प्रदेश को मिली अब तक की सबसे बड़ी खेप:रेमडेसिविर के 15 हजार इंजेक्शन आए ढाई हजार मरीजों के काम आ सकेंगे

रायपुर9 महीने पहले
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एयरपोर्ट पर रेमडेसिविर इंजेक्शन की खेप पहुंचने पर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी। - Dainik Bhaskar
एयरपोर्ट पर रेमडेसिविर इंजेक्शन की खेप पहुंचने पर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी।
  • सरकारी व निजी अस्पतालों को डायरेक्ट सप्लाई, 90 हजार और आएंगे
  • रेडक्रास मेडिकल स्टोर व खुले बाजार में नहीं मिलेंगे इंजेक्शन

प्रदेश में शुक्रवार को 15 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन की बड़ी खेप पहुंच गई है। इसे प्रदेश के मेडिकल कॉलेज व सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों को भी दिया जाएगा, जहां कोरोना का इलाज हो रहा है। रेडक्रास मेडिकल स्टोर व खुले बाजार में एक भी इंजेक्शन नहीं दिया जाएगा। हेल्थ अफसरों का कहना है कि इंजेक्शन का दुरुपयोग होने की वजह से रेडक्रास मेडिकल स्टोर और खुले बाजार को फिलहाल इंजेक्शन नहीं देने का फैसला लिया गया है।

प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की बड़ी खेप पहुंचने से अब अस्पतालों को राहत की उम्मीद है। इतने डोज 6-6 के हिसाब से 2500 मरीजों के लिए पर्याप्त हैं। प्रदेश में अगले कुछ दिन में रेमडेसिविर के 90 हजार इंजेक्शन आएंगे। इससे गंभीर मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है। प्रदेश में 1.22 लाख एक्टिव मरीज हैं, जिसमें राजधानी के 18 हजार संक्रमित शामिल हैं। रोजाना 15 हजार के आसपास मरीज रिकवर हो रहे हैं। कुल एक्टिव मरीजों की 10 से 15 फीसदी मरीज गंभीर हैं। उन्हीं मरीजों को रेमडेसिविर का इंजेक्शन लगाया जाएगा। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के इलाज के लिए रेमडेसिविर रामबाण नहीं है। फिर भी, जिनका ऑक्सीजन सेचुरेशन कम हो उनके लिए यह अब तक कारगर साबित हुआ है।

किन मरीजों काे रेमडेसिविर, रखना होगा इसका रिकार्ड
प्रदेश में शुक्रवार को 15 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन की बड़ी खेप पहुंच गई है। इसे प्रदेश के मेडिकल कॉलेज व सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों को भी दिया जाएगा, जहां कोरोना का इलाज हो रहा है। रेडक्रास मेडिकल स्टोर व खुले बाजार में एक भी इंजेक्शन नहीं दिया जाएगा। हेल्थ अफसरों का कहना है कि इंजेक्शन का दुरुपयोग होने की वजह से रेडक्रास मेडिकल स्टोर और खुले बाजार को फिलहाल इंजेक्शन नहीं देने का फैसला लिया गया है।

प्रदेश में रेमडेसिविर इंजेक्शन की बड़ी खेप पहुंचने से अब अस्पतालों को राहत की उम्मीद है। इतने डोज 6-6 के हिसाब से 2500 मरीजों के लिए पर्याप्त हैं। प्रदेश में अगले कुछ दिन में रेमडेसिविर के 90 हजार इंजेक्शन आएंगे। इससे गंभीर मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है। प्रदेश में 1.22 लाख एक्टिव मरीज हैं, जिसमें राजधानी के 18 हजार संक्रमित शामिल हैं। रोजाना 15 हजार के आसपास मरीज रिकवर हो रहे हैं। कुल एक्टिव मरीजों की 10 से 15 फीसदी मरीज गंभीर हैं। उन्हीं मरीजों को रेमडेसिविर का इंजेक्शन लगाया जाएगा। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के इलाज के लिए रेमडेसिविर रामबाण नहीं है। फिर भी, जिनका ऑक्सीजन सेचुरेशन कम हो उनके लिए यह अब तक कारगर साबित हुआ है।

पर्ची पर पूरी डिटेल मांगी
यह भी लिखा है कि अगर अस्पताल के पास इंजेक्शन नहीं है तो डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन (हॉस्पिटल पर्ची) में डोज नंबर, मरीज का ऑक्सीजन लेवल का लिखा जाना अनिवार्य होगा। उस पर दवा लिखने वाले डॉक्टर का नाम, सील और कोरोना की जांच रिपोर्ट अवश्य भेजी जाए। किन मरीजों को इंजेक्शन लगाया गया है इसकी पूरी जानकारी रोज सीएमएचओ के पास भेजी जाए। जरूरत पड़ने पर विभागीय अिकारी इसकी ऑडिट भी करेंगे।

रायपुर में 2201 समेत प्रदेश में 12010 नए मरीज 100 मौतें
प्रदेश में शुक्रवार को राजधानी में 2201 समेत प्रदेश में कोराेना के 12010 नए मरीज मिले हैं। रायपुर में 50 समेत 100 मरीजों की कोरोना से मौत भी हुई है। प्रदेश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 6774 से ज्यादा पहुंच गई है। अब रोजाना 50 हजार के आसपास सैंपलों की जांच हो रही है। हालांकि गुरुवार को 55 हजार सैंपलों की जांच की गई। इसमें 60 फीसदी रैपिड एंटीजन किट व बाकी आरटीपीसीआर किट से की गई। केंद्र सरकार पहले ही आरटीपीसीआर से जांच बढ़ाने को कह चुका है, लेकिन इसकी संख्या नहीं बढ़ी है।

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