उत्साह, आस्था और विश्वास की 10 तस्वीरें:ईश्वर से प्रार्थना कर नए साल के जश्न पर निकले लोग; मुख्यमंत्री परिवार सहित पहुंचे चिल्फी घाटी

रायपुर5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच नए साल 2022 का आगाज हो चुका है। लोगों ने ईश्वर से प्रार्थना कर नए साल की शुरुआत की। मंदिर और गुरुद्वारों में माथा टेका, चर्च में प्रार्थना की और मस्जिदों में नमाज हुई। इस दौरान कोरोना के चलते पर्यटकों की जानकारी भी जुटाई गई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी परिवार सहित चिल्फी घाटी पहुंचे और बच्चों से मिले। हालांकि सरकार के अलर्ट के चलते टूरिस्ट प्लेस पर लोगों की भीड़ कम ही रही। उत्साह, उमंग और विश्वास ऐसी ही पहली 10 तस्वीरें दैनिक भास्कर आपके लिए लाया है।

रायपुर के VIP रोड स्थित राम मंदिर में नए वर्ष के पहले दिन हजारों की भीड़ पहुंची। जिसकी वजह से रास्तों में भी जाम लगा रहा।
रायपुर के VIP रोड स्थित राम मंदिर में नए वर्ष के पहले दिन हजारों की भीड़ पहुंची। जिसकी वजह से रास्तों में भी जाम लगा रहा।
साल की पहली सुबह : गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की यह तस्वीर उम्मीदों की सुबह लेकर आई है।
साल की पहली सुबह : गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की यह तस्वीर उम्मीदों की सुबह लेकर आई है।
नए साल के पहले दिन बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। दूर-दराज से भक्त माता रानी के दर्शन करने कर लिए पहुंचे। इनमें प्रदेश के साथ ही पड़ोसी राज्य ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र के नागपुर से भी आने वाले श्रद्धालु शामिल थे।
नए साल के पहले दिन बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। दूर-दराज से भक्त माता रानी के दर्शन करने कर लिए पहुंचे। इनमें प्रदेश के साथ ही पड़ोसी राज्य ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र के नागपुर से भी आने वाले श्रद्धालु शामिल थे।
नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान वहां आने वाले पर्यटकों को लेकर प्रशासन ने इंतजाम किए थे। कारेानो संक्रमण के चलते हर आने वाले का नाम और पता नोट लेने के लिए उनसे फार्म भरवाया जा रहा था। इसके लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई थी।
नवा रायपुर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। इस दौरान वहां आने वाले पर्यटकों को लेकर प्रशासन ने इंतजाम किए थे। कारेानो संक्रमण के चलते हर आने वाले का नाम और पता नोट लेने के लिए उनसे फार्म भरवाया जा रहा था। इसके लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई थी।
भिलाई के सेक्टर- 9 स्थित हनुमान मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लाइन लगी थी। शनिवार होने के कारण जहां एक ओर हमेशा जाने वाले श्रद्धालु थे। वहीं ऐसे भी युवा और लोग अपने परिवार व दोस्तों के साथ पहुंचे थे, जो नए साल की शुरुआत बजरंग बली के दर्शन और आशीर्वाद से करना चाहते थे।
भिलाई के सेक्टर- 9 स्थित हनुमान मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लाइन लगी थी। शनिवार होने के कारण जहां एक ओर हमेशा जाने वाले श्रद्धालु थे। वहीं ऐसे भी युवा और लोग अपने परिवार व दोस्तों के साथ पहुंचे थे, जो नए साल की शुरुआत बजरंग बली के दर्शन और आशीर्वाद से करना चाहते थे।
छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश बार्डर पर स्थित अमरकंटक में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। यहां नर्मदेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन और पूजन के साथ लोग तमाम मनोकामनाएं लेकर पहुंचे थे।
छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश बार्डर पर स्थित अमरकंटक में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। यहां नर्मदेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन और पूजन के साथ लोग तमाम मनोकामनाएं लेकर पहुंचे थे।
भिलाई स्थित चर्च में भी ईसाई समुदाय के लोग प्रार्थना के लिए पहुंचे। कोरोना जैसी महामारी से बचने और ईश्वर के आशीर्वाद के लिए चर्च में उत्साह का माहौल रहा। बड़े-बुजुर्गों के साथ ही बच्चे और युवा भी प्रभु यीशु से प्रार्थना करने के लिए पहुंचे थे।
भिलाई स्थित चर्च में भी ईसाई समुदाय के लोग प्रार्थना के लिए पहुंचे। कोरोना जैसी महामारी से बचने और ईश्वर के आशीर्वाद के लिए चर्च में उत्साह का माहौल रहा। बड़े-बुजुर्गों के साथ ही बच्चे और युवा भी प्रभु यीशु से प्रार्थना करने के लिए पहुंचे थे।
अपने व्यस्त कार्यक्रमों में से समय निकाल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल परिवार सहित दोपहर में कवर्धा की चिल्फी घाटी पहुंची। वहां उन्होंने करीब 2 घंटे समय बिताया। इस दौरान वह स्थानीय लोगों और बच्चों से भी मिले। उन्हें नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।
अपने व्यस्त कार्यक्रमों में से समय निकाल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल परिवार सहित दोपहर में कवर्धा की चिल्फी घाटी पहुंची। वहां उन्होंने करीब 2 घंटे समय बिताया। इस दौरान वह स्थानीय लोगों और बच्चों से भी मिले। उन्हें नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।
धमतरी स्थित गंगरेल पहुंचे लोगों ने बांध क्षेत्रों का नजारा लेने के पहले मां अंगारमोती मंदिर में मत्था टेका। इसके बाद प्राकृतिक नजारों की खूबसूरती और वॉटर स्पोर्ट्स के रोमांच का मजा लिया। विशाल बांध, अंगार इको एडवेंचर, मानव वन एवं गार्डनों में दिनभर लोग पहुंचते रहे।
धमतरी स्थित गंगरेल पहुंचे लोगों ने बांध क्षेत्रों का नजारा लेने के पहले मां अंगारमोती मंदिर में मत्था टेका। इसके बाद प्राकृतिक नजारों की खूबसूरती और वॉटर स्पोर्ट्स के रोमांच का मजा लिया। विशाल बांध, अंगार इको एडवेंचर, मानव वन एवं गार्डनों में दिनभर लोग पहुंचते रहे।
ये जांजगीर का मॉर्निंग वॉकर ग्रुप है। इसमें युवा से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। हर दिन सुबह यह वॉक पर निकलते हैं और एक्सरसाइज करते हैं। नए साल ने इनकी वॉक का मजा दोगुना कर दिया। सुबह-सुबह लोगों को शुभकामनाएं देने के साथ ही चाय की चुस्कियां भी लीं।
ये जांजगीर का मॉर्निंग वॉकर ग्रुप है। इसमें युवा से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं। हर दिन सुबह यह वॉक पर निकलते हैं और एक्सरसाइज करते हैं। नए साल ने इनकी वॉक का मजा दोगुना कर दिया। सुबह-सुबह लोगों को शुभकामनाएं देने के साथ ही चाय की चुस्कियां भी लीं।
खबरें और भी हैं...