डेंगू के मरीज लगातार बढ़ रहे:राजधानी में डेंगू के 10 हजार रैपिड टेस्ट, मरीज 396 हुए

रायपुर3 महीने पहले
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फागिंग करती नगर निगम की टीम - Dainik Bhaskar
फागिंग करती नगर निगम की टीम

राजधानी में डेंगू के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को 4 नए केस को मिलाकर मरीजों की संख्या 396 पहुंच चुकी है। 10 हजार से ज्यादा सैंपलों की जांच की जा चुकी है। जुलाई से ही यानी ढाई माह में 250 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। दो मरीजों की मौत भी हो चुकी है। इसके बावजूद नगर निगम ने केवल 10 दिन विशेष सफाई अभियान चलाया है। हालांकि अब निगम के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जरूरत पड़ने पर फिर अभियान चला सकते हैं।

रायपुर और आउटर के 18 सरकारी अस्पताल तथा सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रैपिड किट से डेंगू की जांच की जा रही है। इसमें पॉजिटिव आने के बाद सैंपल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है। एलाइजा टेस्ट में रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद ही मरीज को डेंगू का मरीज माना जाता है। रैपिड टेस्ट की रिपोर्ट को पॉजिटिव नहीं माना जाता। अंबेडकर अस्पताल में रोजाना 35 से 40 मरीज सीधे डेंगू जांच के लिए पहुंच रहे हैं। सीएमएचओ डॉ. मीरा बघेल का कहना है कि पीएचसी में रैपिड किट से बुखार वाले मरीजों की डेंगू जांच की जा रही है। जो पॉजिटिव आते हैं, उनका सैंपल एलाइजा टेस्ट के लिए भेजा जा रहा है। बिना एलाइजा टेस्ट के रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं मानते।

रुक-रुककर बारिश के कारण बढ़ा खतरा
नगर निगम ने डेंगू को खात्मा करने के लिए 31 अगस्त से 9 सितंबर तक सिर्फ 10 दिन अभियान चलाया। इस दौरान 2000 घरों का सर्वे हुआ और 76 घरों में लार्वा मिलने पर 7600 रुपए जुर्माना लगाया गया। फिर अभियान बंद हो गया। अब फिर रुक-रुककर बारिश हो रही है, जिससे डेंगू के लार्वा फिर बढ़ने की आशंका है।

मलेरिया विभाग की टीम नहीं कर रही जांच
डेंगू के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग और निगम एक दूसरे पर जिम्मेदारी थोपने में लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि निगम सफाई पर विशेष ध्यान दे तो डेंगू के लार्वा पैदा नहीं होंगे। वहीं, निगम के जिम्मेदारों का कहना है कि मलेरिया विभाग की टीम घरों का सर्वे करे तो बुखार के मरीजों की पहचान होगी।

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