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छत्तीसगढ़ में एग्जाम फ्रॉम होम:घर में गाइड लेकर आंसर लिख रहे 12वीं के स्टूडेंट, शिक्षा मंत्री बोले- बच्चे कम से कम लिख तो रहे हैं

रायपुर2 महीने पहले
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रायपुर के रायपुरा इलाके की एक स्टूडेंट। - Dainik Bhaskar
रायपुर के रायपुरा इलाके की एक स्टूडेंट।

कोरोना महामारी के बीच देशभर में CBSE 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। 8 से ज्यादा राज्यों ने भी अपने बोर्ड एग्जाम कैंसल कर दिए हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ में 12वीं की परीक्षा इस बार 'एग्जाम फ्रॉम होम' की तर्ज पर हो रही है। यानी स्टूडेंट्स क्वैश्चन पेपर और आंसरशीट घर ले जाकर जवाब लिख रहे हैं। हर पेपर के लिए 5 दिन का समय दिया गया है।

इनमें से ज्यादातर स्टूडेंट आंसर लिखने गाइड (कुंजी) लेकर बैठ गए हैं। स्टूडेंट्स कुछ के जवाब इंटरनेट से भी देख रहे हैं। छत्तीसगढ़ के कुछ यूट्यूब चैनलों ने भी जवाब अपलोड किए हैं। सभी विषयों के जवाब आंसर शीट पर 5 दिनों में लिखने हैं। जिन बच्चों ने 1 जून को पेपर लिया था वो 6 जून काे इसे जमा करेंगे। क्वैश्चन पेपर 5 जून शनिवार तक बांटे गए हैं। आखिरी दिन पेपर घर ले गए बच्चों को भी 5 दिनों का वक्त मिलेगा। भास्कर ने शिक्षा मंत्री से एग्जाम कम चीटिंग से आंसर लिखने की प्रक्रिया पर सवाल किया। पढ़िए प्रेम साय सिंह टेकाम से पूरी बातचीत...

सवाल: बच्चे देखकर आंसर लिख रहे हैं क्या इससे नकल को बढ़ावा नहीं मिल रहा ?
जवाब: और जो परीक्षा लिए बिना ही पास कर रहे हैं उसका क्या, अरे भई कम से कम बच्चे लिख तो रहे हैं, इससे उनकी कुछ तो पढ़ाई होगी। कम से कम लिखकर परीक्षा में तो शामिल हो रहे हैं बच्चे।

सवाल: मूल्यांकन कैसे होगा ?
जवाब: करेंगे सही तरीके से ही होगा मूल्यांकन ।

रायपुर के डीडी नगर इलाके का स्टूडेंट।
रायपुर के डीडी नगर इलाके का स्टूडेंट।

सवाल: आप इस तरह से परीक्षा लेने को सही मानते हैं ?
जवाब: यहां तो बच्चों को बिना पढ़े, बिना लिखे ही पास किया जा रहा है। हम तो परीक्षा ले रहे हैं। देखिए अगर कोई बच्चा पूरे साल पढ़ा ही नहीं है तो उसे ये भी नहीं पता होगा कौन सा चैप्टर कहां है। 5 दिन में पूरे जवाब लिखकर पेपर जमा भी करना है। कम से कम परीक्षा देने की वजह से बच्चा कुछ तो पढ़ेगा ही ।

बड़े आराम से जवाब आंसरशीट में उतारे जा रहे हैं।
बड़े आराम से जवाब आंसरशीट में उतारे जा रहे हैं।

तो मिलेंगे 100 में से 100 नंबर
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के मुताबिक इस बार 12वीं के मूल्यांकन का आधार आंसरशीट में लिखे जवाब को ही बनाया है, इसपर माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव वीके गोयल ने दैनिक भास्कर से कहा कि जब हम ओपन बोर्ड एग्जाम ले रहे हैं तो जाहिर है कि बच्चे देखकर लिखेंगे।

गोयल ने कहा कि जो जवाब आंसरशीट पर बच्चा लिखेगा उसे उसके आधार पर नंबर मिलेंगे। जब रिपोर्टर ने पूछा कि- ज्यादातर बच्चे को चीटिंग करके जवाब लिख रहे हैं, ऐसे में तो वो 100 में 100 नंबर भी हासिल कर सकते, पूरे सही जवाब लिखकर ? गोयल ने कहा हमने मूल्यांकन का नियम नहीं बदला है जैसा जवाब आंसरशीट में होगा नंबर दिए जाएंगे।

इस प्रक्रिया में वे बच्चे ज्यादा नंबर हासिल कर सकते हैं जिनकी पूरे साल कोई तैयारी नहीं थी।
इस प्रक्रिया में वे बच्चे ज्यादा नंबर हासिल कर सकते हैं जिनकी पूरे साल कोई तैयारी नहीं थी।

करियर एक्सपर्ट बोले- आखिर में ज्ञान काम आता है
डॉ. अजीत वरवंडकर छत्तीसगढ़ के करियर काउंसलर हैं। उन्होंने बताया कि CBSE ने परीक्षा रद्द कर दी और छत्तीसगढ़ बोर्ड के बच्चे घर पर आंसर लिख रहे हैं। कई बार फैसला सभी बच्चों को ध्यान में रखकर लिया जाता है। ऑनलाइन एग्जाम के विकल्प पर बात होती है मगर ये सच है कि बहुत से बच्चे ऑनलाइन क्लास अटेंड नहीं कर पा रहे तकनीकी अभाव की वजह से। ऐसे में वो कैसे परीक्षा देंगे।

डॉ. वरवंडकर ने कहा कि अब मेरे पास पैरेंट्स के कई फोन कॉल आ रहे हैं। सभी का सवाल है कि अब आगे क्या होगा। देखिए 12वीं के मार्क्स ग्रैजुएशन के लिए कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए मायने रखते हैं, इस पर असर पड़ना तो तय है। मगर करियर में 12वीं के मार्क्स उतनी अहमियत नहीं रखते। स्टूडेंट को आगे उसका ज्ञान ही लेकर जाएगा। इसलिए मेरी तो सलाह है कि पैरेंट्स तनाव न लें, हालांकि स्टूडेंट आंसर अपनी काबिलियत से दें तो ये उनके लिए और अच्छी बात होगी।

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