मेरिट सूची में आते ही फूट-फूटकर रोने लगी छात्रा:बोली-10वीं एक परसेंट से नहीं आ सकी थी,तभी ठान लिया कि अब तो आना है

रायपुर9 महीने पहले
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वर्षा के पिता भी भावुक हो गए। - Dainik Bhaskar
वर्षा के पिता भी भावुक हो गए।

छत्तीसगढ़ बोर्ड के 12वीं के परिणाम जारी कर दिए गए हैं। इसमें दूसरे स्थान पर बिलासपुर की खुशबू वाधवानी, तीसरे स्थान पर जांजगीर की रेणुका चंद्रा, चौथे स्थान पर रितेश कुमार साहू और पांचवे स्थान पर रायगढ़ के शिवम साव रहे हैं। इनके अलावा भी कई स्टूडेंट्स हैं, जिन्होंने पूरे राज्य में टॉप 10 में जगह बनाई है।

इधर, ऐक ऐसी भी छात्रा थी जो अपना रिजल्ट सुनते ही रोने लग गईं। रायपुर की वर्षा देवांगन ने मेरिट सूची में 10वां स्थान प्राप्त किया है। बताया गया कि उन्हें जैसे ही अपने रिजल्ट का पता लगा वो अपने पिता जामवंत के सीने से लगकर रोनी लगीं। पिता भी बेटी की सफलता पर भावुक हो गए। वर्षा ने 94.20 परसेंट मार्क्स हासिल किए हैं। वर्षा के पिता एक प्राइवेट एजेंसी में कंप्यूटर ऑपरेटर हैं। वर्षा रायपुर की अकेली छात्रा हैं, जिन्होंने मेरिट सूची में अपना नाम दर्ज करवाया है।

वर्षा ने बताया मैं गणित की स्टूडेंट हूं। 10वीं में 1 परसेंट से मैं मेरिट में आने से चूक गई थी। तभी ठान लिया था कि 12वीं में मुझे मेरिट में आना है। मैंने जब ये ठान लिया और पढ़ाई शुरू की तो गणित जैसा विषय मुश्किल नहीं लगा। मैंने कोई शॉर्टकर्ट नहीं लिया। न ट्यूशन गई, न ही एग्जाम के समय कोई शॉर्ट नोट वाली गाइड पढ़ी। सब ऐसा ही करते हैं। मैंने पूरी तरह से कॉन्सेप्ट क्लियर करने पर जोर दिया। मैं लगातार पढ़ती सीखती रही, इसी का असर मेरा रिजल्ट है। मैं आगे कृषि के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहती हूं।

खुशबू अपने पिता के साथ।
खुशबू अपने पिता के साथ।

वहीं परिणाम आने के बाद दैनिक भास्कर ने इन टॉपर्स से बात की है और जाना है कि आखिर उन्होंने कैसे पढ़ाई की और वह क्या रणनीति थी। जिससे उन्हें सफलता हाथ लगी है। बातचीत में सबसे ज्यादा फोकस बच्चों का सेल्फ स्टडी पर था। उनका कहना था सबसे ज्यादा जरूरी रोज पढ़ना और सेल्फ स्टडी करना है। इसके बिना कुछ भी संभव नहीं है।

पूरे प्रदेश में बिलासपुर की खुशबू वाधवानी ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उन्हें 96.40 प्रतिशत अंक मिले हैं। वो कॉमर्स सब्जेक्ट लेकर सेंट जोसेफ स्कूल में पढ़ाई कर रहीं थीं। उन्होंने बताया कि खुद से पढ़ना सबसे ज्यादा जरूरी है। मैंने भी यहि किया और रोज 7 से 8 घंटे पढ़ती थी। इसके अलावा कोचिंग भी करती थी। उन्होंने बताया कि वह आगे चलकर CA बनना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने तैयारी शुरू कर दी है।

रेणुका चंद्रा
रेणुका चंद्रा

जांजगीर की रेणुका चंद्रा ने पूरे छत्तीसगढ़ में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। रेणुका को 95.80 प्रतिशत अंक मिले हैं। रेणुका ने भी सेल्फ स्टडी पर काफी फोकस किया है। रेणुका ने बताया कि वह रोज 7 घंटे तक पढ़ती थीं। उनका कहना था कि आज कल ऑनलाइन क्लासेस ने भी काफी हेल्प किया। मैंने यूट्यबू से भी हेल्प लिया था। उन्होंने बताया कि फिलहाल ग्रेजुएशन करना है। फिर आगे चलकर वह यूपीएससी क्रैक कर ऑफिसर बनना चाहती हैं। रेणुका के पिता खेमचरण चंद्रा सरकारी स्कूल में टीचर हैं।

शिवम साव को 95.40 प्रतिशत अंक मिले हैं।
शिवम साव को 95.40 प्रतिशत अंक मिले हैं।

पता चला तो खुश हो गए शिवम

रायगढ़ के शिवम साव ने 5वां स्थान प्राप्त किया है। उन्हें जब दैनिक भास्कर की टीम ने फोन किया तब उन्हें इस बात की जानकारी ही नहीं थी। उन्हें जैसे ही इस बात का पता चला, तब वह काफी खुश हुए। उन्होंने बताया कि मैं सुबह उठकर पढ़ता था। शाम को भी पढ़ाई किया करता था। रोज इस तरह से 6 घंटे तक पढा़ई हो जाती थी। मुझे आगे चलकर सीए बनना है, इसके लिए मैंने तैयारी शुरू कर दी है। शिवम का कहना है कि मुझे लगता है रोज और ठीक से पढ़ने से आप सफल हो सकते हैं।

अक्षय शर्मा ने भी 95.40 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं।
अक्षय शर्मा ने भी 95.40 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं।

कांकेर के अक्षय शर्मा से भी भास्कर ने बातचीत की है। अक्षय ने पूरे प्रदेश में 5वां स्थान प्राप्त किया है। उनका कहना था कि मैंने 11वीं की परीक्षा खत्म होते ही तैयारी शुरू कर दी थी। अक्टूबर तक सिलेबस खत्म कर दिया। फिर रोज रिवीजन करने लगा था। यही वजह है कि मुझे सफलता मिली है। रोज 8 घंट पढ़ाई करते थे। उन्होंने बताया कि आगे चलकर उन्हें आईएएस ऑफिसर बनना है। खास बात ये है कि अक्षय राज्य सरकार की तरफ से संचालित स्वामी आत्मानंद स्कूल के छात्र हैं।

श्रेया पांडे
श्रेया पांडे

वहीं धमतरी की श्रेया पांडे ने इस मेरिट लिस्ट में 6वां स्थान प्राप्त किया है। उन्हें कुल 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। उनका कहना है मुझे फैमिली सपोर्ट काफी मिला है। जिसकी वजह से मैं सफल हो पाई। श्रेया आगे चलकर आईएएस अफसर बनना चाहती हैं। उनका कहना था कि सफल होने के लिए टाइम टेबल और टाइम वेस्ट नहीं करना सबसे जरूरी है। वे रोज 6 घंटे पढ़ाई किया करती थीं।

संजना वर्मा।
संजना वर्मा।

इन सब के बीच एक ऐसी भी छात्रा हैं। जिन्हें आईएएस या सीए नहीं बनना है। वो एग्रीकल्चर क्षेत्र में कुछ करना चाहती हैं। उनका नाम है संजना वर्मा। संजना बलौदाबाजार की रहने वाली हैं। उन्हें 94.20 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि वह रोज 9 घंटे तक पढ़ाई किया करती थीं। उन्होंने टीवी देखना बंद कर दिया था।