डेंगू का डंक:शहर में डेंगू के 150 मरीज दूसरे राज्यों के इससे ही फैला, 4 दिन की जांच में खुलासा

रायपुर12 दिन पहले
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शहर में डेंगू मरीजों की संख्या 457 के पार पहुंचने के बाद जांच के लिए निकली प्रदेश स्तरीय विशेषज्ञों की टीम ने चार दिन की जांच के बाद एक बड़ा खुलासा किया है। जिसके मुताबिक पुराने शहर में डेंगू के मामले फैलाने में बाहरी राज्य से आए मुसाफिर ही अधिक रहे हैं। रायपुर में 150 से अधिक ऐसे मरीजों में एमपी, यूपी, बिहार, ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश से आए यात्री डेंगू पॉजिटिव निकले हैं।

प्रदेश स्तरीय टीम की रिपोर्ट के मुताबिक अन्य राज्यों के जरिए ही रायपुर में डेंगू का संक्रमण फैला, इससे मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। रायपुर में 457 से अधिक मरीजों में से 150 यानी 32 फीसदी से अधिक मरीज बाहरी राज्यों के रहे हैं। जो अवसर, इलाज या दूसरे किन्हीं कारणों से प्रदेश में अगस्त-सितंबर में डेंगू के पीक के दौरान आए। प्रदेश स्तरीय टीम ने जांच में ये भी पाया है कि डेंगू को लेकर एक बड़ी लापरवाही स्थानीय स्तर पर भी हुई है। जिसमें सोर्स डिटेक्शन के लिए टीमें घरों के अंदर तक नहीं गई है। केवल खानापूर्ति के बाहर रखे कूलर गमलों का ही पानी खाली करवा लिया गया। घर के अंदर जमा पानी जिसमें लार्वा पैदा हुआ, उसकी जांच ही नहीं की गई। इसलिए भी ऐसे घर जहां डेंगू पॉजिटिव मिले उसके बावजूद अच्छी तरह जांच नहीं करने की वजह से आसपड़ोस में भी संक्रमण फैलता रहा।

डेंगू अब खात्मे की ओर
प्रदेश स्तरीय टीम के जानकारों का कहना है कि रायपुर में डेंगू अब खात्मे की ओर है। रायपुर में फिलहाल हर दिन औसतन 2 केस मिल रहे हैं। यानी डेंगू का पीक अब ढलान पर आ गया है। शहर में अगले दस दिन में नए केस मिलना खत्म हो सकते हैं। क्योंकि डेंगू मच्छर का ब्रीडिंग टाइम भी अब खत्म हो जाएगा। हालांकि देश के अन्य राज्यों में डेंगू मच्छर का ब्रीडिंग पीरियड अलग अलग होता है। जैसे आंध्र प्रदेश दिल्ली जैसी जगहों में सर्दियों के मौसम भी मरीज मिलते रहते हैं। जबकि प्रदेश में अक्टूबर के बाद से डेंगू मच्छरों की कमी होने लगती है।

अच्छी तरह करें सोर्स की जांच
राज्य स्तरीय टीम ने जांच में स्थानीय स्तर पर डेंगू फैलाने वाले मच्छर लार्वा आदि की जांच के लिए सघन रूप से काम करने की हिदायत दी है। जिसके तहत सोर्स की पड़ताल के लिए केवल बाहर से टीम को जांच करके नहीं आना चाहिए, बल्कि घरों के अंदर भी कहीं लार्वा आदि पनपने के स्त्रोत हों तो उनको भी अच्छी तरह खाली करवाना चाहिए। जांच में ये भी पता चला है कि बहुत से ऐसे दूसरे राज्यों के मरीज जो रायपुर में डेंगू पॉजिटिव आए, उनमें से अधिकांश इलाज के दौरान ही अपने राज्यों में भी चले गए। शहर में जुलाई से अक्टूबर के बीच मिले मरीजों की संख्या 400 से अधिक रही है।

रायपुर में डेंगू के 150 से अधिक मरीज जांच के दौरान ऐसे मिले जो दूसरे राज्यों से शहर में आए। ये शहर में संक्रमण के फैलने की एक अहम वजह रही है।
- डॉ. सुभाष मिश्रा, डायरेक्टर, एपिडेमिक कंट्रोल

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