनों से पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम विभाग की मानें तो 20 अप्रैल से महासमुंद जिले के साथ ही प्रदेश के अधिकांश जिलों में लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसा 20 अप्रैल से लगातार जारी है। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ लगातार आ रहा है। वहीं निम्न स्तर पर लगातार बंगाल की खाड़ी से नमीयुक्त हवा आ रही है।

बदलते मौसम का फसलों और
सेहत पर पड़ेगा असरफसलों पर : कृषि विभाग के उप संचालक एसआर डोंगरे ने बताया कि जिले के कई हिस्साें में पिछले कुछ दिनों से बारिश हो रही है। फिलहाल धान के जो फसल खड़े हैं, उनको तो कोई नुकसान नहीं है, लेकिन धान कटाई के बाद खेतों में पड़े धान खराब हो सकते हैं। बारिश का फायदा खाली पड़े खेतों को होगा।
सेहत पर : पूर्व सीएमएचओ डॉ आरके परदल का कहना है कि मौसम में आए बदलाव का असर बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा पड़ेगा। इस माैसम में सर्दी-खांसी, बुखार की शिकायत हो सकती है। ऐसे मौसम में बच्चें और बुजुर्ग बिलकुल भी बाहर न निकलें।

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