कोरोना संक्रमण की दर 0.56%:10 दिन 77 से ज्यादा पॉजिटिव इनमें 10 बच्चे, उम्र 15 से कम

रायपुर5 महीने पहले
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राजधानी रायपुर में बच्चों में कोरोना का संक्रमण धीरे-धीरे बढ़ रहा है। पहले जहां हफ्तों गुजर जाते थे, लेकिन एक भी बच्चा संक्रमित नहीं मिलता था, वहीं अब हर दिन औसतन एक बच्चा संक्रमण की जद में आ रहा है। मंगलवार को 12 मरीजों में एक ही परिवार के दो बच्चे कोरोना संक्रमित मिले हैं। वे कुछ दिन पहले ही हैदराबाद से लौटे हैं। बच्चे 4 और 7 साल के हैं।

स्वास्थ्य विभाग से मिली रिपोर्ट के अनुसार पॉजिटिव आए बच्चों में अधिकांश की उम्र 15 साल से कम है। स्वास्थ्य विभाग के अफसर और डाक्टर तुरंत अलर्ट होने को कहा है। डाक्टरों का कहना है कि अभी किसी भी परिवार में सर्दी जुकाम होने पर व्यस्क सदस्य तो टेस्ट करवा रहे हैं, लेकिन बच्चों के सर्दी बुखार को सामान्य वायरल मानकर टेस्ट नहीं करवाने की चूक भी कर रहे हैं। राहत है कि अभी बच्चे होम आइसोलेशन में ही ठीक हो रहे हैं। महामारी नियंत्रण विभाग के डायरेक्टर डॉ. सुभाष मिश्रा के मुताबिक जरूरत पड़ने पर पीडियाट्रिक कोविड अस्पताल में मरीज बच्चों को भर्ती किया जा सकता है। जिन परिवारों में बच्चे संक्रमण की जद में आ रहे हैं। उनमें तीन से अधिक सदस्य संक्रमित हैं। मंगलवार को बूढ़ा तालाब इलाके के 4 और 7 साल के दो पॉजिटिव बच्चों के साथ उनकी मां भी संक्रमित मिली है। इसके पहले दलदल सिवनी में संक्रमित परिवार के तीन सदस्यों में 10 और 16 साल के दो बच्चे शामिल हैं। इसके पहले मोवा में भी एक ही परिवार में दो बच्चे संक्रमित मिले हैं।

एक्सपर्ट व्यू; डॉ. अतुल जिंदल, सदस्य नेशनल पीडिया कोविड ट्रीटमेंट कमेटी
कुछ दिन बंद करने चाहिए स्कूल

एम्स के पीडियाट्रिशियन और बच्चों के कोविड इलाज की राष्ट्रीय कमेटी के सदस्य डॉ. अतुल जिंदल के मुताबिक पूरी दुनिया में जिस तरह का ट्रेंड देखा जा रहा है। उसमें सभी जगह बच्चों में संक्रमण बढ़ रहा है। अब ये ट्रेंड छत्तीसगढ़ में भी देखा जा रहा है। बच्चे परिवार के पॉजिटिव सदस्यों के कारण बीमारी की जद में आ रहे हैं। 15 साल के नीचे बच्चों का अभी टीकाकरण शुरु नहीं हो रहा है, इसलिए इन बच्चों का ख्याल रखने की बहुत ज्यादा जरूरत है। अभी सभी जगह केस बढ़ रहे हैं इसलिए मेरा व्यक्तिगत तौर पर मानना है कि स्कूल कुछ वक्त के लिए बंद किए जा सकते हैं। ताकि संक्रमण के मामलों को बढ़ने से पहले रोका जा सके। मैरिज सीजन भी है सोशल गैदरिंग में बच्चों को लेकर सतर्कता जरूरी है।

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