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कोरोना का असर:इस बार राजिम के चौक-चौराहों में नहीं विराजेंगे भगवान विश्वकर्मा

राजिम12 दिन पहले
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  • नगर के राजमिस्त्री घरों व दुकानों में करेंगे पूजा, विश्वकर्मा मंदिर में होगा विशेष अनुष्ठान, बांटा जाएगा प्रसाद

प्रयाग नगरी राजिम में विश्वकर्मा जयंती पर गुरुवार काे भगवान विश्वकर्मा मंदिर में विशेष अनुष्ठान होगा। वहीं नगर में राजमिस्त्री संघ द्वारा प्रतिवर्ष चौक-चौराहों पर भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति स्थापित की जाती है, परंतु इस बार करोना काल के चलते कहीं भी प्रतिमा स्थापित नहीं की जाएगी। राज मिस्त्री ईश्वर पाल, गणेश राम साहू, संजय साहू आदि ने बताया कि वे अपने घर व दुकान में ही भगवान विश्वकर्मा की पूजा कर प्रसाद का वितरण करेंगे। विश्वकर्मा समाज राजिम राज के अध्यक्ष गणेश राम विश्वकर्मा ने बताया कि भगवान राजीवलोचन मंदिर के समकालीन भगवान विश्वकर्मा का मंदिर बनाया गया है।गर्भगृह में विश्वकर्मा जी की दो मूर्तियां स्थापित हैं, जिनमें पहला विग्रह खड़े मुद्रा में तथा दूसरी प्रतिमा बैठे हुए मुद्रा में है। दोनों मूर्तियों की ऊंचाई लगभग डेढ़- डेढ़ फीट है। मंदिर के उत्तर दिशा में शनिदेव की प्रतिमा स्थापित है। मंदिर के पुजारी उत्तम दुबे ने बताया कि मंदिर में रोज वैदिक विधि से सुबह-शाम दो बार पूजा होती है तथा भोग प्रसादी लगाया जाता है। 17 सितंबर को विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर आदि शिल्पकार भगवान विश्वकर्मा को विशेष रूप से सुसज्जित किया जाएगा तथा अनुष्ठान के बाद प्रसाद का वितरण किया जाएगा। पं. दुबे ने बताया ग्रंथों से जानकारी मिलती है कि सोने की लंका का निर्माण उन्होंने किया था तथा इंद्रपुरी, यमपुरी, वरुणपुरी, कुबेर पुरी, पांडवपुरी, सुदामापुरी, शिवमंगलपुरी आदि का निर्माण इनके द्वारा किया गया है। पुष्पक विमान का निर्माण, कर्ण का कुंडल, विष्णु का सुदर्शन चक्र, शंकर का त्रिशूल, यमराज का काल दंड का निर्माण विश्वकर्मा ने ही किया।

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