पुलिस को सफलता:बैंक अफसर बन मांगी जानकारी खाते से निकाले 72 हजार, 4 बंदी

राजिम15 दिन पहले
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पुलिस टीम के साथ झारखंड से पकड़े गए ऑनलाइन ठगी करने वाले आरोपी। - Dainik Bhaskar
पुलिस टीम के साथ झारखंड से पकड़े गए ऑनलाइन ठगी करने वाले आरोपी।
  • ऑनलाइन ठगी का मास्टरमाइंड 8वीं पास, सभी आरोपी झारखंड के

नगर की शिक्षिका ममता ठाकुर ऑनलाइन ठगी की शिकार हो गई। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामले को विवेचना में लिया और झारखंड से 4 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। मामले में अहम बात यह है कि शिक्षिका से ऑनलाइन ठगी का मास्टरमाइंड 8वीं पास है।

8वीं पास दिलकश अंसारी ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए राजिम की शिक्षिका ममता ठाकुर को एटीएम कार्ड बनवाने फोन किया। उसके बाद बैंक खाते से जुड़ी जानकारी लेकर अपने मोबाइल में मोबीक्विक हाउसिंग डॉटकॉम वॉलेट आईडी के जरिए शिक्षिका के खाते से 72600 रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिया था। शिक्षिका की शिकायत पर राजिम पुलिस ने झारखंड पुलिस की मदद से झारखंड निवासी दिलकश अंसारी और उसके 3 अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 1 मई 2021 की है। 6 महीने बाद आरोपियों को राजिम पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस पूछताछ में पता चला कि कि मामले में जिन चार आरोपियों समरुद्दीन अंसारी, बदरुद्दीन अंसारी, दिलकश अंसारी और समीना अंसारी को गिरफ्तार किया गया है इसमें से कोई ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं है। ठगी का मास्टरमाइंड दिलकश अंसारी 8वीं पास है तो महिला ठग समीना अंसारी अंगूठा छाप है। बाकी दोनों आरोपी भी दिलकश से कम ही पढ़े लिखे हैं। मगर ये सभी अपने काम में इतने शातिर हैं कि पढ़े लिखो को भी आसानी से झांसे में लेकर ये अपना शिकार बना सकते हैं।

झारखंड के मोरने गांव में ठगों की भरमार
राजिम थाना प्रभारी संतोष भुआर्य ने बताया कि चारों ठग झारखंड के देवघर जिले के मोरने गांव के निवासी हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि 15 सौ की आबादी वाले मोरने गांव में ऐसे ठगों की भरमार है। गांव के ज्यादातर युवा साइबर क्राइम के मास्टर हैं। यहां तक कि स्थानीय पुलिस भी इनके पैंतरों से अचंभित रहती है। थाना प्रभारी ने बताया कि ये ठग गांव से लगी एक पहाड़ी पर बैठकर कॉरपोरेट ऑफिस की तरह काम करते हैं। ये अपने सारे काम को किसी सरकारी दफ्तर के टाइम के हिसाब से अंजाम देते हैं। ये इतने शातिर हो चुके हैं कि पढ़े लिखे लोगों को भी अपना शिकार बनाने में इन्हें कोई परेशानी नहीं होती। अचानक पुलिस की रेड पड़ने पर ये पहाड़ी पर फैले जंगल में छुप जाते हैं।

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