स्टेडियम में बने अस्पताल का हाल:एडमिट होने के कुछ घंटे बाद ही तड़पने लगे मरीज,15 की मौत; संक्रमित ने बताया- मेरे रूम के 4 लोग मर गए, अब उनके खाली बेड ही पड़े हैं

रायपुर6 महीने पहले
शहर के सभी अस्पतालों में बेड खाली नहीं है। लेकिन इन खाली बेड्स की तस्वीर एक संक्रमित ने दैनिक भास्कर के लिए क्लिक की है। ये बेड संक्रमितों की मौत के बाद खाली हुई है जो कि एक गंभीर समस्या है।

रायपुर के इंडोर स्टेडियम मेें बने कोविड अस्पताल का हाल भी बुरा है। उम्मीद की जा रही थी कि इसके शुरू होने की वजह से राहत मिलेगी। मगर अंदर से मरीजों से मिली जानकारी के मुताबिक ये इंतजाम भी नाकाफी साबित हो रहे हैं। मंगलवार की दोपहर यहां मरीजों की भर्ती शुरू हुई तो भीड़ लग गई। शहर में चूंकि बेड नहीं मिल रहे, इसलिए मरीज यहां एडमिट हाेना चाह रहे थे। इलाज की आस में एडमिट हुए यहां के 15 संक्रमितों की गंभीर अवस्था में तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। सांस की परेशानी झेल रहे लोगों की तकलीफ और उनके दम तोड़ देने की स्थिति अपनी आंखों से देख चुके एक मरीज ने दैनिक भास्कर को यहां की स्थिति बताई।

रायपुर के इंडोर स्टेडियम में भर्ती होने के लिए मंगलवार को इस तरह संक्रमितों की भीड़ लगी थी।
रायपुर के इंडोर स्टेडियम में भर्ती होने के लिए मंगलवार को इस तरह संक्रमितों की भीड़ लगी थी।

मेरे रूम वाले मर गए सर...
फोन कॉल पर इंडोर स्टेडियम की हालत बता रहे मरीज ने कहा- मेरी आंखों के सामने ही 4 लोगों की मौत हो गई। यहां सिर्फ ऑक्सीजन का ही बंदोबस्त है, बाकि और कोई सुविधा नहीं है, मुझे जिस कमरे में रखा गया था हम 6 लोग थे। अब मैं और एक बुजुर्ग व्यक्ति ही बचे हैं, बाकी मेरे रूम वाले सब मर गए सर... अब उनके खाली बेड ही पड़े हैं। मुझे भी हल्की सांस लेने में परेशानी और खांसी आ रही है। मंगलवार की रात में तो कुछ लोग डिस्चार्ज होकर चले भी गए। हालत बहुत खराब हैं।

यहां कोई देखने वाला नहीं है
रायपुर का एक युवक अपने बुजुर्ग माता-पिता के साथ स्टेडियम में बने कोविड सेंटर में है। कमरे से बाहर आकर उसने मीडिया के कैमरे पर कहा- यहां कोई देखने वाला नहीं है। मैं बार-बार कह रहा हूं कि मेरी मां को चक्कर आ रहे हैं, तकलीफ हो रही है कोई डॉक्टर को भेजो, मगर कोई सुनने को तैयार नहीं है। पूछने पर कह देते हैं- आ रहे हैं....आ रहे हैं। यहां बस तस्वीरें दिखाकर पैसे खाने का काम हुआ है, कोई सुविधा नहीं मिल रही। कैमरे पर ये बातें कहते हुए एक कर्मचारी ने युवक को रोका तो उसने जवाब दिया कि अगर अंदर सब ठीक होता तो मैं यूं बाहर नहीं आता।

ये तस्वीर इंडोर स्टेडियम के अस्पताल की है, कांग्रेस के कई नेता इस तस्वीर को साझा कर विदेशों से इसकी तुलना कर रहे हैं।
ये तस्वीर इंडोर स्टेडियम के अस्पताल की है, कांग्रेस के कई नेता इस तस्वीर को साझा कर विदेशों से इसकी तुलना कर रहे हैं।

जिनका ऑक्सीजन लेवल सामान्य उन्हें कर रहे भर्ती
स्टेडियम में बने इस अस्पताल की व्यवस्था देख रहे अफसर आरबी सोनी ने बताया कि अब यहां ऑक्सीजन लेवल की जांच के बाद ही एडमिट किया जा रहा है। यहां वेंंटिलेटर की सुविधा नहीं है। मंगलवार की रात 3 मरीजों की मौत हुई। बुधवार को दिनभर में 12 अन्य मरीजों की मौत हुई। सोनी ने कहा कि यहां 5 डॉक्टर्स की ड्यूटी लगी है जो कि मरीजों को सेवाएं दे रहे हैं। हर संभव मदद की जा रही है।

ये सुविधाएं हैं यहां
इंडोर स्टेडियम में बने अस्पताल में 360 बेड लगे हैं। सरकार की तरफ से कहा गया कि स्टेडियम के अस्पताल को 4 दिन में तैयार किया गया है। स्टेडियम में ही ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है। इस अस्थायी कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन के साथ 286 बिस्तर तैयार किए गए हैं, इसके अलावा 74 आइसोलेशन बेड भी यहां उपलब्ध हैं। इनमें 219 बेड पर ऑक्सीजन कंसनट्रेटर लगाए गए हैं, जिसमें ऑक्सीजन के साथ ही साथ नेबुलाइजेशन की सुविधा होगी। इस अस्थायी कोविड अस्पताल में फिल्में, समाचार, TV, सीरियल कैरम व अन्य इंडोर गेम, वार्ड में इंटर काॅम और फ्री वाई-फाई का भी इंतजाम है।

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