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नदी क्षेत्रों में छापेमारी:माफिया ने खेतों में रेत के पहाड़ खड़े कर रखे थे 27 ठिकानों पर छापा, अवैध भंडारण पकड़ाया

नवापारा राजिमएक महीने पहले
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  • 3 थाना क्षेत्रों नवापारा, आरंग अभनपुर से लगे नदी क्षेत्रों में छापेमारी, कई हाईवा भी जब्त

शुक्रवार को 3 थाना क्षेत्रों नवापारा, आरंग और अभनपुर के मुख्य मार्ग से लगे और नदी के तटीय क्षेत्रों से एसडीएम, तहसीलदार और माइनिंग टीम ने भारी मात्रा में अवैध रेत का भंडार जब्त किया है। शुक्रवार को 27 जगहों से बड़ी मात्रा में रेत जब्त की गई और इन लाइनों के लिखे जाने तक कार्रवाई जारी थी। कुल जब्त रेत की घनमीटर में मात्रा नहीं बताई गई है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि 10 जून से रेत का खनन बंद हो चुका है, फिर भी माफिया खनन में सक्रिय था और खेत-खलिहानों तक में रेत के पहाड़ खड़े कर रखे थे। लोग इसके राजनीतिक निहितार्थ भी तलाशने में जुटे हैं।

नगर से लगे ग्राम लखना में 200 हाईवा रेत निजी जमीन पर डंप कर रखी गई थी। कार्रवाई के बाद यह रेत गांव के ही मंशाराम वल्द हरिराम यादव की पाई गई । कोलियारी गांव में एक स्थान पर 10 गाड़ी रेत पकड़ाई और नवागांव में तो 4-5 जगहों से लगभग 180 हाईवा रेत का भंडार पकड़ाया। जांच में यह रेत गांव के निवासियों रवि साहू, लेखराम उर्फ मोंटू, अनिल पिता नीलकंठ साहू आदि की बताई गई। सबसे बड़ी कार्रवाई आरंग के धौरभाट रेत खदान एरिया में की गई। यहां 10 जगहों पर कई सौ हाईवा रेत सरकारी घास जमीन और निजी खेत, जमीनों पर पहाड़ और टीले की शक्ल में डंप कर रखी गई थी।

तहसीलदार कृष्ण कुमार साहू ने बताया कि कलेक्टर रायपुर सौरभ कुमार के मौखिक निर्देश पर इस छापेमारी अभियान में एसडीएम निर्भय साहू, नवापारा तहसील का राजस्व अमला, माइनिंग सुपरवाइजर एचएन मिश्रा और उनके छापेमार दल ने यह कार्रवाई की। छापेमारी में कई टीमें लगी हैं। अभनपुर में एक जगह, नवापारा थाना क्षेत्र में 7 स्थानों पर और बाकी धौरभाट, आरंग एरिया में 10 जगहों पर दबिश दे कर रेत का अवैध भंडार जब्त किया गया है। जब्त रेत सरपंच, ग्राम पंचायत और कोटवार की सुपुर्दगी में प्रकरण के निराकरण तक सौंपी गई है।

डंप कर बरसात में महंगी रेत बेचता है माफिया
कार्रवाई से रेत माफिया में हड़कंप है। पूरा सिंडीकेट रायपुर में इस कार्रवाई से भंडारण को बचाने की जुगत में लग गया है। नियमानुसार बरसात के पूर्व से ही रेत कारोबारी भंडारण के लिए विभागीय अनुमति लेने में जुट जाते हैं। इनके द्वारा भंडारण स्थल और मात्रा की जानकारी कम बताकर भारी मात्रा में रेत एकत्र कर बरसात में उपभोक्ताओं को मनमाने रेट पर बेचते हैं। इस वर्ष ये निरंकुश हो कार्य कर रहे हैं।

महाराष्ट्र में खपा रहे अवैध रेत: तहसीलदार
तहसीलदार ने बताया कि बरसात में 15 जून से नदी से रेत निकासी प्रतिबंधित रहती है। इसके पूर्व से ही रेत माफिया के लोग इसकी जमाखोरी में जुट जाते हैं। इस बार प्रशासन के लिए चिंता की बात यह है कि इन क्षेत्रों से भारी मात्रा में रेत बॉर्डर पर अवैध निकासी कर महाराष्ट्र में खपा रहे हैं। वहां इस रेत के कई गुना भाव हैं। नवापारा और अभनपुर क्षेत्र में इसके लिंक तलाशी जा रहे हैं।

रेत के खेल में राजनीतिक दखलंदाजी के संकेत...
छापे के पीछे राजनीतिक दखलंदाजी के भी संकेत हैं। 3 दिन पहले एक उच्च स्तरीय नेता पुत्र के मित्र की गाड़ी महानदी के किसी घाट से रेत लेने पहुंची थी पर ठेकेदार ने रेत देने से मना कर दिया। ठेकेदार गांव के आसपास रेत डंप करवा रहा था पर उसने रेत नहीं दी। नेता पुत्र के मित्र को यह बात लग गई, उसने नेता पुत्र को पूरा वाकया बताया। नेता पुत्र तैश में आ गए, उन्हें पता था कि 10 जून से रेत खनन बंद हो जाता है और कार्रवाई होने पर सारे अवैध मामले सामने आ जाएंगे। नतीजा बड़ी मात्रा में डंप रेत पकड़ी गई। रेत का खेल वैसे भी पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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